मध्य प्रदेश में उद्योगों से संबंधित योजनाएं | Schemes related to industries in Madhya Pradesh


मध्य प्रदेश में उद्योगों से संबंधित योजनाएं


मध्य प्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना - 2014

यह योजना वृहद श्रेणी के उद्योगों एवं निवेश परियोजनाओं के लिए लागू की गई है। इस योजना के प्रमुख बिंदु निम्नवत हैं-
  • लघु निवेशकों को कुल लागत का 10 से 40%  तक तथा वृहद निवेश को 10% पूंजी अनुदान किया दिया जाएगा। दिया जाएगा। जाएगा।
  • वृहद रोजगार स्तर पर सूजन करने वाले निर्यात उद्योगों को इस योजना के द्वारा अतिरिक्त सुविधा प्रदान करना।

 मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण स्वरोजगार योजना
  • यह योजना 1 अगस्त , 2014 को प्रारंभ की गई थी। इसके अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति के लोगों को स्वरोजगार हेतु औद्योगिक उपकरण तथा पूंजी उपलब्ध करवाई जाती है । वर्ष 2018 में इस योजना का नाम परिवर्तित करके मुख्यमंत्री युवा मुख्यमंत्री युवा युवा स्वरोजगार योजना कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना
  • यह योजना 1 अगस्त ,2014 को प्रारंभ की गई थी जिसका उद्देश्य , प्रदेश के सभी वर्गों को विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र से संबंधित उद्योग स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

शिल्पी कल्याण योजना
  • वर्ष 2013 में प्रारंभ इस योजना में शिल्पीयों के कल्याण के लिए स्वास्थ्य कैंप का आयोजन , अनुदान पर स्वास्थ्य बीमा , महिला शिल्पयों एवं शिल्प बुनकर परिवार की बेटियों के लिए निशुल्क उच्च शिक्षा की व्यवस्था की जाती है।

सूचना प्रौद्योगिकी योजना
  • इस योजना में शिल्पीयों , स्वयं - सहायता समूहों तथा बुनकर सहकारी समितियों के लिए कंप्यूटर की खरीद पर 33% अनुदान दिया जाएगा , परंतु अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों के लिए इस अनुदान  की  राशि 50% है।

 स्पेशल प्रोजेक्ट योजना
  • राज्य सरकार द्वारा हथकरघा , हस्तशिल्प , रेशम एवं खादी उद्योगों के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए राज्य , राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के अंतर्गत निजी इकाइयों , कंपनियों एवं व्यक्तिगत उद्यमियों द्वारा परियोजना का क्रियान्वन किया जा रहा है।
  • इस योजना में कुल परियोजना लागत की अधिकतम 70% राशि राज्य द्वारा तथा 30% राशि क्रियान्वयन संस्था द्वारा  वहन की जाएगी। यह सहायता सक्षम वित्तीय समितियों के अधीन होगी , जिसके प्रस्ताव हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम में प्रस्तुत किये जा सकते हैं।

विपणन सहायता
  • शिल्पीयों एवं बुनकरों को विपणन सहायता (Marketing Assistance ) देने के लिए निगम द्वारा 23 बिक्री भंडारों. (Emporium)को संचालित किया जा रहा है।


मध्य प्रदेश में उद्योगों की स्थापना एवं उनके संचालन को सरल एवं सुचारू बनाने के लिए एकल एजेंसी अनुमति (SACS - Single Agency Clearance Statement ) लागू की गई है। मध्यप्रदेश ऐसी व्यवस्था लागू करने वाला देश का प्रथम राज्य है।

निवेश प्रोत्साहन योजना - 2014
  • वर्ष 2018 - 19 में उद्योगों के लिए निवेश प्रोत्साहन योजना - 2014 के अंतर्गत 855 करोड रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है।
  • मध्य प्रदेश सरकार द्वारा औद्योगिक निवेश एवं विकास को प्रोत्साहन देने के लिए प्रति दो वर्ष में वैश्विक निवेश सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। वैश्विक निवेश सम्मेलन का आयोजन 23 24 फरवरी , 2019 को इंदौर में किया गया था।
  •  22 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों के हेतु 1820 करोड रुपए रुपए का  अधोसंरचना विकास कार्य वृत्ति प्रगतिशील है , जिसे दिसंबर , 018 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
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