पुनर्जागरण आन्दोलन प्रभाव और परिणाम |Renaissance Movement Effects and Consequences

पुनर्जागरण आन्दोलन  परिणाम

पुनर्जागरण आन्दोलन प्रभाव और परिणाम |Renaissance Movement Effects and Consequences



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पुनर्जागरण में विभिन्न क्षेत्रों में जो प्रवृत्तियां उत्पन्न हुई, विकास और जागृति की जो लहर आई, उसके बहुत ही महत्वपूर्ण परिणाम निकले

 

1. चर्च के नियन्त्रण से मुक्त हो कर विद्या और संस्कृति का स्वतन्त्र रूप से विकास होने लगा तथा यह इच्छा पैदा हुई कि ज्ञान-प्राप्ति का सरल माध्यम होना चाहिए, अतः लोक-भाषाओं का विकास हुआ।

 

2. जीवन के प्रति लोगो का दृष्टिकोण बदल गया ये जीवन को नई दृष्टि से देखने लगे वैयक्तिक स्वतन्त्रता का विकास हुआ जिसे मानवता कहते हैं। देवत्व और आध्यात्मिकता के स्थान पर मानव को प्रमुखता दी जाने लगी। आत्मनिग्रह और वैराग्य के आदर्श प्रभावहीन हो गए।

 

3. यूरोपवासियों में अतिप्राचीन विश्व की और जिज्ञासा उत्पन्न हुई तथा मध्यकालीन संस्कृति का बहिष्कार हुआ। प्राचीन काल का अध्ययन प्रतिक्रियात्मक ढंग से हुआ, अतः कला, साहित्य और विज्ञान के क्षेत्र में अतिप्राचीन यूनान और रोम का अनुसरण किया गया, न कि निकट प्राचीन काल का ।

 

4. धार्मिक अन्धविश्वासों के स्थान पर तर्क और बुद्धि की प्रधानता स्थापित होने के कारण ईसाई धर्म का महत्व क्षीण हुआ तथा सर्वसाधारण धर्म के ठेकेदारों के चंगुल से निकलने में सफल हो गए। कैथोलिक धर्म के विरुद्ध आन्दोलन उठ खड़ा हुआ और वह कुछ ही अर्से में अनेक उप-शाखाओं में फैल गया।

 

5. राजनीतिक दृष्टि से यूरोप में सामन्तवाद का ह्रास तथा उसके स्थान पर शक्तिशाली राष्ट्रों का उदय हुआ। संयुक्त यूरोप कई राष्ट्रीय राज्यों में विभक्त हो गया। राजनीतिक कार्यों में पोप का हस्तक्षेप समाप्त हो गया तथा जनसाधारण में राष्ट्रीय भावनाएं विकसित हुई । इस विचार की स्थापना हुई कि राज्य ईश्वरकृत न होकर मानवकृत है।

 

6. व्यापारी वर्ग की शक्ति बढ़ी, जनता शिक्षित होने लगी और कुलीनवंशीय लोगों की शक्ति, महत्ता कमी आई। सम्मान में भारी कमी आयी। 

 

7. भौगोलिक खोजों को बहुत प्रेरणा मिली । यूरोप वालो ने पूर्व की और जाने के लिएनए मार्ग ढूंढ काले और ऐसे भू-खण्डों का पता लगाया जो अभी तक अज्ञात थ एक नई दुनिया का उन्हें ज्ञान हुआ । वास्को डी गामा ने ई. में भारत के जल मार्ग की खोज की । कोलम्बस ने सन् 1442 में नई दुनिया (अमेरिका) का पता लगाया 1447 ई. में का मांझी कैबट पहली बार अमेरिका के मुख्य महाद्वीप पर उतरा। पुर्तगाली मैगलन ने पहली बार दुनिया का चक्कर लगाया। इटली के मल्लाह अमेरिगो वस्पूच्ची ने एटलाण्टिक महासागर पार कर उस भू-खण्ड के दर्शन किए जहां पहले कोलम्बस कैबट पहुंच चुके थे। उसने पहली बार इस सत्य का पता लगाया कि वह भू-खण्ड (जिसे कोलम्बस और कैबट भारत समझ रहे थे) एक दूसरा महाद्वीप है और इस तथ्य का पता चलने पर ही इस भू-खण्ड का नाम अमेरिकगों के नाम पर पड़ा । 

 

8. पुनर्जागरण के फलस्वरूप धार्मिक क्रान्ति हुई और भौगोलिक रेजों के कारण व्यापारिक क्रांति हुई तथा उपनिवेशवाद और औपनिवेशिक साम्राज्यवाद का प्रादुर्भाव हुआ।

 

इस प्रकार पुनर्जागरण आन्दोलन प्रभाव और परिणाम दृष्टि से हर खेत्र में महान सिद्ध हुआ। 


विषय सूची 


पुनर्जागरण का अर्थ, पुनर्जागरण की विशेषताएं

पुनर्जागरण के कारण 

इटली में ही पुनर्जागरण की शुरूआत क्यों 

पुनर्जागरण का कला,साहित्य, विज्ञान,चित्रकला, मूर्तिकला के क्षेत्र में प्रभाव

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