विश्व समुदाय को पंडित जवाहरलाल नेहरू का योगदान | Nehru as a Global Leader

विश्व समुदाय को पंडित जवाहरलाल नेहरू का योगदान

विश्व समुदाय को पंडित जवाहरलाल नेहरू का योगदान | Nehru as a Global Leader



 विश्व समुदाय को नेहरू का क्या योगदान है?

  • पंडित जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रवाद के साथ-साथ अन्तरराष्ट्रीयवाद के पोषक थे और भारतीय समाज सभ्यता के अनुरूप वसुदैव कुटुम्ब में विश्वास करते थे। उनकी आस्था सत्यअहिंसाशांतिपूर्ण अस्तित्व जीयो और जीने दो की आदि में उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय राजनीति में मूल मंत्र प्रदान किए जो भारत की विदेशी नीति के आधार स्तम्भ बने हुए हैं। 
  • गुटनिरपेक्षपंचशीलविश्वशांतिसंयुक्त राष्ट्र संघ में आस्था अन्तरराष्ट्रीय कानून में विश्वास साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद का विरोधरंगभेद उन्मूलन आदि पर बल दिया। उनके द्वारा प्रतिपादित गुटनिरपेक्षता की नीति काफी सार्थक एवं व्यावहारिक साबित हुई।
  • इस नीति से एशियाअफ्रीका तथा लेटिन अमेरिका के उन देशों को आधार मिला जो लम्बी गुलामी के बाद स्वतंत्र हुए थे। इन्हें विश्व समुदाय के समक्ष अपनी पहचान रखने का मौका मिला। 
  • इसके अलावा गुटनिरपेक्ष आंदोलन ने दोनो महाशक्तियों के बीच सन्तुलन बनाए रखा और विश्व को तृतीय विश्वयुद्ध की विभीषिका से बचाया। यह आंदोलन आज भी पूर्णगति के साथ चल रहा है और 118 राष्ट्र इसके सदस्य है।


 नेहरू की पंचशील की नीति

  • पंचशील की नीति के लिए भी विश्व समुदाय पंडित नेहरू का हमेशा ऋणी रहेगा। इसका सही प्रतिपादन 1954 में पंडित नेहरू ने चीन के प्रधानमंत्री चाऊ ईन लाईन के साथ समझौता करके किया। जो अनाक्रमणएक दूसरे की सम्प्रभुता का सम्मान करनाआंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में विश्वास करना है। इसको विश्व के अनेक संगठनों ने अपनाया है।


  • नेहरू का यह मानना था कि विश्व की समस्याओं का स्थायी समाधान ढूंढने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ जैसी अन्तरराष्ट्रीय संस्था को सुदृढ़ किया जाना चाहिए और अन्तरराष्ट्रीय कानूनों में विश्वास करना चाहिए। उनका यह दृष्टिकोण भी शांति की दिशा में सार्थक साबित हुआ और संयुक्त राष्ट्र संघ, 62 वर्षो से कार्यरत है। इस प्रकार पंडित नेहरू ने वसुधैव कुटुम्ब की नीति का अनुसरण कियाजिसकी आज भी विश्व में आवश्यकता है।

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