कोलकाता की स्थापत्य कला |कोलकाता का इतिहास |Architecture of kolkata in Hindi

कोलकाता की स्थापत्य कला
कोलकाता का इतिहास 

कोलकाता की स्थापत्य कला |कोलकाता का इतिहास |Architecture of kolkata in Hindi


कोलकाता की स्थापत्य कला 

  • कोलकाता के मूल और इतिहास की खोज बहुत रोचक है। क्या आप जानते हैं कि अंग्रेजों के राज्य में 1911 ई. तक यह ब्रिटिश भारत की राजधानी था। यह 1686 ई. में कलकत्ता के नाम से जाना गया। ऐसा अंग्रेजों की विस्तार योजना के परिणाम स्वरूप हुआ।

 

  • यह शहर 1756 ई. तक निरंतर उन्नति करता रहा जब तक सिराजुद्दौला (बंगाल के नवाब ) ने 1757 ई. में आक्रमण करके अंग्रेजों को शहर से भगा नहीं दिया। इससे अगले वर्ष 1757 ई. में प्लासी का युद्ध हुआ जिसमें रॉबर्ट क्लाइव ने नवाब को हराकर फिर से शहर पर कब्जा कर लिया।

 

  • 1774 ई. में कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय के स्थापित होने के बाद यह न्याय का स्थान बन गया। ब्रिटिश भारत की राजधानी 1911 ई. में कलकत्ता से नई दिल्ली बना दी गई। आपको यह ज्ञात ही होगा कि कलकत्ता सरकारी तौर पर 2001 ई. में कोलकाता कहलाने लगा।


कोलकाता के भवन और प्रसद्धि इमारत

 

हावड़ा पुल

  • हावड़ा पुल हुगली नदी पर बना है। यह पुल हावड़ा शहर को कलकत्ते से जोड़ता है। यह पुल दो 270 फीट ऊँचे स्तम्भों पर खड़ा है इसमें पेच और कब्जे आदि नहीं लगे हैं और यह पुल कलकत्ता की महत्त्वपूर्ण निशानी है। यह विश्व का सबसे अधिक व्यस्त पुल है।

 

मार्बल पैलेस

  • उत्तरी कलकत्ता में स्थित मार्बल पैलेस 1835 ई. में बना। यहाँ आज उत्कृष्ट कला संग्रहालय बना हुआ है। यहाँ कला के उत्कृष्ट नमूनेशिल्पचित्र और तैलचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इसमें एक चिड़ियाघर भी है जहाँ आप विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षी देख सकते हैं। वस्तुतः यहाँ पक्षियों का संग्रह बेजोड़ है ।

 

  • फोर्ट विलियम हुगली नदी पर स्थित है। यह अंग्रेजों द्वारा विशेषतः राबर्ट क्लाइव द्वारा 1696 ई. में प्रारंभ किया गया और 1780 ई. में जाकर पूरा हुआ। इस किले का मुख्य उद्देश्य आक्रमणकारियों से बचाव करना था। 


  • किले के चारों ओर का क्षेत्र साफ करके मैदान बना दिया गया। अब यहाँ कई प्रदर्शनियाँ और मेले लगते रहते हैं। 


विक्टोरिया मेमोरियल

  • विक्टोरिया मेमोरियल हॉल कलकत्ता का अति समृद्ध संग्रहालय है जो 1921 ई. में स्थापित हुआ। यह एक शानदार स्थल है जो पर्यटक को विगत इतिहास की दुनिया में ले  जाता है। 


  • आज विक्टोरिया मेमोरियल कलकत्ता का सबसे खूबसूरत कला संग्रहालय है। यह 184 फुट ऊँचा महल है जो 64 एकड़ भूमि पर बनाया गया है।

 

ईडन गार्डन क्रिकेट क्लब 

  • ईडन गार्डन क्रिकेट क्लब कलकत्ता में 1864 ई. वर्ष में स्थापित हुआ है। आज इसमें 1,20,000 लोगों के बैठने का स्थान है। 'ईडन गार्डन ऑफ कोलकातानिश्चित ही अवश्य देखने योग्य स्थानों में से एक है।

 

लेखकों का भवन

  • लेखकों का भवन (Writers' Building) 1690 ई. में बनना प्रारंभ हुआ। इसका यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि यह स्थान ईस्ट इण्डिया कम्पनी के कनिष्ठ लेखकों के निवास के लिए उपयोग किया जाता था। यह गॉथिक भवन लेफ्टिनेंट गवर्नर एशले ईडन (1877 ई.) के कार्यकाल में बना।


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