MP me vedic kal |वैदिक काल- मध्य प्रदेश का इतिहास


वैदिक काल मध्य प्रदेश का इतिहास

वैदिककाल- मध्य प्रदेश का इतिहास

  • आर्यों के भारत में आगमन के साथ प्रारंभ
  • वैदिक सभ्यता आर्यों ने स्थापित की (1500-1000 ई.पू.) 
  • आर्यों  में पंजाब में बसने के बाद अन्य स्थानों पर प्रवेश किया
  • यादवों का एक कबीला भी इस क्षेत्र में आकार बसा
  • कालांतर में अत्री, पाराशर, भारद्वाज, भार्गव आये।
  • उत्तरवैदिक सभ्यता (1000-600 ई.पू.) में ऐतरेय ब्राह्मण ग्रंथ के अनुसार विन्ध्यांचल के घने जंगलों में निषाद जाति रहती थी।
  • मनु (वैवस्वत) के 10 पुत्रों में से एक कारूष ने कारूष वंश (बघेलखण्ड) की स्थापना की।
  • चंद्रवंश (ऐलवंश)-मनु की पुत्री इला का विवाह सोम से हुआ और ऐलवंश की स्थापना हुई।
  • सोम (पुरूखा/पुरूवा) के पुत्र आयु और अमावस हुए।
  • सोम शासन बुंदेलखंड में था।
  • आयु के पुत्र यर्थात हुए। जिसने अपना साम्राज्य 5 पुत्रों में बाँट दिया। पुत्र यदु को चर्मणवती (चंबल), वेत्रवती (बेतवा), शुक्तमती (केन) नदी घाटी क्षेत्र मिला। यदु के नाम पर यादव वंश स्थापित हुआ।

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