क्वांटम इनटैंगलमेंट क्या है। What is Quantum Entanglement?

क्वाटम इनटैंगलमेंट (Quantum Entanglement) क्या है?

क्वाटंम इनटैंगलमेंट quantum entanglment in Hindi


क्वांटम फिजिक्स में क्वान्टम इनटैंगलमेंट (Entanglement, उलझाव) उस स्थिति को कहतें हैं  "जब दो या दो से अधिक कण (particle) एक निश्चित तरीके से जुड़ते हैं, चाहे वे अंतरिक्ष में कितनी भी दूर क्यों न हों, उनकी अवस्थाएँ जुड़ी रहती हैं। इसका मतलब है कि वे एक सामान्य, एकीकृत क्वांटम स्थिति साझा करते हैं।"


"When two or more particles link up in a certain way, no matter how far apart they are in space, their states remain linked. That means they share a common, unified quantum state." 



अतः कणों में से किसी एक कण का अवलोकन स्वतः ही अन्य इनटैंगल कणों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकता है, चाहे उनके बीच की दूरी कुछ भी हो। और इन कणों में से किसी एक के लिए कोई भी क्रिया इनटैंगल्ड प्रणाली में दूसरों को हमेशा प्रभावित करेगी।



क्वाटम इनटैंगलमेंट बहुत जटिल प्रक्रिया है इसे समझाना आसान नहीं है लेकिन वैज्ञानिकों को लगता है कि भविष्य में इसकी मदद से बड़े-बड़े सुपर फास्ट क्वांटम कंप्यूटर बनाए जा सकते हैं , क्वांटम संचार हो सकता है, 

अंतरिक्ष में एक ग्रह से दूसरे ग्रह तक बिना किसी बाधा के ऊर्जा बढ़ाई जा सकती है,  अंतरिक्ष से ऊर्जा ली जा सकती है साथ ऊर्जा को लाया जा सकता है, साथ ही 100 जीबी के डेटा कंप्रेस करके 1 जीबी के मेमोरी कार्ड में रख सकते हैं।

What is Quantum Entanglement in Hindi
Graphical representation of Quantum Entanglement 




क्वाटम इनटैंगलमेंट का सबसे बड़ा फायदा भविष्य में जो होगा, वो है क्वांटम टेलिपोर्टेशन (Quantum Teleportation). यानी किसी व्यक्ति को किसी एक जगह से दूसरी जगह अणुओं में बदलकर तेजी से पहुंचाना, फिर वहां उसे वापस उसी स्वरूप में खड़ा कर देना। यानी एक सेकेंड में कश्मीर से कन्याकुमारी आप बिना किसी ट्रेन, प्लेन, जेट, बस के पहुंच जाएंगे।


एंटेंगल्ड फोटोन पर प्रयोग “for experiments with entangled photons, establishing the violation of Bell inequalities and pioneering quantum information science.”

के लिए एलेन एस्पेक्ट , जॉन एफ क्लॉसर और एंटोन ज़िलिंगर को वर्ष 2022 का भौतिकी का नोबेल पुरुस्कार प्राप्त हुआ।



क्वाटम इनटैंगलमेंट की शुरुआत


क्वाटम इनटैंगलमेंट (Quantum Entanglement) के सिद्धांत पर सबसे पहले न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण बल की खोज के समय ही ध्यान दिया था, लेकिन उसके बाद अलबर्ट आइंस्टीन ने इस पर काम किया एवम अपना नया सिद्धांत दिया इसमें उन्होंने बताया कि क्वांटम स्तर पर मौजूद दो या उससे अधिक और एक दूसरे पर निर्भर कणों का बनना, उनका किसी भी प्रक्रिया के लिए एक साथ सहभागी होना ही क्वांटम इनटैंगलमेंट है. लेकिन दोनों को एकदूसरे का पता नहीं होता. दोनों के बारे में स्वतंत्र रूप से नहीं बताया जा सकता. इसे उलझाव इसलिए कहते हैं क्योंकि कणों की गति, स्थिति, घुमाव और ध्रुवीकरण जैसे भौतिक गुणों की माप एक-दूसरे से संबंधित होती है. 



क्वाटम इनटैंगलमेंट की जरूरत क्यों है?


क्वांटम इनटैंगलमेंट बेहद नाजुक स्थिति है, जैसे ही इनके बीच से फोटॉन यानी रोशनी निकलती है, ये खो जाते हैं। इनका उपयोग करने के लिए जरूरी है कि हम यह जान लें कि फोटॉन की जोड़ी का इनटैंगलमेंट होता है या नहीं, इससे यह फायदा होगा कि भविष्य में ऊर्जा और स्टोरेज संबंधी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है. वह भी आणविक स्तर पर जाकर.


क्या असल में क्वांटम इनटैंगलमेंट होता है?

हम यह जानते हैं कि किसी भी वस्तु को सिर्फ भौतिक रूप से देखकर पकड़कर उसके आकार या आयतन को नाप सकते हैं लेकिन ये सही नहीं है, क्वांटम इनटैंगलमेंट को लेकर नील्स बोर और आइंस्टीन में विवाद चल रहा था. नील्स बोर कहते थे कि ऐसी कोई चीज होती ही नहीं है, क्योंकि क्वांटम इतने सूक्ष्म हैं कि उनके लेवल पर किसी भी कण की सटीक जगह और स्पिन जैसे गुणों को बिना देखे नाप नहीं सकते।

बात सही भी थी कि बिना देखे किसी वस्तु का आयतन कैसे बता सकते हैं, लेकिन आइंस्टीन ने कहा नहीं उन्होंने कहा कि अगर किसी वस्तु को देख नहीं सकते, इसका मतलब ये नहीं कि वो वास्तविक रूप में है ही नही।  बाद में आइंस्टीन ने बोरिस पोडोल्सकी और नाथन रोसेन के साथ मिलकर क्वांटम इनलमेंट से जुड़े अपने सिद्धांत को सिद्ध कर दिया.


भूतिया दूरी और क्वांटम इनटैंगलमेंट का संबंध 

क्वार्टम इनटैंगलमेंट (Quantum Entanglement) में अक्सर एक शब्द सुनाई देता है, जिसे स्पूकी एक्शन (Spooky Action) कहते हैं. आइंस्टीन, पोडोलस्की और रोसेन ने अपने सिद्धांत को सिद्ध किया, लेकिन नील्स बोर ने कहा कि समान भौतिक गुणों वाले दो अलग-अलग कण इस अंतरिक्ष में मौजूद हो ही नहीं सकते, भले ही वह प्रयोग के दौरान एक क्षण के लिए अपने गुणों को एक-दूसरे में बदलने या ट्रांसफर करने में सक्षम क्यों न हो. दरअसल, दोनों समान कर्णों के बीच किसी भी तरह का संबंध बिना सटीक माध्यम के संभव नहीं है. यह थोड़ा भूतिया यानी स्पूकी होता है. इसलिए इसे स्पूकी एक्शन कहते हैं.


EPR पैराडॉक्स ( Einstein, Podolsky and Rosen)



क्वांटम इनटैंगलमेंट के सिद्धांत के अनुसार क्वांटम रूप से इंटैंगल्ड पार्टिकल में से किसी एक पार्टिकल के क्वांटम स्टेट के आधार पर हम दूसरे पार्टिकल्स के क्वांटम स्टेट के बारे में बता सकते हैं।

सैद्धांतिक रूप से यदि हम दो इंटैंगल्स पार्टिकल्स को गैलेक्सी के दो विपरीत छोरों पर रखें तो भी एक ही समय पर हमें दोनों पार्टिकल्स की जानकारी होती है, जो प्रकाश की गति की सीमा का उलंघन है इसे ही EPR पैराडॉक्स कहते हैं।


Once you have knowledge of one quantum state, you automatically know the quantum state of any entangled particles. In principle, you could place two entangled particles on opposite ends of the galaxy and still have this instantaneous knowledge, which appears to violate the limit of the speed of light. This result is known as the EPR paradox



क्वाटंम इनटैंगलमेंट के फायदे


1. क्वाटंम इनटैंगलमेंट को समझना क्यों जरूरी है. दरअसल, भविष्य में क्वांटम कंप्यूटर बनने वाले हैं. क्वांटम इनटैंगलमेंट के जरिए क्वांटम कंप्यूटर के एन-कोडिंग करने की यूनिट्स यानी क्यूबिट्स को आसानी से प्रोसेस किया जा सकता है.


2. भविष्य में क्वांटम इनटेंगलमेंट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि हम बहुत बड़े डेटा को बेहद छोटी सी जगह में रख सकते हैं. यानी हम 100 जीबी की फाइल को 1 जीबी वाले मेमोरी कार्ड में कंप्रेस करके रख सकते हैं. संचार आसान होगा. ट्रैवलिंग आसान होगी.


3. क्वाटंम इनटैंगलमेंट (Quantum Entanglement) के चलते अणुओं और परमाणुओं की संरचना में काफी ज्यादा डेनसिटी होती है. यह साधारण स्थिति नहीं होती है. इससे किसी वस्तु का मौलिक आकार नहीं बिगड़ता. मगर, कम जगह पर भी होकर उसका अस्तित्व बना रहता है.








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