चर्चित व्यक्ति नवम्बर 2020 | Person in News November 2020

 चर्चित व्यक्ति नवम्बर 2020 

चर्चित व्यक्ति नवम्बर 2020 | Person in News November 2020


जॉन पोम्बेफ मागुफुली

जॉन पोम्बेग मागुफुली (John Pombe Magufuli) ने तंज़ानिया के राष्ट्रपति के रूप में पुनः पदभार संभाला है। जॉन पोम्बे  मागुफुली का जन्म 29 अक्तूबर, 1959 को तंज़ानिया के एक किसान परिवार में हुआ था।

तंज़ानिया सामान्य ज्ञान 

तंज़ानिया हिंद महासागर के तट पर स्थित पूर्वी अफ्रीका का एक देश है। इसकी औपचारिक राजधानी डोडोमा है, जबकि वास्तविक (de facto) राजधानी दार-ए-सलाम (Dar es Salaam) है, जहाँ अधिकांश सरकारी प्रशासनिक कार्यालय स्थापित हैं। तंज़ानिया के उत्तर में युगांडा, विक्टोरिया झील और केन्या; पूर्व में हिंद महासागर; पश्चिम में बुरुंडी एवं रवांडा तथा दक्षिण-पश्चिम में मोज़ाम्बिक, न्यासा झील, मलावी व ज़ाम्बिया स्थित हैं। अफ्रीका का सबसे ऊँचा पर्वत, माउंट किलिमंज़ारो (5,895 मीटर) भी तंज़ानिया में ही अवस्थित है। इसके अलावा हिंद महासागर में स्थित माफिया (Mafiya), ज़ंज़ीबार और पेम्बा द्वीप तंज़ानिया शासित हैं।

राजीव जलोटा

वर्ष 1988 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईएएस (IAS) अधिकारी राजीव जलोटा को केंद्रीय पोत परिवहन मंत्रालय के तहत मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (MBPT) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राजीव जलोटा को अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त करने का निर्णय केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति द्वारा लिया गया है।


प्रियंका राधाकृष्णन

भारतीय मूल की प्रियांक राधाकृष्णन (Priyanca Radhakrishnan) ने न्यूज़ीलैंड में मंत्री पद की शपथ ली है। 41 वर्ष की प्रियंका राधाकृष्णन का जन्म चेन्नई में और पालन पोषण सिंगापुर में हुआ था। प्रियंका राधाकृष्णन के दादा कोच्चि में एक चिकित्सा पेशेवर और कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थक थे, जिन्होंने केरल के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद वे उच्च शिक्षा के लिये न्यूज़ीलैंड गईं और वर्ष 2004 से लेबर पार्टी के साथ सक्रिय राजनीति में हैं। प्रियंका राधाकृष्णन दो बार ऑकलैंड से सांसद रह चुकी हैं। उन्होंने अपने संपूर्ण राजनीतिक जीवन में घरेलू हिंसा का सामना कर रही महिलाओं और शोषण के प्रति संवेदनशील प्रवासी मज़दूरों के प्रति आवाज़ बुलंद की है।


शेन वॉटसन

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के सलामी बल्लेबाज शेन वॉटसन (Shane Watson) ने हाल ही में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की औपचारिक घोषणा कर दी है। शेन वॉटसन ने अपना पहला एकदिवसीय मैच वर्ष 2002 में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध खेलते हुए अपने अंतर्राष्ट्रीय कॅरियर की शुरुआत की थी। ऑस्ट्रेलिया के लिये ऑलराउंडर के तौर पर खेलने वाले शेन वॉटसन ने वर्ष 2016 में ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। शेन वॉटसन, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 59 टेस्ट, 190 वनडे और 58 टी-20 मैच खेले हैं, वर्ष 2007 और वर्ष 2015 में दो बार ICC विश्व कप जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे। शेन वॉटसन ने टेस्ट क्रिकेट में 3731 रन और एकदिवसीय क्रिकेट में 5757 रन बनाते हुए अपने दौर के प्रमुख ऑलराउंडर के तौर पर अपने कॅरियर की समाप्ति की।

 

टी. एन. कृष्णन

02 नवंबर, 2020 को विश्व प्रसिद्ध वायलिन वादक और पद्म पुरस्कार से सम्मानित टी. एन. कृष्णन का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। टी. एन. कृष्णन का जन्म 06 अक्तूबर, 1928 को केरल के एर्नाकुलम (Ernakulam) ज़िले में हुआ था। उन्होंने एक वायलिन वादक के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत काफी छोटी उम्र में की और आगे कई पीढ़ियों के दिग्गज संगीतकारों के साथ कार्य किया। वर्ष वह 1942 में वे चेन्नई गए और तब से वे उसी शहर में रह रहे थे। विभिन्न संगीत कार्यक्रमों में प्रदर्शन करने के अलावा, टी. एन. कृष्णन ने चेन्नई म्यूज़िक कॉलेज में भी पढ़ाया है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के संगीत एवं ललित कला स्कूल में डीन के तौर पर भी कार्य किया। टी. एन. कृष्णन को संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए संगीत कलानिधि, पद्मश्री और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

 

एम. एम. नरवणे

भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे (Gen M M Naravane) को नेपाल की सेना के जनरल की मानद उपाधि प्रदान की गई है।

जनरल एम. एम. नरवणे को यह सम्मान काठमांडू में राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास शीतल निवासमें आयोजित एक विशेष समारोह में नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर उन्हेंई तलवार और सूचीपत्र (Scroll) प्रदान किया गया। इससे पूर्व नेपाल सेना के प्रमुख जनरल पूर्ण चंद्र थापा को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में इसी प्रकार की मानद उपाधि से सम्मानित किया था। ज्ञात हो कि दोनों देशों के बीच सेना अध्यिक्ष को मानद उपाधि प्रदान करने की यह परंपरा सात दशकों से भी अधिक पुरानी है। कमांडर-इन-चीफ जनरल के.एम. करियप्पा पहले भारतीय सेना प्रमुख थे, जिन्हें वर्ष 1950 में इस उपाधि से अलंकृत किया गया था।

 

यशवर्द्धन कुमार सिन्हा


भारतीय विदेश सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी यशवर्द्धन कुमार ने हाल ही में राष्ट्रपति भवन में मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) के रूप में शपथ ली है। यशवर्द्धन कुमार सिन्हा ने पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) बिमल जुल्का का स्थान लिया है, जिन्होंने 26 अगस्त, 2020 को अपना कार्यकाल पूरा किया और तभी से यह पद खाली है। 4 अक्तूबर, 1958 को जन्मे यशवर्द्धन कुमार सिन्हा 1 जनवरी, 2019 को सूचना आयुक्त के तौर पर केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) में शामिल हुए और इससे पूर्व वे यूनाइटेड किंगडम (UK) तथा श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त के रूप में कार्य कर चुके हैं। सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के मुताबिक, केंद्र सरकार केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के रूप में एक निकाय का गठन करेगी। नियम के अनुसार, केंद्रीय सूचना आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) और कुछ सूचना आयुक्त होंगे, जिनकी संख्या 10 से अधिक नहीं होगी।

 

ज्ञानेंद्रो निंगोबम

मणिपुर के ज्ञानेंद्रो निंगोबम को हॉकी इंडिया के अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुन लिया गया है। इसी के साथ ज्ञानेंद्रो निंगोबम पूर्वोत्तर भारत से हॉकी इंडिया के पहले अध्यक्ष बन गए हैं और आगामी दो वर्ष तक हॉकी इंडिया के प्रमुख के रूप में कार्य करेंगे। ध्यातव्य है कि इसी वर्ष जुलाई के महीने में हॉकी इंडिया के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से ज्ञानेंद्रो निंगोबम हॉकी इंडिया के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने हॉकी इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मणिपुर हॉकी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मणिपुर हॉकी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में भी कार्य किया है। हॉकी इंडिया भारत में हॉकी के खेल का आधिकारिक निकाय है जो देश में हॉकी को बढ़ावा देने और संबंधित प्रतियोगितओं को आयोजित करने जैसे कार्य करता है। इसे अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ और भारतीय ओलंपिक संघ की मान्यता भी प्राप्त है।


विदिशा मैत्रा

भारतीय राजनयिक विदिशा मैत्रा को संयुक्त राष्ट्र की प्रशासनिक एवं बजटीय प्रश्नों से संबद्ध सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में चुना गया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव के रूप में कार्यरत विदिशा मैत्रा को एशिया-प्रशांत देशों के समूह में कुल 126 मत प्राप्त हुए हैं। गौरतलब है कि 193 सदस्यीय महासभा सलाहकार समिति के सदस्यों की नियुक्ति करती है और इन सदस्यों का चयन व्यापक भौगोलिक प्रतिनिधित्त्व, व्यक्तिगत योग्यता और अनुभव के आधार पर किया जाता है। इस समिति में सदस्य के तौर पर विदिशा मैत्रा का चुनाव कुल तीन वर्ष के लिये किया गया है और उनके कार्यकाल की शुरुआत 1 जनवरी, 2021 से होगी। प्रशासनिक एवं बजटीय प्रश्नों से संबद्ध सलाहकार समिति, संयुक्त राष्ट्र महासभा की पाँचवीं समिति है, जो कि महासभा के प्रशासनिक और बजटीय मुद्दों पर निर्णय लेती है। सलाहकार समिति का प्रमुख कार्य महासचिव द्वारा महासभा को सौंपे गए बजट की जाँच करना और किसी भी प्रशासनिक तथा बजटीय मामले में महासभा को सलाह देना है। इसके अलावा यह समिति महासभा की ओर से संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट एजेंसियों के प्रशासनिक बजट की भी जाँच करती है।

अजीम प्रेमजी

भारत में आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) के पूर्व चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने भारत में दान देने के मामले में सबसे शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। हाल ही में जारी किये गए एडलिव हुरुन इंडिया फिलैन्थ्रॉपी लिस्ट 2020 के सांतवें संस्करण के अनुसार, अजीम प्रेमजी ने वर्ष 2020 में कुल 7,904 करोड़ रुपए यानी प्रतिदिन लगभग 22 करोड़ रुपए दान दिये हैं, इसलिये वे इस सूची में पहले स्थान पर हैं। 1 अप्रैल, 2020 को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, विप्रो और विप्रो एंटरप्राइज़ेज़ ने कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप से निपटने के लिये 1,125 करोड़ रुपए दान करने की घोषणा की थी। यह विप्रो की वार्षिक CSR गतिविधियों और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सामान्य खर्च से अलग था। HCL के संस्थापक और चेयरमैन शिव नादर को इस सूची में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, जिन्होंने वर्ष 2020 में कुल 795 करोड़ रुपए दान किये हैं। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के चेयरमैन और एशिया के सबसे अमीर आदमी मुकेश अंबानी को इस सूची में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है और उन्होंने वर्ष 2020 में कुल 458 करोड़ रुपए दान किये हैं। हुरुन इंडिया और एडलिव फाउंडेशन द्वारा तैयार की जाने वाली इस सूची के माध्यम से राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को रेखांकित करने का प्रयास किया जाता है।


सर छोटूराम


सर छोटूराम का जन्म 24 नवंबर, 1881 को पंजाब के रोहतक (अब हरियाणा) में हुआ था। छोटूराम का असली नाम राय रिछपाल था। सर छोटू राम दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज के छात्र रहे और उन्हें वर्ष 1937 में नाइट की उपाधि दी गई। कई आलोचक सर छोटूराम को एक जातिवादी नेता के रूप में देखते हैं, किंतु उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन में किसानों के उत्थान की बात की। वर्ष 1912 में वकील के तौर पर कार्य शुरू करने के पश्चात् वे वर्ष 1916 में काॅॅन्ग्रेस में शामिल हुए और वर्ष 1916 से 1920 तक रोहतक ज़िला काॅॅन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। सर छोटूराम ने प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना में भारतीय युवाओं की भर्ती करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।

विभाजन के पूर्व पंजाब विधान परिषद के सदस्य के रूप में, उनकी पहली बड़ी उपलब्धि पंजाब भूमि राजस्व (संशोधन) अधिनियम, 1929 को पारित करना, जिसे अभी भी एक ऐतिहासिक सामाजिक कानून के रूप में देखा जाता है। 

एक जन प्रतिनिधि के रूप में सर छोटूराम ने न केवल कानूनों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई बल्कि उन कानूनों के कार्यान्वयन पर भी ज़ोर दिया।

वह किसानों द्वारा खेती पर किये गए खर्च के लिये क्षतिपूर्ति देने की अवधारणा के भी जनक थे, यही अवधारणा आगे चलकर न्यूनतम समर्थन मूल्यके रूप में विकसित हुई है।

 

चंद्रावती

15 नवंबर, 2020 को पुद्दुचेरी की पूर्व उप-राज्यापाल और हरियाणा की पहली महिला सांसद चंद्रावती का 93 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। हरियाणा के भिवानी के दलवास गाँव में जन्मी चंद्रावती हरियाणा की पहली महिला सांसद (वर्ष 1977), हरियाणा की पहली महिला मंत्री (वर्ष 1964-66) और हरियाणा की पहली महिला नेता प्रतिपक्ष (वर्ष 1982-85) थीं। चंद्रावती सर्वप्रथम वर्ष 1954 में अविभाजित पंजाब के बधरा से विधायक बनी थीं। आपातकाल समाप्त होने के बाद वे जनता दल में शामिल हो गईं और वर्ष 1977 में उन्होंने भिवानी निर्वाचन क्षेत्र से राजनीतिक दिग्गज चौधरी बंसीलाल को हराकर इतिहास रच दिया तथा हरियाणा की पहली महिला सांसद बन गईं।


नीतीश कुमार: बिहार के मुख्यमंत्री

नीतीश कुमार सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे।

नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च, 1951 को बिहार के बख्तियारपुर में हुआ था। नीतीश कुमार ने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पटना (अब NIT पटना) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है और बिहार राज्य बिजली बोर्ड में शामिल होने से पहले ही वे बिहार की राजनीति में सक्रिय हो गए थे। इसके बाद नीतीश कुमार ने सर्वप्रथम वर्ष 1977 में जनता दल के सदस्य के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा। गौरतलब है कि नीतीश कुमार वर्ष 1974 से वर्ष 1977 के बीच जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में काफी सक्रिय रूप से शामिल थे। ज्ञात हो कि श्रीकृष्ण सिन्हा, जिन्हें श्रीबाबूके नाम से भी जाना जाता है, बिहार के पहले मुख्यमंत्री थे। भारत के प्रमुख राज्यों में से एक बिहार उत्तर में नेपाल, पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश और दक्षिण में झारखंड के साथ अपनी सीमा साझा करता है। बिहार में कई सारी नदियाँ पाई जाती हैं, जिसमें सबसे प्रमुख गंगा नदी है।


सौमित्र चटर्जी

15 नवंबर, 2020 को प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता सौमित्र चटर्जी का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। सौमित्र चटर्जी, जिन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया, वे एक कुशल नाटककार, थिएटर अभिनेता और कवि भी थे। 19 जनवरी, 1935 को जन्मे सौमित्र चटर्जी ने प्रसिद्ध रंगमंच कलाकार अहिंद्र चौधरी से अभिनय के गुण सीखे थे। सौमित्र चटर्जी ने फिल्मों में अपने कॅरियर की शुरुआत वर्ष 1959 में सत्यजीत रे की फिल्म अपुर संसारके साथ की थी। सौमित्र चटर्जी को वर्ष 2012 में भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से और वर्ष 2018 में फ्रांँस के सर्वोच्च पुरस्कार लीज़न ऑफ ऑनर’ (Legion of Honour) प्रदान किया गया था।

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