मध्यप्रदेश विधानसभा | Madhya Pradesh Legislative Assembly GK

protem speaker kaun hota hai

मध्यप्रदेश विधानसभा

  • संविधान के अनुच्छेद 170 के अनुसार, राज्यों में विधान सभा के सदस्यों की  अधिकतम संख्या 500 और न्यूनतम संख्या 60 निर्धारित की गई हैं
  • राज्य विधानमंडल को आवंटित सीटें 1971 की जनगणना के आधार पर निर्धारित की गई हैं, जबकि राज्य के अंदर विधान सभा क्षेत्रों का पुनर्गठन वर्ष 2001 की जनगणना के अधार पर किया गया है।
  • 84वें संविधान संशोधन 2001 के अनुसार राज्य विधान सभी के लिए आवंटित सीटें वर्ष 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के बाद पुनः निर्धारित की जाएगी।
  • मध्य प्रदेश में विधानसभी सदस्यों की संख्या 230 है, जिसमें अनुच्छेद 332 के अंतर्गत अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों के लिए कुल 82 स्थान आरिक्षत किये गये हैं।
  • मध्य प्रदेश की प्रथम विधानसभा का गठन 1 नवंबर 1956 को किया गया था, जिसका विघटन 5 मार्च 1957 को हुआ था। इसका पहला और अंतिम अधिवेशन 17 दिसम्बर 1956 से 17 जनवरी 1956 के मध्य संपन्न हुआ था। द्वितीय विधानसभी का गठन 1 अप्रैल 1957 को हुआ जिसे 7 मार्च 1962 को विघटित कर दिया गया।

विधानसभा सदस्यों की योग्यताएँ

  1. वह भारत का नागरिक  हो।
  2. यह 25 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।
  3. वह पागल या दिवाललिया न हो।
  4. वह शासकीय सेवा में न हो, अर्थात् किसी लाभ के पद पर कार्यरत न हो तथा संसद द्वारा निर्धारित की गई अन्य अर्हताओं को पूर्ण करता हो।

विधानसभा का कार्यकाल
  • राज्य विधानसभा की अवधि 5 वर्ष निर्धारित की गई है एवं अवधि को अनुच्छेद 172 के अंतर्गत राष्ट्रीय आपातकाल के समय एक बार में केवल एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता हैं
  • राज्यपाल द्वारा 5 वर्ष की अवधि पूर्ण होने से पहले भी विधानसभा का विघटन किया जा सकता हैं
  • राज्य विधानसभा का विघटन सामान्यताः मुख्यमंत्री की सलाह पर किया जाता है, परन्तु मुख्यमंत्री की सलाह के बिना राज्यपाल स्वविवेक से विधानसभा का विघटन कर सकता हैं
  • विधानसभा के दो सत्रों के मध्य 6 महीने से अधिक का अंतराल नहीं होना चाहिए। सामान्यतः विधानसभा के तीन सत्र होते हैं- बजट सत्र, ग्रीष्म कालीन सत्र, और शीतकालीन सत्र।
  • इनके अतिरिक्त, राज्यपाल द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र भी आयोजित किया जा सकता है। विधानसभा के कार्य संचालन के लिए  गणपूर्ति का होना आवश्यक है, जो विधानसभा के कुल सदस्य संख्या का 1/10 भाग होना चाहिए, जिसकी न्यूनतम संख्या 10 निर्धारित है।

विधानासभा अध्यक्ष

  • विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव विधानसभा के सदस्यों द्वारा सामान्य बहुमत से किया जाता है। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष उसके दायित्वों का निर्वहन करता है।

विधानसभा अध्यक्ष के कार्य
  • विधानसभा का अध्यक्षविधानसभा की बैठकों का संचालन करता है एवं सदन में शांति व्यवस्था बनाये रखता है। विधानसभी के नियमों की व्याख्या का अधिकार भी विधानसभा अध्यक्ष को होता हैं
  • सदन के नेता के परामर्श से वह सदन की कार्यवाही का क्रम निर्धारित करता है। विधानसभा अध्यक्ष यह निर्णय करता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है अथवा नहीं।
  • विधानसभा अध्यक्ष सामान्यतः मतदान में भाग नहीं लेता पंरतु किसी प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में बराबर मत होने पर वह निर्णायक मत देता है।

स्मरणीय तथ्य
  • मध्यप्रदेश के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष पं. कुंजीलाल दुबे थे, जिनका कार्यकाल सर्वाधिक लंबा था।
  • मध्यप्रदेश के प्रथम विधान सभी उपाध्यक्ष श्री विष्णु विनायक सरवटे थे तथा सर्वाधिक लंबा कार्यकला श्री भेरूलाल पाटीदार का था।
  • 15वीं विधानसभा अध्यक्ष के अध्यक्ष श्री नर्मदा प्रसाद प्रजापति तथा उपाध्यक्ष हीना कावरे हैं।

मध्यप्रदेश के विधानसभा अध्यक्षों की सूची


विधान सभा  नाम कार्यकाल
1 (1956-1957)
पं.कुंजीलाल दुबे
01/11/1956 से 17/12/1956
2(1957-1962)  पं. कुंजीलाल दुबे 02/07/1957 से 26/03/1962
3(1962-1967)
पं. कुंजीलाल दुबे 27/03/1962 से 07/03/1967
(1967-1972) श्री काशीप्रसाद पाण्‍डे  24/03/1967 से 24/03/1972
5 (1972-1977)
श्री तेजलाल टेंभरे 25/03/1972 से 10/08/1972
5 (1972-1977)
श्री गुलशेर अहमद 14/08/1972 से 14/07/1977
6 (1977-1980)
श्री मुकुन्‍द सखाराम नेवालकर 15/07/1977 से 02/07/1980
7 (1980-1985)
श्री यज्ञदत्‍त शर्मा 03/07/1980 से 19/07/1983
7 (1980-1985)
श्री रामकिशोर शुक्‍ला 05/03/1984 से 13/03/1985
8 (1985-1990)
श्री राजेन्‍द्र प्रसाद शुक्‍ल 25/03/1985 से 19/03/1990
9 (1990-1992)
श्री बृजमोहन मिश्रा 20/03/1990 से 22/12/1993
10 (1993-1998)
श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी 24/12/1993 से 01/02/1999
11 (1998- 2003)
श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी     02/02/1999 से 11/12/2003
12 (2003 से 2008)
श्री ईश्वरदास रोहाणी 16/12/2003 से 04/01/2009
13 (2008 से 2013)
श्री ईश्वरदास रोहाणी 07/01/2009 से 05/11/2013
14 (2013 से 2018)
डॉ. सीतासरन शर्मा 09/01/2014 से 01/01/2019
14 2 जुलाई, 2020 
श्री रामेश्वर शर्मा
सामयिक अध्यक्ष, म. प्र. विधान सभा

वर्तमान विधानसभा सदस्यों की सूची देखने के लिए क्लिक करें 

प्रोटेम स्पीकर

  • प्रोटेम स्पीकर अस्थाई अध्यक्ष होता है। यह चुनाव के बाद प्रथम सत्र में नवनिर्वाचित सदस्यों (विधायकों) को शपथ दिलाता है तथा स्थाई अध्यक्ष के नियुक्त होने तक विधानसभा का संचालन करता है।
  • मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रथम प्रोटेम स्पीकर श्री काशी प्रसाद पाण्डेय थे। 15 वीं विधानस के प्रोटेम स्पीकर श्री दीपक सक्सेना नियुक्त किये गए थे।

मध्य प्रदेश विधान सभा भवन

  • मध्य प्रदेश विधान सभा का भवन भोपाल (अरेरा हिल्स) में स्थित है। इसके पूर्व विधानसभा की बैठकें 1909 में सुल्तान जहां बेगम द्वारा निर्मित मिंटो हॉल में होती थीं।
  • नवीन विधानसभा भवन का निर्माण 14 सितंबर 1984 में प्रारंभ किया गया था, जिसका उद्घाटन 03 अगस्त 1996 को तत्कालीन राष्ट्रपति शंकरदयाल शर्मा के द्वारा किया गया।
  • इस भवन का नाम इंदिरा गांधी विधानसभा भवन रखा गया, जिसके वास्तुकार चार्ल्स कोरिया थे।
  • विधानसभा के प्रवेश द्वारा पर जीवन वृक्ष नामक विशाल पेटिंग निर्मित की गई हैªपति शंकरदयाल शर्मा के द्वारा किया गया।
  • इस भवन का नाम इंदिरा गांधी विधानसभा भवन रखा गया, जिसके वास्तुकार चार्ल्स कोरिया थे।
  • विधानसभा के प्रवेश द्वारा पर जीवन वृक्ष नामक विशाल पेटिंग निर्मित की गई है जिसमें प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों को प्रदर्शित किया गया है, तथा इसके मुख्य द्वार पर कुंड की संरचना निर्मित है, जिसकी भित्तियों प्रसिद्ध चित्रकार जवगढ़ श्याम द्वारा चित्रांकन किया गया है।
  • इस नवीन विधानसभा भवन को वास्तुकला के क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध आगा खां अवार्ड भी प्राप्त हो चुका हैं

मध्यप्रदेश वर्तमान विधानसभा की संरचना

विधानसभा  15 वीं  विशेषता 
कुल सदस्य  
231
(230 निर्वाचित तथा 1 नामांकित)
230 निर्वाचित सदस्यों में
सामान्य 148
अनुसूचित जाति 35


अनुसूचित जनजाति 47
वर्तमान विधानसभा का क्रम 15वां
निर्वाचित सदस्य
कुल 230
पुरूष 209
महिला 21
सरकार का गठन  17 दिसंबर 2018
मुख्यमंत्री 
कमलनाथ
(भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)
Also Read ...

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.