Current Affairs Summary October 2022 in Hindi |समसामयिकी सारांश अक्टूबर 2022

 Current Affairs Summary October 2022 in Hindi 

Current Affairs Summary October 2022 in Hindi |समसामयिकी सारांश अक्टूबर  2022


Current Affairs Summary October 2022 in Hindi  


अंतर्राष्ट्रीय  वृद्धजन दिवस  1 अक्टूबर 

प्रत्येक वर्ष 1 अक्तबर को संपूर्ण विश्व में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (International Day of Elderly Persons) के रूप में मनाया जाता है। संपूर्ण विश्व में बुजुर्गों के प्रति हो रहे दुर्व्यवहार और अन्याय को समाप्त करने, लोगों में जागरुकता बढ़ाने तथा वृद्धों की सामजिक-आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने के लिये 14 दिसंबर, 1990 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा प्रत्येक वर्ष '1 अक्तूबर' को 'अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। 


 5G सेवाओं की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 01 अक्टूबर , 2022 को नई दिल्ली में 5G सेवाओं की शुरुआत की। यह तकनीक बिना बिलंब के अत्यधिक डेटा दर और उच्च विश्वसनीय संचार प्रदान करेगी। 5G तकनीक ऊर्जा, स्पेक्ट्रम और नेटवर्क की दक्षता में भी वृद्धि करेगी। सरकार का लक्ष्य दो वर्षों में पूरे देश में 5G सेवाओं की सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। इसके लिये करीब तीन लाख करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। डिजिटल कनेक्टिविटी सरकार के प्रमुख नीतिगत कार्यक्रमों डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया का महत्त्वपूर्ण हिस्‍सा रही है। प्रधानमंत्री भारतीय मोबाइल काॅन्ग्रेस (IMC) के छठे संस्करण का भी उद्घाटन किया। 04 अक्तूबर तक चलने वाले IMC 2022 का विषय है- नया डिजिटल ब्रह्मांड।

 

विश्व पशु कल्याण दिवस

प्रतिवर्ष 4 अक्टूबर  को विश्व पशु कल्याण दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन असीसी के सेंट फ्राँसिस का जन्म दिवस होता है जो कि जानवरों के महान संरक्षक थे। सर्वप्रथम इस दिवस का आयोजन वर्ष 1931 में परिस्थिति विज्ञानशास्रीयों के सम्मलेन में इटली के शहर फ्लोरेंस में शुरू हुआ था। विश्व पशु कल्याण दिवस, 2022 की थीम "साझा ग्रह” (A Shared Planet) है। इस दिवस का मूल उद्देश्य पशु कल्याण मानकों में सुधार करना, व्यक्तियों, समूहों एवं संगठनों का समर्थन प्राप्त करना, जानवरों के प्रति प्यार प्रकट करना ताकि उनका जीवन सक्षम व बेहतर हो सके तथा पशुओ के कल्याण के संदर्भ में जागरूकता फैलाना है। ध्यातव्य है कि देश में पशु संरक्षण को बढ़ावा देने और पशुओं  के प्रति क्रूरता को समाप्त करने हेतु ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960’ लागू किया गया है। इस अधिनियम का लक्ष्य अनावश्यक सज़ा या जानवरों के उत्पीड़न की प्रवृत्ति’ को रोकना है। अधिनियम में क्रूरता और जानवरों का उत्पीड़न करने पर सज़ा का प्रावधान भी है। साथ ही यह अधिनियम जानवरों एवं जानवरों के विभिन्न प्रकारों को परिभाषित करता है।


हरियाणा का राष्‍ट्रीय रिकॉर्ड

गुजरात में 36वें राष्‍ट्रीय खेलों में पुरूषों की 4X400 मीटर रिले दौड़ में हरियाणा ने राष्‍ट्रीय रिकॉर्ड के साथ स्‍वर्ण, सेना ने रजत और तमिलनाडु ने कांस्‍य पदक जीता है। हरियाणा 14 स्‍वर्ण, 7 रजत और 8 कांस्‍य सहित कुल 29 पदक जीतकर शीर्ष पर बना हुआ है। नौ स्‍वर्ण, छह रजत एवं सात कांस्‍य पदकों के साथ सेना दूसरे स्‍थान पर है। उत्‍तर प्रदेश नौ स्‍वर्ण, चार रजत और सात कांस्‍य पदकों के साथ पदक तालिका में तीसरे स्‍थान पर है। महिलाओं की पोल वॉल्‍ट स्पर्द्धा में तमिलनाडु की रोज़ी मीना पॉलराज ने 4.2 मीटर छलांग लगाकर नया राष्‍ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। उन्‍होंने वी. एस. सुरेखा के आठ वर्ष पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा है। जेसविन एल्ड्रिन ने पुरूषों की लंबी कूद में 8.26 मीटर की छलांग लगाकर स्‍वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्‍होंने वर्ष 2023 में हंगरी के बुडापेस्‍ट में होने वाली विश्‍व एथलेटिक्‍स चैंपियनशिप के लिये क्‍वालीफाई कर लिया। महिलाओं की सौ मीटर बाधा दौड़ में राष्‍ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाली आन्‍ध्र प्रदेश की ज्‍योति याराजी ने 11.51  सेकंड का समय लेकर स्‍वर्ण पदक जीता। वर्ष 1920 के दशक में राष्ट्र का ध्यान आकर्षित करने वाले ओलंपिक में राष्ट्रीय खेल शामिल हैं। भारत में राष्ट्रीय खेलों को पहली बार भारतीय ओलंपिक खेलों के रूप में राष्ट्र में ओलंपिक खेलों को बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया था। वर्ष 1924 में अविभाजित पंजाब के लाहौर में भारतीय ओलंपिक खेलों का पहला संस्करण संपन्न हुआ। सात साल बाद होने वाले राष्ट्रीय खेलों में भारत के सर्वश्रेष्ठ एथलीट गुजरात के छह शहरों में 36 खेलों में प्रतिस्पर्द्धा करेंगे। 36वें राष्ट्रीय खेलों के लिये आधिकारिक शुभंकर ‘सावज’ (SAVAJ) है। यह खिलाड़ी के व्यक्तित्व के सबसे प्रमुख लक्षणों जैसे- आत्मविश्वास, जोश, प्रेरणा, सफल होने की आंतरिक इच्छा, ध्यान और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना अदि पर बल देता है।


जय जवान जय किसान

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्तूबर, 1904 को हुआ था। ध्यातव्य है कि 2 अक्तूबर का यह दिन हमारे देश के दो महापुरुषो को समर्पित है। इस दिन सिर्फ गांधी जी की ही नहीं बल्कि लाल बहादुर शास्त्री जी की भी जंयती मनाई जाती है। इस दिन लोग गांधी जी के विचारों के साथ ही शास्त्री जी के देशप्रेम और त्याग को भी याद करते हैं। लाल बहादुर शास्त्री करोड़ो भारतीयों के प्रेरणा स्त्रोत हैं। वह 1964 से लेकर 1966 तक देश के प्रधानमंत्री रहे, अपने इस छोटे से कार्यकाल में उन्होंने कई महत्त्वपूर्ण कार्य किये। 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने देश में ‘भोजन की कमी’ के बीच सैनिकों और किसानों का मनोबल बढ़ाने के लिये ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया। शास्त्री जी ने प्रधानमंत्री के साथ-साथ स्वाधीनता सेनानी के रुप में भी देश की सेवा की। अपने गुरु महात्मा गांधी के ही लहजे में एक बार उन्होंने कहा था- “मेहनत प्रार्थना करने के समान है।” महात्मा गांधी के समान विचार रखने वाले लाल बहादुर शास्त्री भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठ पहचान हैं। 


मतदाता जागरूकता कार्यक्रम मतदाता जंक्शन 

भारत निर्वाचन आयोग ने 3 अक्तूबर, 2022 से आकाशवाणी पर वर्ष भर चलने वाले मतदाता जागरूकता कार्यक्रम मतदाता जंक्शन का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम की 52 कडि़याँ होंगी,जिनमें प्रत्येक की अवधि 15 मिनट की होगी। इसे प्रत्येक शुक्रवार को विविध भारती स्टेशनों, एफएम रेनबो, एफएम गोल्ड और आकाशवाणी के मुख्‍य चैनलों पर देश भर में 23 भाषाओं में प्रसारित किया जाएगा। यह कार्यक्रम देश भर के मतदाताओं में जागरूकता पैदा करने में मदद करेगा। कार्यक्रम की प्रत्‍येक कडी चुनाव प्रक्रिया के एक  विशेष विषय पर आधारित होगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अभिनेता पंकज त्रिपाठी को निर्वाचन आयोग का राष्ट्रीय आइकन घोषित किया है। वर्तमान में देश में 95 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। इनकी संख्‍या लगातार बढ़ रही है। इस साप्ताहिक कार्यक्रम में मतदाताओं के लिये आवश्‍यक  सभी जानकारियाँ दी जाएंगी। कार्यक्रम में शामिल सभी 52 विषयों का उद्देश्य नागरिकों एवं विशेष रूप से युवा व पहली बार मतदाता बने लोगों को मतदान में भाग लेने के लिये प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम की प्रत्‍येक कड़ी में निर्वाचन आयोग के “व्यवस्थित मतदाता शिक्षा तथा इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन” (SVEEP) द्वारा तैयार प्रश्नोत्तरी, विशेषज्ञों का साक्षात्कार और गीतों को शामिल किया जाएगा। कार्यक्रम में कोई भी नागरिक सवाल पूछ सकता है या मतदान के किसी भी पहलू पर सुझाव दे सकता है। कार्यक्रम का पहला एपिसोड 7 अक्तूबर, 2022 को प्रसारित किया जाएगा।


विश्व शिक्षक दिवस 05 अक्टूबर 

विश्व भर में 05 अक्तूबर को विश्व शिक्षक दिवस (World Teachers Day) मनाया जाता है। इसे अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस (International Teachers Day) के रूप में भी जाना जाता है। यह दिवस दुनिया में शिक्षकों की स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यूनेस्को और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के बीच वर्ष 1966 में हुई बैठक में इसका निर्णय लिया गया था। विश्व शिक्षक दिवस न केवल शिक्षकों के लिये बल्कि छात्रों के लिये भी एक विशेष दिन है। इस दिन शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके विशेष योगदान के लिये सम्मानित किया जाता है। प्रत्येक वर्ष यूनिसेफ, यूएनडीपी, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन तथा यूनेस्को द्वारा एक साथ मिलकर विश्व शिक्षक दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। विश्व शिक्षक दिवस 2022 की थीम ‘शिक्षा का परिवर्तन शिक्षकों से शुरू होता है'(The Transformation of Education Begins with Teachers) है।


नानसेन रिफ्यूजी अवॉर्ड

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) ने घोषणा की है कि पूर्व जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल को वर्ष 2022 का UNHCR नानसेन रिफ्यूजी अवॉर्ड प्रदान किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, मर्केल को उनके नेतृत्व, साहस और करुणा के लिये इस पुरस्कार के लिये चुना गया है। जिनकी वजह से शरण की तलाश कर रहे लाखों हताश लोगों का संरक्षण सुनिश्चित करने में मदद मिली, मर्केल के नेतृत्व में जर्मनी ने वर्ष 2015 और 2016 में 1.2 मिलियन से अधिक शरणार्थियों एवं शरण चाहने वालों का स्वागत किया। ये शरणार्थी सीरिया समेत अन्य स्थानों पर हिंसक संघर्ष व टकराव के कारण जान बचाने के लिये जर्मनी पहुँचे थे। UNHCR के अनुसार, तत्कालीन जर्मन चांसलर ने अपने साथियों से  जर्मनों से विभाजनकारी राष्ट्रवाद को खारिज करने का आह्वान किया और उनसे आत्मनिर्भर एवं स्वतंत्र, दयालु तथा खुले विचारों को अपनाने का आग्रह किया। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त द्वारा प्रत्येक वर्ष नानसेन पुरस्कार किसी व्यक्ति, समूह या संगठन को शरणार्थियों, स्टेटलेस या विस्थापित लोगों की सहायता हेतु उनके योगदान के लिये दिया जाता है। वर्ष 1954 में यह संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त आर्कटिक खोजकर्त्ता और मानवतावादी फ्रिड्टजॉफ नानसेन के सम्मान में स्थापित किया गया था। यह पुरस्कार पाने वाले पहले व्यक्ति एलेनोर रूज़वेल्ट थे।


विश्व कपास दिवस  7 अक्टूबर 

प्रत्येक वर्ष 7 अक्टूबर  को दुनिया भर में ‘विश्व कपास दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, आर्थिक विकास और गरीबी उन्मूलन में कपास क्षेत्र की महत्त्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र, विश्व कपास दिवस (UN World Cotton Day) मनाता है। उल्लेखनीय है कि इस दिवस को मनाने की पहल वर्ष 2019 में हुई थी। जब उप-सहारा अफ्रीका में चार कपास उत्पादकों-बेनिन‚ बुर्किना फासो‚ चाड और माली‚ जिन्हें ‘कॉटन फोर’ के नाम से जाना जाता है‚ ने प्रतिवर्ष 7 अक्तूबर को यह दिवस मनाने का प्रस्ताव विश्व व्यापार संगठन को दिया था। कपास एक ऐसा फैब्रिक है जो विश्व भर में 100 मिलियन से अधिक परिवारों को लाभान्वित करता है। विश्व के केवल 2.1 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि पर कपास की खेती होती है लेकिन यह विश्व की वस्त्र ज़रूरतों के 27 प्रतिशत को पूरा करती है।भारत में 360 लाख गाँठ (6.12 मिलियन मीट्रिक टन) कपास उत्पादित होता है‚ जो संपूर्ण विश्व में पैदा होने वाले कपास का लगभग 25 प्रतिशत है। भारत‚ विश्व में कपास का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक तथा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है।


वन्यजीव सप्ताह

वन्यजीव सप्ताह प्रतिवर्ष भारत में 2 से 8 अक्टूबर  तक मनाया जाता है। भविष्य में वन्यजीवों की समाप्ति की आशंका के कारण भारत में सर्वप्रथम 7 जुलाई, 1955 में 'वन्यजीव दिवस' मनाया गया। यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष 2 अक्तूबर से पूरे सप्ताह तक वन्यजीव सप्ताह मनाया जाएगा। वर्ष 1956 से वन्यजीव सप्ताह मनाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य यह है कि हमें हमेशा प्रत्येक वन्यजीव, पशु-पक्षियों और पौधों को पूर्ण रूप से सुरक्षा प्रदान करनी चाहिये। इसके लिये केंद्र सरकार ने कुछ क्षेत्रों को अभयारण्य या राष्ट्रीय उद्यान के रूप में भी घोषित किया है। सरकार ने अधिनियम के तहत सभी जंगली जानवरों और पक्षियों आदि के शिकार पर रोक लगाने का फैसला लिया। सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान भी किया गया है। प्रकृति के अनुसार मानव, पर्यावरण और वन्यजीव एक-दूसरे से किसी न किसी रूप में जुड़े हुए हैं। मानव शरीर व मस्तिष्क को स्वस्थ रखने, शुद्ध ऊर्जा प्राप्त करने के लिये पर्यावरण को शुद्ध व साफ-सुथरा रखना बेहद ज़रूरी है। पर्यावरण से ही मानव का जीवन संभव है और पर्यावरण को शुद्ध व साफ-सुथरा रखना है तो इनकी सुरक्षा करना ज़रूरी है।


विश्व अंतरिक्ष सप्ताह 2022

भारतीय अंतरिक्ष शोध संस्थान (ISRO) और अटल इनोवेशन मिशन (AIM) दोनों के सहयोग से विश्व अंतरिक्ष सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान स्‍कूली बच्चों को खगोलीय ज्ञान और विज्ञान के प्रति रूचि बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय अंतरिक्ष क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। विश्व अंतरिक्ष सप्ताह एक अंतर्राष्ट्रीय समारोह है जो विज्ञान एवं तकनीकी को समर्पित है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने वर्ष 1999 में विश्व अंतरिक्ष सप्ताह मनाए जाने की घोषणा की थी। विश्व अंतरिक्ष सप्ताह प्रत्येक वर्ष 04 से 10 अक्तूबर तक मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 04 अक्तूबर को होती है। इसी दिन वर्ष 1957 में मानव द्वारा निर्मित पहले अर्थ सैटेलाइट स्पूतनिक-1 को लॉन्च किया गया था। विश्व अंतरिक्ष सप्ताह के प्रमुख लक्ष्य स्पेस आउटरीच और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष अवसर प्रदान करना, दुनिया भर के लोगों को अंतरिक्ष से मिलने वाले लाभ के प्रति जागरूक करना, सतत् आर्थिक विकास के लिये अंतरिक्ष के अधिक से अधिक उपयोग को प्रोत्साहित करना, अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिये आम लोगों का समर्थन जुटाना, युवा पीढ़ी को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना, अंतरिक्ष आउटरीच एवं शिक्षा में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।

 

भारतीय वायुसेना दिवस 08 अक्टूबर 

भारतीय वायुसेना 08 अक्तूबर, 2022 को अपना 90वाँ स्थापना दिवस मना रही है। भारतीय वायुसेना की स्थापना आधिकारिक तौर पर 8 अक्तूबर, 1932 को हुई थी और वायुसेना की पहली उड़ान 01 अप्रैल, 1933 को भरी गई थी। प्रारंभ में भारतीय वायुसेना को ‘रॉयल इंडियन एयर फोर्स’ के रूप में जाना जाता था, वर्ष 1950 के बाद जब भारत को एक गणराज्य के रूप में स्थापित किया गया, तब ‘रॉयल’ शब्द को हटा दिया गया। वर्तमान में ‘भारतीय वायुसेना’ भारतीय सशस्त्र बलों की वायु शाखा है और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है। इस दिवस के आयोजन का उद्देश्य आधिकारिक एवं सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा में भारतीय वायुसेना के महत्त्व के विषय में जागरूकता बढ़ाना है। गौरतलब है कि ‘भारतीय वायुसेना’ (IAF) का उत्तरदायित्व संघर्ष के दौरान भारतीय हवाई क्षेत्र की सुरक्षा करना है, इस प्रकार भारतीय वायुसेना, भारतीय नौसेना और थलसेना के साथ-साथ देश की रक्षा प्रणाली का एक मौलिक और महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अलावा यह प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी महत्त्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है। ‘भारतीय वायुसेना’ विभिन्न युद्धों में शामिल रही है, जिसमें द्वितीय विश्वयुद्ध, चीन-भारत युद्ध, ऑपरेशन कैक्टस, ऑपरेशन विजय, कारगिल युद्ध, भारत-पाकिस्तान युद्ध, कांगो संकट, ऑपरेशन पूमलाई और ऑपरेशन पवन आदि प्रमुख हैं।


पूर्वोत्तर परिषद 

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने 9 सितंबर, 2022 को गुवाहाटी में पूर्वोत्तर परिषद की 70वीं पूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पूर्वोत्तर के राज्यों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, पूर्वोत्तर मामलों के केंद्रीय मंत्री एवं राज्यमंत्री सहित केंद्र और पूर्वोत्तर राज्यों के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के विकास की राह में दशकों से तीन प्रमुख बाधाएँ थीं- उग्रवादी समूहों द्वारा हिंसा और अशांति, पूर्वोत्तर में रेल, सड़क तथा हवाई संपर्क की कमी एवं पूर्वोत्तर के विकास पर बल न देना। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश के पूर्वोत्तर की भाषाओं, संस्कृतियों, खानपान और वेशभूषा को पूरा भारत अपनी धरोहर मानता है तथा इस क्षेत्र की नैसर्गिक पहचान को बचाए रखने व इसके संवर्द्धन के लिये भारत सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है। भारत की अर्थव्यवस्था वर्तमान में विश्व में पाँचवें स्थान पर है और इसे विश्व में दूसरे स्थान पर पहुँचाने में योगदान देने के लिये पूर्वोत्तर राज्यों द्वारा वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।भारत सरकार के लिये प्राकृतिक कृषि एवं डिजिटल कृषि प्राथमिकता का विषय हैं तथा प्राकृतिक उत्पादों के प्रमाणन के लिये अमूल और 5 अन्य सहकारी समितियों को मिलाकर एक बहुराज्यीय सहकारी समिति बनाने पर विचार किया जा रहा है।


सतत् पर्वतीय विकास शिखर सम्मेलन-11’

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने 10-12 अक्तूबर, 2022 तक लेह, लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश में आयोजित हो रहे सतत् पर्वतीय विकास शिखर सम्मेलन (Sustainable Mountain Development Summit-SMDS) -11 के उद्घाटन सत्र में भाग लिया। SMDS-11 की थीम “सतत् पर्वतीय विकास के लिये पर्यटन का उपयोग” है। इस शिखर सम्मेलन का प्रमुख बिंदु पर्यटन के नकारात्मक प्रभावों को कम करना और जलवायु व सामाजिक-पारिस्थितिक मज़बूती एवं स्थिरता के निर्माण में इसके सकारात्मक योगदान का उपयोग करना है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि लद्दाख की यात्रा यहाँ के खूबसूरत तथा शानदार पहाड़ी नज़ारों को हमेशा तरोताज़ा करने वाली होती है। उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान एवं लेह में इसके एक क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना पर भी प्रकाश डाला जिसे विशेष रूप से हिमालय के पर्यावरण की स्थिरता के संबंध में अनुसंधान और विकास गतिविधियों का कार्य सौंपा गया है। उन्होंने बल देकर कहा कि हिमालय, पश्चिमी घाट, थार रेगिस्तान जैसे देश के कई विशेष परिदृश्यों पर वैज्ञानिक समुदाय को विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है।


श्री महाकाल लोक का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 सितंबर, 2022 को मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्री महाकाल लोक का उद्घाटने किया। श्री महाकाल लोक एक ऐसा स्थान है जहाँ भगवान शंकर की सभी पौराणिक कथाएँ एक ही स्थान पर देखने को मिलेंगी। इसे 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में बनाया गया है। भारत के हृदयस्थल मध्य प्रदेश के उज्जैन में पुण्यसलिला क्षिप्रा नदी के निकट भगवान शिव महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की गणना देश के प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में की जाती है। यह मंदिर तीन मंजिला है। सबसे नीचे महाकालेश्वर, मध्य में ओंकारेश्वर और ऊपरी हिस्से में नागचंद्रेश्वर के लिंग स्थापित हैं। महाकालेश्वर को पृथ्‍वी का अधिपति भी माना जाता है। इस मंदिर का पुनर्निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ था, लेकिन इसके 140 वर्ष बाद मुस्लिम आक्रमणकारी इल्तुतमिश ने इसे क्षतिग्रस्त कर दिया था। वर्तमान मंदिर मराठा कालीन माना जाता है। इसका जीर्णोद्धार तत्कालीन सिंधिया राज्य के दीवान बाबा रामचंद्र शैणवी ने करवाया था।

 


भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़

न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ नवंबर 2022 में भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनेंगे। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित 8 नवंबर, 2022 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़  9 नवंबर, 2022 को दो साल की अवधि के लिये भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे। वह भारत के 16वें और सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति वाई. वी. चंद्रचूड़ के पुत्र हैं। 11 नवंबर, 1959 को जन्‍मे जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ का पूरा नाम 'धनंजय यशवंत चंद्रचूड़' है। इनके पिता वाई. वी. चंद्रचूड़ भी सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे हैं। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ 13 मई, 2016 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए। 31 अक्तूबर, 2013 से सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्ति तक वे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे। 29 मार्च, 2000 से इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति तक बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रहे और महाराष्ट्र न्यायिक अकादमी के निदेशक रहे। वर्ष 1998 से न्यायाधीश पद पर नियुक्त्ति होने तक भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रहे। जून 1998 में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किये गए। उन्होंने देश के सर्वोच्च न्यायालय और बॉम्बे उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में भी काम किया है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ के सबसे महत्त्वपूर्ण केसों में संवैधानिक और प्रशासनिक कानून, HIV+ मरीज़ो के अधिकार, धार्मिक और भाषायी अल्पसंख्यक अधिकार तथा श्रम एवं औद्योगिक कानून शामिल हैं।


जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को पद्म विभूषण

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। दिवंगत शिंजो आबे की पत्नी श्रीमती अकी आबे ने  11 अक्तूबर को जापान में भारतीय राजदूत संजय कुमार वर्मा से यह पुरस्कार ग्रहण किया। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे, जो सबसे लंबे समय तक जापान के प्रधानमंत्री पद पर रहे, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (Libral Democratic Party) से जुड़े हुए थे। वे वर्ष 2006 में पहली बार जापान के प्रधानमंत्री पद के लिये चुने गए थे। पद्म विभूषण वर्ष 1954 में स्थापित भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है। पद्म भूषण और पद्म श्री के बाद पद्म पुरस्कारों के पदानुक्रम में पद्म विभूषण सर्वोच्च है। पद्म पुरस्कार कार्य में विशिष्टता के आधार पर दिये जाते हैं। कला, साहित्य, शिक्षा, समाजिक कार्य, खेल, चिकित्सा, विज्ञान, इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग समेत कई क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले लोगों को पद्म पुरस्कार दिये जाते हैं। स्पष्टतः इन पुरस्कारों के लिये चयन का आधार विशिष्टता है। इस पुरस्कार हेतु शिंजो आबे के चयन का कारण जनसेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य हैं। जापान में आर्थिक सुधार लागू करने के लिये उनके काम को खूब सराहा जाता है। जापान को भारत का विश्वसनीय दोस्त एवं आर्थिक सहयोगी बनाने में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की अहम भूमिका रही है। आबे के कार्यकाल में ही भारत के साथ फ्री और ओपन इंडो-पैसिफिक बनाने के लिये समझौता हुआ।


36वें राष्ट्रीय खेलों का समापन

36वें राष्ट्रीय खेल  गुजरात के सूरत में भव्य समारोह के साथ 12 अक्तूबर को सम्पन्न हो गए। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारत ओलंपिक की मेज़बानी करेगा।  उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री  के नेतृत्त्व में देश में खेलों के लिये सकारात्मक माहौल बनाया गया है। उपराष्ट्रपति ने खेल भावना विकसित करने पर ज़ोर दिया। इसी के मद्देनज़र  भारतीय ओलंपिक संघ ने ओलंपिक खेलों के  37वें संस्करण की मेज़बानी के लिये गोवा में इसकी संभावनाओं की भी चर्चा की। खेल जगत के कई गणमान्य व्यक्तियों और लोकसभा अध्यक्ष ओमप्रकाश बिरला, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, गुजरात के खेल मंत्री हर्ष संघवी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने इस समापन समारोह में  हिस्सा लिया। राष्ट्रीय खेलों के अंतिम दिन सर्विसेज़ ने शानदार प्रदर्शन के साथ 61 स्‍वर्ण सहित कुल 128 पदक अपने नाम किये और शीर्ष पर रहा। महाराष्ट्र ने 39 स्वर्ण के साथ दूसरा तथा हरियाणा ने 38 स्‍वर्ण लेकर तीसरा स्थान हासिल किया।


ग्रामीण उद्यमी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम’

केंद्रीय उद्यमिता, कौशल विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री 14 अक्तूबर को रांची में ‘ग्रामीण उद्यमी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम’ (ग्राम अभियंता कार्यक्रम) के दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे। इस दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस 165 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे। ग्रामीण उद्यमी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ दृष्टिकोण पर आधारित है, इसका लक्ष्य ग्रामीण युवाओं को विशिष्ट कौशल प्राप्‍त करने के अवसर प्रदान कर सशक्त बनाना है। संबंधित पायलट प्रोजेक्ट इस वर्ष मई में मध्य प्रदेश के भोपाल में शुरू किया गया था और इसके तहत पाँच राज्यों (मध्य प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र) को कवर किया गया था,  पहले चरण के दौरान 152 अभ्यर्थि‍यों ने नामांकन कराया, जिनमें से 132 अभ्यर्थि‍यों ने सफलतापूर्वक पाठ्यक्रम पूरा किया और उन्हें प्रमाण पत्र दिये गए। इस दौरान प्रशिक्षण पाँच विषयों यथा विद्युत एवं सौर ऊर्जा, कृषि यंत्रीकरण, ई-गवर्नेंस, नलसाज़ी (प्लंबिंग) व चिनाई, दुपहिया वाहनों की मरम्मत और रखरखाव में प्रदान किया गया। इसका अगला चरण चार राज्यों यथा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा में आयोजित किया जाएगा, जिसमें कुल 165 अभ्यर्थि‍यों को प्रमाण पत्र दिये जाएंगे।  इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को मज़बूत करना और आजीविका के अवसरों के लिये प्रवास एवं साथ ही शहरों पर निर्भरता को सीमित करना है।

 

17वाँ प्रवासी भारतीय दिवस अधिवेशन की वेबसाइट जारी

विदेश मंत्री डॉक्‍टर एस जयशंकर ने 13 अक्तूबर, 2022 को मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और विदेश राज्‍य मंत्री वी मुरलीधरन के साथ मिलकर वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्‍यम से 17वाँ प्रवासी भारतीय दिवस अधिवेशन की वेबसाइट जारी की। मध्‍य प्रदेश के इन्‍दौर में जनवरी 2023 में 17वाँ  प्रवासी भारतीय दिवस अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas- PBD) भारत के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को चिह्नित करने हेतु मनाया जाता है। 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में इसलिये चुना गया था क्योंकि इसी दिन वर्ष 1915 में महान प्रवासी महात्मा गांधी, दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्त्व किया और भारतीयों के जीवन को हमेशा के लिये बदल दिया। वर्ष 2003 से प्रवासी भारतीय दिवस मनाने की शुरुआत हुई लेकिन वर्ष 2015 में इसे संशोधित कर प्रत्येक दो वर्ष में मनाने का निर्णय लिया गया। यह तब एक विषय-आधारित सम्मेलन था जिसे प्रत्येक वर्ष अंतरिम अवधि के दौरान आयोजित किया जाता था। PBD सम्मेलन प्रत्येक दो वर्ष में आयोजित किया जाता हैं। प्रवासी भारतीय दिवस 2021: 16वाँ PBD सम्मेलन वस्तुतः नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। जिसकी थीम "आत्मनिर्भर भारत में योगदान" थी।


राष्‍ट्रीय वन्‍यजीव बोर्ड की स्‍थायी समिति की 70वीं बैठक

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्‍द्र यादव ने राष्‍ट्रीय वन्‍यजीव बोर्ड की स्‍थायी समिति की 70वीं बैठक की अध्‍यक्षता की। इस बैठक में वन्‍यजीव संरक्षण और भारतीय सोन चिरैया को बचाने से संबंधित विभिन्‍न नीतिगत मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र की राज्य सरकारों से भारतीय सोन चिरैया के संरक्षण के लिये प्रजनन केंद्रों की स्थापना हेतु प्रस्ताव भेजने को कहा गया। साथ ही गुजरात के नर्मदा तथा वडोदरा ज़िलों के नौ जनजातीय गाँवों एवं उत्तर प्रदेश में कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के पास के गाँवों में निर्बाध संचार संपर्क की आवश्यकता को देखते हुए स्थायी समिति ने दूरसंचार टावरों के निर्माण और ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की सिफारिश की। समिति ने उत्तराखंड में रामबाड़ा से गरुड़ मंदिर तक ब्रिडल ट्रैक के निर्माण की भी सिफारिश की। समिति ने केदारनाथ धाम जाने वाले  हज़ारों तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिये उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज़िले में सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम के बीच रोपवे के विकास की भी सिफारिश की है।


विश्व छात्र दिवस 15 अक्टूबर 

 प्रतिवर्ष 15 अक्तूबर को ‘विश्व छात्र दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्तूबर, 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। उन्होंने वर्ष 2002 से वर्ष 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। वे न केवल एक सुविख्यात एयरोस्पेस वैज्ञानिक थे, बल्कि महान शिक्षक भी थे, जिन्होंने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ काम किया था। डॉ. कलाम वर्ष 1962 में ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन’ से जुड़े तथा वहाँ उन्हें प्रोजेक्ट डायरेक्टर के तौर पर भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह (SLV- lll) प्रक्षेपास्त्र बनाने का श्रेय हासिल हुआ। अब्दुल कलाम भारत के मिसाइल कार्यक्रम के जनक माने जाते हैं, वे ‘आम जनमानस के राष्ट्रपति’ के तौर पर प्रसिद्ध हैं। डॉ. कलाम ने अपने ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ के दर्शन से भारत समेत दुनिया भर के लाखों युवाओं को प्रेरित किया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने डॉ. कलाम के जन्म दिवस को चिह्नित करते हुए वर्ष 2010 में 15 अक्तूबर को विश्व छात्र दिवस के रूप में नामित किया था। डॉ. कलाम की उपलब्धियों को इस बात से समझा जा सकता है कि उन्हें भारत एवं विदेशों के 48 विश्वविद्यालयों और संस्थानों द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था। उन्होंने वर्ष 1992 से वर्ष 1999 तक प्रधानमंत्री के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में भी कार्य किया। डॉ. कलाम को वर्ष 1981 में पद्म भूषण, वर्ष 1990 में पद्म विभूषण और वर्ष 1997 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। 


नारियल समुदाय के किसानों का सम्मेलन

14 अक्तूबर, 2022 कोयंबटूर में आयोजित ‘नारियल समुदाय के किसानों के सम्मेलन’ में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने देश में नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिये नारियल समुदाय से जुड़े किसानों को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। विगत वर्षों में अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में जो प्रयास किये गए हैं, उनके फलस्‍वरूप  कृषि व प्रसंस्‍करण क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकियाँ विकसित हुई हैं तथा उपलब्‍ध प्रौद्योगिकियों को उन्‍नत  बनाया गया है। कृषि अर्थव्यवस्था में नारियल की खेती का योगदान अत्यधिक महत्त्वपूर्ण है। नारियल की खेती में भारत अग्रणी है व दुनिया के तीसरे बड़े उत्पादकों में से एक है। नारियल प्रसंस्‍करण गतिविधियों में तमिलनाडु प्रथम स्थान पर है एवं नारियल की खेती के क्षेत्रफल की दृष्टि से कोयम्बटूर प्रथम स्थान पर है, जहाँ 88,467 हेक्‍टेयर क्षेत्र में नारियल की खेती की जाती है। नारियल विकास बोर्ड छोटे-सीमांत किसानों को एकीकृत कर त्रिस्तरीय किसान समूह का गठन  कर रहा है। राज्‍य में वर्तमान में 697 नारियल उत्पादक समितियाँ, 73 नारियल उत्पादक संघ एवं 19 नारियल उत्पादक कंपनियाँ हैं। भारत में प्रतिवर्ष 3,638 मिलियन नारियल की प्रसंस्‍करण क्षमता के साथ 537 नई प्रसंस्‍करण इकाइयाँ स्‍थापित करने हेतु समर्थन दिया जा रहा है, इनमें से 136 इकाइयाँ तमिलनाडु की हैं। यह सफलता बोर्ड द्वारा देश में कार्यान्वित मिशन कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त हुई है। 

  

गुजरात में आयुष्मान कार्ड का वितरण

प्रधानमंत्री ने 17 अक्तूबर, 2022 को गुजरात में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्‍यम से मुख्यमंत्री अमृतम आयुष्मान कार्ड के वितरण का शुभारम्‍भ किया। प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना के तहत गुजरात में सभी लाभार्थियों को उनके घर पर पचास लाख रंगीन मुद्रित आयुष्मान कार्ड वितरित किये गए। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में श्री मोदी ने वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री अमृतम योजना शुरू की थी। यह योजना गरीब नागरिकों को बीमारी के इलाज़ में होने वाले भयावह खर्च से बचाने के लिये लाई गई थी। वर्ष 2014 में इस योजना में उन परिवारों को भी शामिल किया गया जिनकी वार्षिक आय चार लाख रुपए तक है। बाद में इस योजना में कई अन्य समूहों को भी शामिल किया गया और इसका नाम मुख्यमंत्री अमृतम वात्सल्य योजना हो गया। योजना की सफलता को देखते हुए वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना शुरू की। इस योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष पाँच लाख रुपए तक की कवरेज दी गई थी। वर्ष 2019 में गुजरात सरकार ने मुख्यमंत्री अमृतम वात्सल्य को आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना योजना के साथ जोड़ दिया।


विश्व आघात दिवस 17 अक्टूबर 

यह प्रतिवर्ष 17 अक्तूबर को मनाया जाता है। सबसे नाज़ुक क्षणों के दौरान जीवन को बचाने और सुरक्षा के महत्त्व पर ध्यान केंद्रित करने की तैयारी एवं महत्त्वपूर्ण उपायों को अपनाने के लिये मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार विश्वभर में मृत्यु एवं विकलांगता का प्रमुख कारण आघात है। आघात का अर्थ"किसी भी तरह की शारीरिक एवं मानसिक चोट हो सकती है"। इस तरह की चोटों के कारणों की कई वज़ह जैसे कि सड़क दुर्घटना, आग, जलना, गिरना, प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाएँ और हिंसक कृत्य आदि हो सकते हैं इन सभी कारणों के मध्य विश्वभर में आघात का प्रमुख कारण  सड़क यातायात दुर्घटना है।भारत में हर छह मिनट पर एक व्यक्ति सड़क दुर्घटना के कारण मौत का शिकार हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हादसों से बचने के लिये यदि वाहन चालक सिर्फ ट्रैफिक नियम का पालन करें तो इसमें 60 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। देश में प्रतिवर्ष दस लाख लोग हेड इंजरी के शिकार होते हैं, जिनमें से 75 से 80 फ़ीसदी लोगों में सड़क दुर्घटना के कारण होती है। हेड इंजरी के शिकार 50 फीसदी लोग मर जाते हैं जिसमे से 25 फीसदी लोग विकलांग हो जाते हैं। इस विषय में कुछ सुरक्षात्मक एवं सावधानी तथा जागरूकता संबंधी उपाय किये जा सकते हैं साथ ही व्यक्ति द्वारा स्वयं से किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने की अपेक्षा की जाती है। वैसे, इस प्रकार की स्थिति में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत कॉल कर तथा जल्द से जल्द पर्याप्त सहायता प्राप्त करना इसकी पहली शर्त है। यह बेहद महत्त्वपूर्ण है कि घायल व्यक्ति को एक घंटे के भीतर उचित चिकित्सा देखभाल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

 

डेफएक्सपो 2022

डेफएक्सपो (रक्षा प्रदर्शनी) का 12वाँ संस्करण 18 अक्तूबर से गुजरात के अहमदाबाद और गांधीनगर में शुरू हो रही है। इस अवसर पर गांधीनगर के महात्मा मंदिर सम्मेलन और प्रदर्शनी केन्द्र में कई संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। संगोष्ठियों का आयोजन अग्रणी उद्योग परिसंघों, विचार मंचों, भारतीय रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों, सेना मुख्यालयों, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), गुणवत्ता महानिदेशालय, नागर विमानन मंत्रालय और राज्य सरकार करेंगी। प्रदर्शनी का आयोजन दो वर्ष में एक बार किया जाता है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम और उद्योग, सशस्त्र बलों के लिये रक्षा उत्‍पादों का प्रदर्शन करेंगे। पाँच दिन की यह प्रदर्शनी 22 अक्‍तूबर तक चलेगी। इस बार का डेफएक्सपो अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है। यह रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में भारत की क्षमता को प्रदर्शित करेगा। भारत एक समय रक्षा उत्‍पादों का बड़ा आयातक था, लेकिन अब वह रक्षा उत्‍पादों का निर्यात करने वाले विश्व के 25 शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है। अब तक की सबसे बडी रक्षा प्रदर्शनी में इस बार 1136 कंपनियाँ भाग लेगी।

किसान सम्मान सम्मेलन 2022

प्रधानमंत्री मोदी ने 17 अक्तूबर को  नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में पीएम किसान सम्मान सम्मेलन 2022 का उद्घाटन किया। उन्होंने रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत 600 प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों का भी शुभारंभ किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना- एक राष्ट्र एक उर्वरक का भी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के तहत 16,000 करोड़ रुपए की 12वीं किस्त भी जारीी की। प्रधानमंत्री ने कृषि स्टार्टअप कॉन्क्लेव और प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने उर्वरक पर एक ई-पत्रिका 'इंडियन एज' का भी विमोचन किया। साथ ही उन्होंने स्टार्टअप प्रदर्शनी पवेलियन का भ्रमण कर वहाँ प्रदर्शित उत्पादों का अवलोकन किया।

खेलो इंडिया महिला जूडो नेशनल लीग

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का आईजी स्टेडियम 20 से 23 अक्तूबर, 2022 तक होने वाली पहली ‘खेलो इंडिया महिला जूडो नेशनल लीग’ की मेज़बानी करेगा। यह लीग जो कि 4 ज़ोन की महिला जूडो खिलाड़ियों के लिये एक राष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट है, का आयोजन जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के खेल विभाग द्वारा किया जा रहा है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा इस आयोजन और ज़मीनी स्तर पर जूडो के विकास को प्रोत्साहित करने के लिये 1.74 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई है। 31 भार वर्गों में इस टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 24.43 लाख रुपए है। यह टूर्नामेंट चार आयु समूहों में आयोजित किया जा रहा है- सब जूनियर (12-15 वर्ष), कैडेट (15-17 वर्ष), जूनियर (15-20 वर्ष) और सीनियर (20 वर्ष और उससे अधिक)। 31 भार वर्गों में शीर्ष 7 जूडो खिलाडियों को नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रमंडल खेल, 2022 की रजत पदक विजेता तूलिका मान के साथ-साथ विश्व कैडेट जूडो चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता व इतिहास रचने वाली लिंथोई चनमबाम टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। इस प्रतियोगिता में कुल 496 जूडो खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इस राष्ट्रीय लीग के लिये प्रतियोगियों का चयन उनकी रैंकिंग और उनके संबंधित क्षेत्रों यानी उत्तर, दक्षिण, पूर्व एवं पश्चिम में प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।

 

बुकर पुरस्‍कार 2022

17 अक्तूबर, 2022 को लंदन में एक समारोह के दौरान श्रीलंका के लेखक शेहान करुणातिलका (Shehan Karunatilaka) को प्रतिष्ठित ‘बुकर पुरस्‍कार’, 2022 से सम्मानित किया गया। उन्‍हें यह पुरस्‍कार उनके उपन्‍यास ‘द सेवन मून्स ऑफ माली अल्मेडा’ (The Seven Moons of Maali Almeida) के लिये प्रदान किया गया है। 47 वर्षीय करुणातिलका श्रीलंका के दूसरे उपन्‍यासकार हैं, जिन्‍हें बुकर पुरस्‍कार से सम्मानित किया गया है। इससे पूर्व वर्ष 1992 में माइकल ओन्‍डाट्से को यह पुरस्कार उनके उपन्यास ‘द इंग्लिश पेशेंट’ के लिये मिला था। बुकर पुरस्कार, 2022 के जूरी के अध्यक्ष नील मैकग्रेगर ने कहा कि ‘द सेवन मून्स ऑफ माली अल्मेडा’ में लेखक की महत्वाकाँक्षा का दायरा और इसके कथानक को प्रस्तुत करने का तरीका प्रशंसनीय है। ‘सॉर्ट ऑफ बुक्स’ द्वारा प्रकाशित ‘द सेवन मून्स ऑफ माली अल्मेडा’, गृहयुद्ध से घिरे श्रीलंका की जानलेवा तबाही की जाँच के बीच में मृत्यु के बाद के जीवन की पड़ताल करती है। बुकर पुरस्‍कार विश्‍व के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्‍कारों में से एक है। यह पुरस्‍कार प्रत्येक वर्ष ब्रिटेन और आयरलैंड में प्रकाशित अंग्रेज़ी भाषा के साहित्य हेतु प्रदान किया जाता है। लेखक को पुरस्कार स्वरुप 50 हज़ार पाउंड की धनराशि प्राप्त होती है।


संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरस

संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरस तीन दिन (19-21 अक्तूबर) की भारत  यात्रा पर 19 अक्तूबर, 2022 को मुंबई पहुँचे। संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव गुतेरस ने मुंबई के ताज पैलेस होटल में 26/11 के आतंकी हमले के मृतकों को श्रद्धाजंलि अर्पित किया। गुतेरस 20 अक्तूबर को गुजरात के एकता नगर में प्रधानमंत्री के साथ मिशन लाइफ पुस्तिका, लोगो और टैगलाइन का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा भारतीय विदेश मंत्री, संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव गुतेरस के साथ द्विपक्षीय चर्चा में वैश्विक मुद्दों, जी-20 देशों के सम्‍मेलन में भारत की अध्‍यक्षता सहित संयुक्‍त राष्‍ट्र के साथ भारत के सहयोग पर चर्चा करेंगे। संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव भारत के पहले सौर ऊर्जा गाँव मोढेरा का दौरा भी करेंगे। वे मोढेरा के सूर्य मंदिर भी जाएंगे। गुतेरस की जनवरी 2022 में दूसरी बार अपना पदभार संभालने के बाद यह पहली भारत यात्रा है। इससे पहले वे अक्‍तूबर 2018 में भारत की यात्रा पर आए थे।


भारत में ई-20 फ्लेक्स ईंधन की आपूर्ति का भविष्य

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बताया गया है कि देश में फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाले वाहनों के उत्पादन को बड़े पैमाने पर विकसित करने की आवश्यकता है। इसके अंतर्गत ईंधन की आपूर्ति के अगले वर्ष अप्रैल में शुरू किये जाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री ने 19 अक्तूबर को नई दिल्ली में जैविक ईंधन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन- सतत् भविष्य पर चर्चा की। इस कार्यक्रम के तहत फ्लेक्स-फ्यूल ई10 और ई20 वाहनों की बिक्री के लिये वाहन उद्योग को एक व्यवहार्य व्यावसायिक प्रस्ताव बनाने, वर्ष 2025 तक पेट्रोल के साथ ई20 सम्मिश्रण सुनिश्चित किये जाने से देश को प्रतिवर्ष लगभग 30000 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बचाने, जैव ईंधन बेचने वाले पेट्रोल पंपों की संख्या 2016-17 के 29897 से लगभग तीन गुना बढ़कर 2021-22 में 67641 होने आदि पर चर्चा की गई। सरकार द्वारा पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य को वर्ष 2030 से पाँच वर्ष कम करके वर्ष 2025 कर दिया गया है।

 

AFC एशिया कप 2023

भारत ने कतर में होने वाले AFC एशिया कप 2023 के लिये क्वालीफाई कर लिया है। भारत और सऊदी अरब ने एशियाई फुटबॉल महासंघ-(Asian Football Confederation-AFC) के तहत आयोजित होने वाले एशिया कप के वर्ष 2027 संस्करण की मेज़बानी की मांग की है। वर्तमान चैंपियन कतर वर्ष 2027 के AFC एशिया कप की मेज़बानी करने का इच्छुक था, लेकिन उसे वर्ष 2023 संस्करण के लिये मेज़बान घोषित किया गया है। एशियाई फुटबॉल महासंघ (Asian Football Confederation-AFC) एशिया की फुटबॉल गवर्निंग बॉडी है। इसकी स्थापना 8 मई, 1954 में की गई थी। इसका मुख्यालय मलेशिया के कुआलालंपुर में है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) एक राष्ट्रीय संघ है जिसकी स्थापना वर्ष 1937 में शिमला स्थित सेना मुख्यालय में हुई थी। एक महासंघ के रूप में यह देश भर में फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है। AIFF एशियाई फुटबॉल महासंघ (AFC) के संस्थापक सदस्यों में से एक है, जो एशिया में फुटबॉल का प्रबंधन करता है।


भर्ती अभियान-रोज़गार मेला

प्रधानमंत्री 22 अक्तूबर, 2022 को 10 लाख कर्मियों के भर्ती अभियान- रोज़गार मेले का शुभारंभ करेंगे। यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संपन्न होगा। रोज़गार मेले के पहले चरण में 75 हज़ार से अधिक चयनित लोगों को नियुक्ति-पत्र सौंपे जाएंगे। युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान करने एवं जन कल्‍याण सुनिश्चित करने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की दिशा में यह एक महत्त्वपूर्ण  कदम होगा। प्रधानमंत्री के निर्देश पर सभी मंत्रालयों एवं विभागों में स्वीकृत पदों की मौज़ूदा रिक्तियों को भरा जाएगा। देश भर से चयनित नए कर्मी केंद्र सरकार के 38 मंत्रालयों एवं विभागों में शामिल किये जाएंगे। इन्हें वर्ग-क, ख और ग, के विभिन्‍न पदों पर नियुक्‍त किया जाएगा। इनमें केंद्रीय सशस्‍त्र बलों के कर्मी, उप निरीक्षक, कॉन्‍सटेबल, एलडीसी, स्‍टेनो, पीए, आयकर निरीक्षक तथा एमटीएस शामिल हैं। मंत्रालय एवं विभाग, मिशन मोड में इस भर्ती अभियान के तहत कर्मियों का सीधे चयन करेंगे अथवा संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग और रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्‍यम से भर्ती करेंगे।


अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष

भारत वैश्विक स्‍तर पर अंतर्राष्‍ट्रीय मोटा अनाज वर्ष मनाने की तैयारी कर रहा है। 21 अक्तूबर, 2022 को नई दिल्‍ली में भारतीय कृषि मंत्री ने बोत्‍सवाना के अंतर्राष्‍ट्रीय कार्य और सहयोग मंत्री लिमोगेंग क्‍वापे से बातचीत की। भारत की यात्रा पर आए डॉक्‍टर क्‍वापे ने कृषि और संबंधित क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग पर ज़ोर दिया। विदित है कि मार्च 2021 में भारत की ओर से पेश एक प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है, जिसके तहत वर्ष 2023 को ‘अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष’ घोषित किया गया है। इस प्रस्ताव का 70 से अधिक देशों ने समर्थन किया। इसका उद्देश्य बदलती जलवायु परिस्थितियों में मोटे अनाज के पोषण एवं स्वास्थ्य लाभ तथा इसकी खेती हेतु उपयुक्तता के बारे में जागरूकता पैदा करना है। मोटे अनाज में ज्वार, बाजरा, रागी, कंगनी, कुटकी, कोदो आदि शामिल हैं। अप्रैल 2016 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भूख को मिटाने और दुनिया भर में कुपोषण के सभी प्रकारों की रोकथाम की आवश्यकता को मान्यता देते हुए वर्ष 2016 से 2025 तक की अवधि को'पोषण पर संयुक्त राष्ट्र कार्रवाई दशक' घोषित किया।


वाणिज्यिक उपग्रह LVM-3

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-ISRO 23 अक्तूबर को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा से पहला स‍मर्पित वाणिज्यिक उपग्रह LVM-3 लॉन्च करेगा। ISRO की वाणिज्यिक अंतरिक्ष कंपनी न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड-NSIL के लिये ऐतिहासिक महत्त्व की साबित होगी। ISRO ने वनवेब-LEO ब्रॉडबैड संचार उपग्रह के प्रक्षेपण हेतु ब्रिटेन के नेटवर्क एक्‍सेस एसोसिएशन के साथ दो अनुबंधों पर हस्‍ताक्षर किये हैं। यह प्रक्षेपण ISRO के सबसे भारी  लॉन्‍चर LVM-3 से होगा। वनवेब एक वैश्विक संचार नेटवर्क है, जिसे अंतरिक्ष से संचालित किया जाएगा और इससे सरकार, व्‍यापार एवं समुदायों के लिये कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्‍ध होगी। अनुबंध के अंतर्गत LVM-3 से 36 उपग्रह पृथ्‍वी की कक्षा में छोड़े जाएंगे। ISRO के अनुसार, प्रक्षेपण संबंधी सभी उपकरण एकत्रित कर लिये गए हैं और इनकी अंतिम जाँच की जा रही है।

 

7वाँ आयुर्वेद दिवस

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 23 अक्तूबर,2022 को 7वाँ आयुर्वेद दिवस मनाया गया। इस वर्ष का आयुर्वेद दिवस "हर दिन हर घर आयुर्वेद" की थीम के साथ मनाया गया ताकि आयुर्वेद के लाभों का व्यापक और ज़मीनी स्तर पर समुदायों के बीच प्रचार किया जा सके। यह एक प्राचीन ज्ञान है और हमारी शोध परिषदें आयुष क्षेत्र में प्रभावशाली शोध कार्य कर रही हैं। हर दिन हर घर आयुर्वेदिक कैंपिंग का उद्देश्य आयुर्वेद को जन-जन तक पहुँचाना है। आयुष मंत्रालय ने देश में स्वास्थ्य की आयुष प्रणाली को गति प्रदान की है और अब आयुर्वेद को 30 देशों में मान्यता प्राप्त हो चुकी है। आयुष का वर्तमान टर्नओवर 18.1 अरब डॉलर है। क्षमता निर्माण के माध्यम से जनजातीय संस्कृति विरासत को संरक्षित करते हुए जनजातीय विकास के दोनों मंत्रालयों के बीच सहयोग, समन्वयन और संयोजन हेतु आयुष मंत्रालय एवं जनजातीय कार्य मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गए। इस अवसर पर 'द आयुर्वेदिक फार्माकोपिया ऑफ इंडिया', 'द आयुर्वेदिक फॉर्म्युलारी ऑफ इंडिया' पुस्तक का विमोचन किया गया। औषधीय पौधों के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिये आयुष मंत्रालय द्वारा अश्वगंधा- एक स्वास्थ्य प्रवर्तक पर एक प्रजाति-विशिष्ट राष्ट्रीय अभियान लॉन्च किया गया।

विश्व पोलियो दिवस 24 अक्टूबर 

पोलियो टीकाकरण और पोलियो उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिये प्रत्येक वर्ष 24 अक्तूबर को विश्व पोलियो दिवस (World Polio Day) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की शुरुआत एक दशक पहले रोटरी इंटरनेशनल द्वारा पोलियो या पोलियोमाइलाइटिस (Poliomyelitis) के खिलाफ टीका विकसित करने वाली टीम का नेतृत्त्व करने वाले जोनास साल्क के जन्म दिवस के अवसर पर की गई थी। वैश्विक स्तर पर रोग की स्थिति की निगरानी वैश्विक पोलियो उन्मूलन पहल (Global Polio Eradication Initiative- GPEI) द्वारा की जा रही है। वर्ष 2022 के लिये इसकी थीम है- "विश्व पोलियो दिवस 2022 और उसके बाद: माताओं एवं बच्चों के लिये एक स्वस्थ भविष्य (World Polio Day 2022 and Beyond: A healthier future for mothers and children)"


ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक

ऋषि सुनक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री होंगे। उन्हें कंज़र्वेटिव पार्टी का नेता चुन लिया गया है। वह ब्रिटेन के पहले एशियाई मूल के प्रधानमंत्री होंगे। सर ग्राहम ब्रैडी ने इसकी औपचारिक घोषणा कर दी है। ऋषि सुनक ने वर्ष 2015 में 35 वर्ष की उम्र में पहली बार संसद का चुनाव जीता। मात्र सात वर्षों के राजनैतिक कॅरियर में वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। वे भारत के विख्यात उद्योगपति और इंफोसिस कंपनी के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति के दामाद हैं। उन्होंने अक्षता मूर्ति से वर्ष 2009 में शादी की थी। वह बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में वित्त मंत्री रहे। वर्ष 2015 से सुनक यॉर्कशर के रिचमंड से कंज़र्वेटिव पार्टी से सांसद चुने गए थे। भारतीय मूल के उनके परिजन पूर्वी अफ्रीका से ब्रिटेन आए थे। वर्ष 1980 में सुनक का जन्म हैंपशर के साउथहैम्टन में हुआ था और उनकी पढ़ाई प्राइवेट स्कूल विंचेस्टर कॉलेज में हुई। इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में एमबीए की पढ़ाई भी की।


गुजराती नववर्ष बेस्‍तू वर्ष

गुजराती नववर्ष यानी बेस्‍तू वर्ष 26 अक्तूबर, 2022 को हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। पूरे विश्व में गुजराती समुदाय पारंपरिकआस्था और उत्साह के साथ नववर्ष मनाता है। गुजराती नववर्ष- विक्रम संवत 2079 की शुरुआत 26 अक्तूबर से हो रही है। गुजरात में दीवाली नए साल के आगमन को चिह्नित करती है। बेस्‍तू वर्ष को गुजरात राज्य में खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। गुजराती नया साल दीवाली के एक दिन बाद मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर आता है। चंद्र चक्र पर आधारित भारतीय कैलेंडर के अनुसार, वर्ष का पहला महीना कार्तिक होता है और गुजरात में नया साल कार्तिक (एकम) के पहले उज्ज्वल दिन पर आता है। यह दिन नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत को भी चिह्नित करता है। गुजरात में नए साल को शुभ दिन माना जाता है। इस दिन लोग अपने पुराने बहीखाता बंद कर देते हैं और नए बहीखातों की शुरुआत करते हैं। गुजराती नववर्ष हिंदू त्योहार गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजा के साथ मेल खाता है जो भारत के अन्य हिस्सों में मनाया जाता है।

 


नेरल-माथेरान टॉय ट्रेन

मावल लोकसभा क्षेत्र में ठंड के मौसम में पर्यटन स्थल नेरल-माथेरान (Neral-Matheran) के बीच चलने वाली नेरल-माथेरान टॉय ट्रेन (छोटी ट्रेन), जो कि दुर्घटना के कारण बंद कर दी गई थी, फिर से शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र में नेरल-माथेरान टॉय ट्रेन सेवा फिर से शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। इस ट्रेन के शुरू होने से स्थानीय लोगों को भी रोज़गार मिलेगा। माथेरान जो कि एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, यूनेस्को की सूची में शामिल है। पर्यटक ‘टॉय ट्रेन’ के ज़रिये यहाँ यात्रा करते हैं। सह्याद्री पर्वत शृंखला के बीच नेरल से माथेरान तक 21 किमी की दूरी यह ट्रेन लगभग 2 घंटे 20 मिनट में तय करती है। ‘टॉय ट्रेन’ सेवा पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों के लिये भी एक प्रमुख साधन है।


अंतर्राष्ट्रीय एनीमेशन दिवस  28 अक्टूबर 

प्रत्येक वर्ष विश्व स्तर पर 28 अक्तूबर को अंतर्राष्ट्रीय एनीमेशन दिवस (International Animation Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस एनीमेशन की कला का उत्सव मनाने एवं एनिमेटेड फिल्मों सहित कलाकारों, वैज्ञानिकों और तकनीशियनों के एनिमेटेड आर्ट को पहचान प्रदान करने के लिये मनाया जाता है। वर्ष 2002 में अंतर्राष्ट्रीय एनिमेटेड फिल्म एसोसिएशन (ASIFA) जो UNESCO का सदस्य है, द्वारा अंतर्राष्ट्रीय एनीमेशन दिवस (IAD) की घोषणा की गई थी। यह दिन पेरिस में 28 अक्तूबर, 1892 में एमिल रेनॉड के थियेटर ऑप्टीक के पहले सार्वजनिक प्रदर्शन की याद में मनाया जाता है।अंतर्राष्ट्रीय एनिमेटेड फिल्म एसोसिएशन (ASIFA) एक अंतर्राष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है जिसकी स्थापना वर्ष 1960 में एनेसी, फ्राँस में कनाडा के प्रसिद्ध एनिमेटर नॉर्मन मैकलारेन द्वारा की गई थी।

 

फिट इंडिया फ्रीडम रन 3.0

आज़ादी का अमृत महोत्सव के भाग के रूप में राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय, नई दिल्ली तथा इसके क्षेत्रीय केंदों- मैसूर, भोपाल, भुवनेश्वर तथा सवाई माधोपुर में “आज़ादी के 75 साल, फिटनेस रहे बेमिसाल” विषय पर "फिट इंडिया फ्रीडम रन 3.0" का आयोजन  किया जा रहा है। इस दौड़ में संग्रहालय-कर्मियों और विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य के लिये पैदल चलने और दौड़ने की आदत डालने हेतु लोगो को प्रोत्साहित करना है। फिट इंडिया फ्रीडम रन 3.0 अभियान गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्तूबर, 2022 को शुरू हुआ और इसका समापन 31 अक्टूबर 2022 को गुजरात के केवड़िया में एकता दौड़ के साथ होगा। राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का एक अधीनस्थ कार्यालय है, जो बच्चों पर विशेष ध्यान देने के साथ आम लोगों के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने हेतु समर्पित है।


शिकायत अपीलीय समितियों का गठन

केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया का उपयोग करने वालों की शिकायतों के समाधान के लिये तीन महीने के अंदर शिकायत अपीलीय समितियों के गठन का प्रस्ताव रखा है। इसके लिये इलेक्‍ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगि‍की मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्‍यस्‍थता दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया नीति संहिता) नियम-2021 में संशोधन के लिये अधिसूचना जारी की है। इस प्रकार गठित प्रत्‍येक शिकायत अपीलीय समि‍ति में केंद्र सरकार  द्वारा नियुक्‍त एक अध्‍यक्ष और दो पूर्णकालिक सदस्‍य होंगे। इसमें प्रावधान किया गया है कि शिकायत अधिकारी के फैसले से असंतुष्‍ट व्‍यक्‍ति‍ फैसला मिलने के 30 दिनों के अंदर सम‍िति में अपील कर सकता है। यह सम‍िति विवादों के निपटान के लिये ऑनलाइन समाधान तंत्र भी अपनाएगी।

 

 

राष्ट्रीय एकता दिवस 31  अक्टूबर 

प्रतिवर्ष 31 अक्तूबर को स्वतंत्र भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती को पूरे देश में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ (National Unity Day) के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2014 में पहली बार केंद्र सरकार द्वारा 31 अक्तूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था। सरदार बल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्तूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाड (Nadiad) शहर में हुआ था। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान देने के साथ ही उन्होंने स्वतंत्रता के पश्चात देश की सभी रियासतों के एकीकरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1928 में गुजरात के बारडोली में किसान आंदोलन की सफलता के बाद वहाँ की महिलाओं ने उन्हें ‘सरदार’ (नेता या प्रमुख) की उपाधि प्रदान की। उन्हें ‘भारतीय नागरिक सेवाओं के संरक्षक संत’ (Patron Saint of India’s civil services) के रूप में भी जाना जाता है। सरदार बल्लभ भाई पटेल स्वतंत्र भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और पहले गृह मंत्री बने। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने सरदार पटेल को ‘लौह पुरुष’ की उपाधि प्रदान की। वर्ष 1991 में उन्हें मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि 31 अक्तूबर, 2018 को भारत सरकार द्वारा गुजरात के वडोदरा में नर्मदा नदी के तट पर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue Of Unity) का अनावरण किया गया जो कि 182 मीटर (597 फीट) की ऊँचाई के साथ विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति है।

 

गोवा समुद्री संगोष्ठी (गोवा मेरीटाइम सिम्पोजियम-GMS) 2022

गोवा समुद्री संगोष्ठी (GMS) का चौथा संस्करण गोवा में नौसेना युद्ध कॉलेज (NWC) द्वारा 31 अक्तूबर से 1 नवंबर 2022 तक आयोजित किया जा रहा है। इस संगोष्ठी के प्रतिभागियों में कैप्टेन/नौसेनाओं के कमांडर अथवा समकक्ष रैंक के अधिकारी/भारत के अलावा मित्र देशों जैसे बांग्लादेश, कोमोरोस, इंडोनेशिया, मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस, म्याँमार, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका तथा थाईलैंड के समुद्री बल शामिल हैं। वर्ष 2016 में भारतीय नौसेना द्वारा संकल्पित एवं स्थापित, GMS भारत और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) के प्रमुख समुद्री देशों के बीच सहयोगात्मक सोच, सहयोग व आपसी समझ को बढ़ावा देने हेतु एक मंच है। इस संगोष्ठी का आयोजन नौसेना युद्ध कॉलेज, गोवा द्वारा द्विवार्षिक रूप से किया जाता है तथा अब तक इस कार्यक्रम के तीन संस्करण आयोजित किये जा चुके हैं। संगोष्ठी का उद्घाटन नेवल वॉर कॉलेज के कमांडेंट द्वारा किया जाएगा। इसका विषय 'समुद्री क्षेत्र में सभी के लिये सुरक्षा और विकास' के विचार और समुद्री सुरक्षा के पाँच सिद्धांतों पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि हमारे क्षेत्र की समृद्धि हिंद महासागर क्षेत्र के सभी देशों के साथ जुड़ी हुई है।



Also Read.....

समसमयिकी सारांश सितंबर   2022

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.