जनवरी माह के महत्वपूर्ण दिवस की सूची |List of Important Day in January

 जनवरी माह के महत्वपूर्ण दिवस की सूची
List of Important Day in January 
जनवरी माह के महत्वपूर्ण दिवस की सूची List of Important Day in January

जनवरी माह महत्वपूर्ण दिवस


दिनांक दिवस 

1 जनवरी

वैश्विक परिवार दिवस 

8 जनवरी

अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस स्थापना दिवस

9 जनवरी

प्रवासी भारतीय दिवस

11 जनवरी

लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि

12 जनवरी

राष्ट्रीय युवा दिवस

15 जनवरी

भारतीय सेना दिवस

23 जनवरी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती
पराक्रम दिवस

24 जनवरी

राष्ट्रीय बालिका दिवस

25 जनवरी

राष्ट्रीय मतदाता दिवस

25 जनवरी

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 

26 जनवरी

गणतंत्र दिवस

26 जनवरी

अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस

28 जनवरी

लाला लाजपत राय की जयंती

30 जनवरी

शहीद दिवस

30 जनवरी

विश्व कुष्ठ उन्मूलन दिवस

DRDO स्थापना दिवस 1 जनवरी 

  • 01 जनवरी, 2021 को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के 63वें स्थापना दिवस का आयोजन किया गया। वर्ष 1958 में DRDO की स्थापना रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मात्र 10 प्रयोगशालाओं के साथ की गई थी और इसे भारतीय सशस्त्र बलों के लिये अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों के डिज़ाइन तथा विकास का कार्य सौंपा गया था। वर्तमान में DRDO 52 प्रयोगशालाओं का एक समूह है, जो रक्षा प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों जैसे- वैमानिकी, शस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, लड़ाकू वाहन, इंजीनियरिंग प्रणालियाँ, इंस्ट्रूमेंटेशन, मिसाइलें, उन्नत कंप्यूटिंग और सिमुलेशन, नौसेना प्रणाली, लाइफ साइंस, प्रशिक्षण, सूचना प्रणाली तथा कृषि आदि में कार्य कर रहा है। वर्तमान में डॉ. जी. सतीश रेड्डी DRDO के चेयरमैन हैं। वर्ष 2020 में DRDO ने कई महत्त्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनमें हल्के लड़ाकू विमान तेजसके नौसैनिक संस्करण की INS विक्रमादित्य पर लैंडिंग, हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल (HSTDV), क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD), लेज़र गाइडेड एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM), सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड रिलीज़ ऑफ टॉरपीडो (SMART), एंटी रेडिएशन मिसाइल (NGARM), पिनाका रॉकेट सिस्टम का वर्द्धित संस्करण, क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम (QRSAM) और मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल (MRSAM) आदि शामिल हैं। देश में कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने के लिये DRDO की लगभग 40 प्रयोगशालाओं ने 50 से अधिक तकनीकों और 100 से अधिक उत्पादों का विकास किया. 


विश्व ब्रेल दिवस 4 जनवरी 

  • दुनिया भर में ब्रेल (Braille) लिपि के महत्त्व को रेखांकित करने के लिये प्रतिवर्ष 04 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस का आयोजन किया जाता है। ब्रेल (Braille) नेत्रहीन और दृष्टिबाधित लोगों के लिये प्रयोग की जाने वाली एक पद्धति होती है। यह दिवस ब्रेल लिपि के जनक फ्रांँस के लुई ब्रेल की जयंती को चिह्नित करता है, जिन्होंने वर्ष 1824 में ब्रेल लिपि का आविष्कार किया था। लुई ब्रेल का जन्म 4 जनवरी, 1809 को फ्रांँस के एक गाँव में हुआ था और बहुत कम आयु में ही एक दुर्घटना के बाद उनकी आँखों की रोशनी चली गई, जिसके बाद उन्होंने 15 वर्ष की आयु में ब्रेल लिपि का आविष्कार किया। वर्ष 1824 में बनी इस लिपि को वर्तमान में दुनिया के लगभग सभी देशों में मान्यता मिल चुकी है। विश्व ब्रेल दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा नवंबर 2018 में की गई थी और इसका उद्देश्य आम लोगों के बीच ब्रेल लिपि के बारे में जागरूकता पैदा करना है। विश्व ब्रेल दिवस शिक्षकों, सरकारों और गैर-सरकारी संगठनों को नेत्रहीन एवं दृष्टिबाधित लोगों के समक्ष मौजूद चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।


भारतीय प्रवासी दिवस 9 जनवरी 

  • भारत के विकास में प्रवासी भारतीयों के योगदान को चिह्नित करने के लिये प्रतिवर्ष 9 जनवरी को भारतीय प्रवासी दिवस का आयोजन किया जाता है। प्रवासी भारतीय दिवस मनाने का निर्णय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लिया था। ज्ञात हो कि 9 जनवरी, 1915 के ही दिन महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस आए थे, इसलिये 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस के आयोजन के लिये चुना गया था। पहले प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन 9 जनवरी, 2003 को नई दिल्ली में हुआ था। इस वर्ष प्रवासी भारतीय दिवस का विषय आत्मनिर्भर भारत में योगदानहै। प्रवासी भारतीय दिवस का प्रमुख उद्देश्य प्रवासी भारतीय समुदाय की उपलब्धियों को मंच प्रदान कर उनको दुनिया के सामने लाना है। साथ ही यह दिवस अप्रवासी भारतीयों की भारत के प्रति सोच, भावना की अभिव्यक्ति, देशवासियों के साथ सकारात्मक बातचीत के लिये भी एक मंच उपलब्ध कराता है।


विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी 

  • प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस के आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य विश्व में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिये उपयुक्त वातावरण तैयार करना और हिंदी को अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करना है। विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी, 1975 को नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिंदी सम्मेलन की वर्षगाँठ को चिह्नित करता है। इस सम्मेलन का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। पहली बार विश्व हिंदी दिवस वर्ष 2006 में आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा की गई थी। भारत में एक बड़ा वर्ग हिंदी को अपनी मातृ भाषा मानता है। भारत के अलावा पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, न्यूज़ीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, युगांडा, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिडाड, मॉरीशस और दक्षिण अफ्रीका सहित कई अन्य देशों में भी हिंदी भाषा बोलने वाले लोग पाए जाते हैं। गौरतलब है कि 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस और 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है।

पूर्व सैनिक दिवस 14 जनवरी 

  • भारतीय सशस्त्र सेनाओं द्वारा प्रतिवर्ष 14 जनवरी को पूर्व सैनिकों के सम्माहन में पूर्व सैनिक दिवस (वेटरन्स डे) मनाया जाता है। भारतीय सशस्त्र सेनाओं के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्डि मार्शल के.एम. करियप्पात, के सेना में दिये गए अतुलनीय योगदान की याद में यह दिवस मनाया जाता है। फील्डे मार्शल करियप्पार वर्ष 1953 में इसी दिन सेवानिवृत्त हुए थे। इस दिवस पर हमारे बहादुर सेना नायकों और पूर्व सैनिकों की राष्ट्र के प्रति निस्वा5र्थ सेवा और बलिदान के सम्माुन में तथा उनके परिजनों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने हेतु देश के विभिन्न् क्षेत्रों में पूर्व सैनिकों के लिये सम्मिलन कार्यक्रम (वेटरन्स मीट्स) आयोजित किये जाते हैं। वर्ष 1899 में कर्नाटक में जन्मे फील्ड। मार्शल के.एम. करियप्पास को स्वतंत्र भारत के पहले सेना प्रमुख के रूप में जाना जाता है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के विरुद्ध बर्मा (वर्तमान म्याँमार) में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका के लिये उन्हें प्रतिष्ठित ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एम्पायर’ (OBE) से भी सम्मानित किया गया था। 15 जनवरी, 1949 को के.एम. करियप्पाए को भारतीय सेना का पहला कमांडर-इन-चीफ बनाया गया था। उन्हें फील्ड मार्शल की फाइव-स्टार रैंक भी दी गई थी, जो कि भारतीय सेना का सर्वोच्च सम्मान है और इसे अब तक दो ही लोग प्राप्त कर सके हैं, पहले फील्ड  मार्शल के.एम. करियप्पाा और दूसरे फील्डस मार्शल सैम मानेकशॉ।

 

भारतीय सेना दिवस 15 जनवरी 

  • भारत में प्रतिवर्ष 15 जनवरी को जवानों और भारतीय सेना के सम्मान में सेना दिवस मनाया जाता है।
  • 15 जनवरी, 1949 को फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा (जो उस समय लेफ्टिनेंट जनरल थे) ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना के कमांडर-इन-चीफ का कार्यभार ग्रहण किया। के.एम. करियप्पा इस पद को संभालने वाले पहले भारतीय थे।
  •  के.एम. करियप्पा ने जय हिंद के नारे को अपनाया, जिसका अर्थ है भारत की विजय’ (Victory of India)। वह फील्ड मार्शल की फाइव स्टार रैंक प्राप्त करने वाले दो भारतीय सेना अधिकारियों में से एक हैं, जबकि दूसरे फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ हैं।

 

पराक्रम दिवस 23 जनवरी 

  • केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने हाल ही में घोषणा की है कि वर्ष 2021 से प्रतिवर्ष 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवसके रूप में मनाया जाएगा। इस संबंध में घोषणा करते हुए केंद्र संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने 23 जनवरी, 2021 से शुरू होने वाले नेताजी के 125वें जयंती वर्ष को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शानदार तरीकेसे मनाने का निर्णय लिया है। साथ ही इस दिवस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी आयोजित किया जाएगा। सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 को उड़ीसा के कटक शहर में हुआ था। इंडियन सिविल सर्विस से इस्तीफा देने के पश्चात् वे स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए और वर्ष 1938 तथा 1939 में काॅन्ग्रेस के अध्यक्ष बने। 18 अगस्त्, 1945 को हुए विमान हादसे में रहस्यतमयी स्थिति में सुभाष चंद्र बोस की मौत हो गई थी, यह घटना लोगों के लिये पहेली बनी हुई है।

कोकबोरोक दिवस

  • 19 जनवरी को त्रिपुरा में 43वें कोकबोरोक दिवस का आयोजन किया गया। एस अवसर पर पारंपरिक पोशाक में लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कोकबोरोकत्रिपुरा की मूल भाषा है। इसमें कोकका अर्थ है भाषाऔर बोरोकका अर्थ है लोगकोकबोरोकभाषा को लेकर 19 जनवरी, 1979 को त्रिपुरा विधानसभा में विधेयक पारित किया गया था, जिसमें कोकबोरोकको राज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दी गई और तब से इसका उपयोग सरकारी कार्यालयों में किया जाता रहा है। कोकबोरोक भाषा में लेखन की शुरुआत तकरीबन 300 वर्ष पूर्व त्रिपुरा के राजा महेंद्र देबबर्मा के शासनकाल के दौरान हुई थी। वर्तमान में त्रिपुरा की आदिवासी आबादी का 70 से 75 फीसदी हिस्सा कोकबोरोकभाषा बोलता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस

  • भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के स्थापना दिवस को चिह्नित करने के लिये भारत में प्रतिवर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन किया जाता है। भारत निर्वाचन आयोग का गठन 25 जनवरी, 1950 को हुआ था। भारत सरकार ने राजनीतिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस पर '25 जनवरी' को वर्ष 2011 से 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। वर्ष 2021 के लिये इस दिवस की थीम मतदाताओं को सशक्त, सतर्क, सुरक्षित और सूचित करनाहै। राष्ट्री य मतदाता दि‍वस मनाए जाने के पीछे निर्वाचन आयोग का उद्देश्यो अधि‍क मतदाता, वि‍शेष रूप से नए मतदाता बनाना है। इस दि‍वस पर मतदान प्रक्रि‍या में मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु जागरूकता का प्रसार कि‍या जाता है। निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक प्राधिकरण है, जो भारत में संघ और राज्य चुनाव प्रक्रियाओं के संचालन हेतु उत्तरदायी है। यह निकाय भारत में लोकसभा, राज्य सभा, राज्यज विधानसभाओं, राष्ट्रतपति एवं उप-राष्ट्र पति के पदों के लिये चुनावों का संचालन करता है। भारत निर्वाचन आयोग में मूलतः केवल एक चुनाव आयुक्त का प्रावधान था, किंतु वर्तमान में इसमें एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त शामिल हैं।

 

राष्ट्रीय बालिका दिवस

  • भारत में प्रतिवर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस के आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य लिंगभेद के कारण भारतीय समाज में लड़कियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों को दूर करने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करना है। यह दिवस लड़कियों के प्रति समाज के दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता पर ज़ोर देता है। महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा इस दिवस को मनाने की शुरुआत वर्ष 2008 में बालिका के अधिकारों और बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के महत्त्व को रेखांकित करने के लक्ष्य के साथ की गई थी। ध्यातव्य है कि अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस प्रतिवर्ष 11 अक्तूबर को मनाया जाता है। भारतीय समाज और संस्कृति में सदियों से लैंगिक असमानता एक बड़ी चुनौती रही है। इस भेदभाव और असमानता की शुरुआत लड़की के जन्म लेने से पूर्व ही शुरू हो जाती है। भारत सरकार ने महिलाओं के विरुद्ध भेदभाव की इस स्थिति को बदलने और सामाजिक स्तर पर लड़कियों की स्थिति में सुधार करने के उद्देश्य से कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओअभियान, ‘सुकन्या समृद्धि योजना’, बालिकाओं के लिये मुफ्त या अनुदानित शिक्षा और कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में सीटों का आरक्षण आदि शामिल है।

अंतर्राष्ट्रीय कस्टम दिवस

  • 26 जनवरी, 2021 को विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय कस्टम दिवस का आयोजन किया गया। इस वर्ष यह दिवस एक टिकाऊ आपूर्ति शृंखला के लिये सीमा शुल्क वसूली में तेज़ी, नवीकरण और लचीलापनथीम के साथ आयोजित किया गया। यह दिवस विश्व भर की सीमाओं पर वस्तु और माल के प्रवाह की देखभाल के कार्य के लिये कस्टम अधिकारियों और एजेंसियों को सम्मानित करता है। विश्व सीमा शुल्क संगठन (WCO) द्वारा गठित यह दिवस वर्ष 1953 में बेल्जियम के ब्रुसेल्स में आयोजित सीमा शुल्क सहयोग परिषद (CCC) के उद्घाटन सत्र की शुरुआत को चिह्नित करता है। वर्ष 1994 में सीमा शुल्क सहयोग परिषद का नाम बदलकर विश्व सीमा शुल्क संगठन (WCO) कर दिया गया। यह एक स्वतंत्र अंतर-सरकारी निकाय है और वर्तमान में इसके कुल 183 सदस्य हैं।

शहीद दिवस

  • राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी की पुण्यतिथि की स्मृति में प्रतिवर्ष 30 जनवरी को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1948 में आज ही के दिन नाथूराम गोडसे ने दिल्ली के बिड़ला हाउस में महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गांधी जी का जन्म पोरबंदर की रियासत में 2 अक्तूबर, 1869 को हुआ था। वर्ष 1893 में गांधी जी एक मुकदमे के सिलसिले में दक्षिण अफ्रीका चले गए और वहाँ उन्होंने अश्वेतों तथा भारतीयों के विरुद्ध गहरा भेदभाव महसूस किया। उन्हें अंग्रेज़ों से स्वतंत्रता के लिये भारत के संघर्ष और सत्य एवं अहिंसा की उनकी नीति के लिये याद किया जाता है। गांधी जी ने अपनी संपूर्ण अहिंसक कार्य पद्धति को सत्याग्रहका नाम दिया। उनके लिये सत्याग्रह का अर्थ सभी प्रकार के अन्याय, अत्याचार और शोषण के खिलाफ शुद्ध आत्मबल का प्रयोग करने से था। गांधी जी एक महान शिक्षाविद भी थे, उनका मानना था कि किसी देश की सामाजिक, नैतिक और आर्थिक प्रगति अंततः शिक्षा पर निर्भर करती है। गांधी विरोधी गांधी जी को भारत के बँटवारे और पाकिस्तान के निर्माण के लिये उत्तरदायी मानते हैं और नाथूराम गोडसे ने भी गांधी जी की हत्या करने के लिये यही तर्क दिया था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के लिये नाथूराम गोडसे और सह-साजिशकर्त्ता नारायण आप्टे को 15 नवंबर, 1949 को फाँसी दी गई थी।


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