राष्ट्रीय खेल का इतिहास | 36वें राष्ट्रीय खेल थीम शुभंकर | National Game History in Hindi

 राष्ट्रीय खेल का इतिहास , 36वें राष्ट्रीय खेल

राष्ट्रीय खेल का इतिहास  | 36वें राष्ट्रीय खेल थीम शुभंकर | National Game History in Hindi



राष्ट्रीय खेल का इतिहास ( National Game History in Hindi) 

 

  • डॉ ए जी नोहरन और हैरी क्रो बक के प्रयासों से  1924 में अविभाजित पंजाब में लाहौर में भारतीय ओलंपिक खेलों के पहले संस्करण की शुरुआत की। पहले तीन संस्करण सभी लाहौर शहर में आयोजित किए गए थे। 1938 में कलकत्ता में आठवें संस्करण के बाद, इस आयोजन को राष्ट्रीय खेलों का नाम दिया गया। लखनऊ शहर ने स्वतंत्रता के बाद के अपने पहले अवतार में राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की, जबकि ओलंपिक की तर्ज पर पहला राष्ट्रीय खेल 1985 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। 

  • राष्ट्रीय खेलों की अवधि और नियम पूरी तरह से भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकार क्षेत्र में हैं।  

  • वर्ष 1920 के दशक में राष्ट्र का ध्यान आकर्षित करने वाले ओलंपिक में राष्ट्रीय खेल शामिल हैं। भारत में राष्ट्रीय खेलों को पहली बार भारतीय ओलंपिक खेलों के रूप में राष्ट्र में ओलंपिक खेलों को बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया था।


राष्ट्रीय खेल  का उद्देश्य:

  • इन्हें भारतीय एथलीटों, खेल संगठनों आदि के लाभ के लिये आयोजित किया जाता है।
  • यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल के बुनियादी ढाँचे के विकास की आवश्यकता के बारे में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के बीच जागरूकता बढ़ाने में मदद करते हैं।
  • यह खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिये बड़ी संख्या में युवाओं को आकर्षित करता है।
  • इसका उद्देश्य जीवन के सभी क्षेत्रों के व्यक्तियों में खेल संस्कृति को विकसित करना और उन्हें स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु खेल के मूल्यों के बारे में शिक्षित करना है।
  • क्षेत्राधिकार: राष्ट्रीय खेलों की अवधि और नियम पूरी तरह से भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकार क्षेत्र में हैं।

36वें राष्ट्रीय खेलों के बारे में 


राष्ट्रीय खेल का आयोजन पहली बार गुजरात में किया जा रहा है। ये खेल 29 सितंबर, 2022 से लेकर 12 अक्टूबर, 2022 के दौरान आयोजित किए जायेंगे। देश भर के लगभग 15,000 खिलाड़ी, प्रशिक्षक और अधिकारी के 36 खेल स्पर्धाओं में भाग लेने से यह अब तक का सबसे बड़ा राष्ट्रीय खेल बन जाएगा। ये खेल स्पर्धाएं छह शहरों - अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत, वडोदरा, राजकोट और भावनगर - में आयोजित की जायेंगी। तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, गुजरात ने अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक मजबूत खेल बुनियादी ढांचा बनाने की यात्रा शुरू की थी, जिससे इस राज्य को बहुत कम समय में इन खेलों की तैयारी करने में मदद मिली।

36वें राष्ट्रीय खेलकी थीम

  • 36वें राष्ट्रीय खेल, जिसकी थीम खेल से एकता का उत्सव’ (सेलिब्रेटिंग यूनिटी थ्रू स्पोर्ट्स) है, सात साल के अंतराल के बाद आयोजित किए जा रहे हैं और 29 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलेंगे
  • राज्य के कम से कम छह शहर - अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत, वडोदरा, राजकोट और भावनगर - मेजबान की भूमिका में होंगे। नई दिल्ली ट्रैक साइक्लिंग स्पर्धा की मेजबानी करेगा।
  • 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 7,000 एथलीटों के 36 स्पर्धाओं में भाग लेने की उम्मीद है, जिनमें सर्वाधिक पारंपरिक ओलंपिक खेल भी शामिल हैं। मल्लखंब और योगासन जैसे स्वदेशी खेल भी पहली बार राष्ट्रीय खेलों में शामिल होंगे।
  • इससे पहले 2015 में केरल में खेल आयोजित किए गए थे।


36वें राष्ट्रीय खेल आयोजन: 

सात साल बाद होने वाले राष्ट्रीय खेलों में भारत के सर्वश्रेष्ठ एथलीट गुजरात के छह शहरों में 36 खेलों में प्रतिस्पर्द्धा करेंगे। 

36वें राष्ट्रीय खेल का शुभंकर: 

36वें राष्ट्रीय खेलों के लिये आधिकारिक शुभंकर सावज’ (SAVAJ) है। यह खिलाड़ी के व्यक्तित्व के सबसे प्रमुख लक्षणों जैसे- आत्मविश्वास, जोश, प्रेरणा, सफल होने की आंतरिक इच्छा, ध्यान और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित होना अदि पर बल देता है । 

गुजराती में सावज- तारनहार (તારણાર) का हिंदी में अर्थ है "उद्धारकर्त्ता"। सााज एशियाई शेर का प्रतिनिधित्व है, जो आज केवल भारत के जंगलों में जीवित हैं।


35वें राष्ट्रीय खेल-2015 महत्वपूर्ण तथ्य 

  • 31 जनवरी से 14 फरवरी 2015 तक होने वाले 35वें राष्ट्रीय खेल के उद्घाटन समारोह का आयोजन त्रिवेंद्रम अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम (ग्रीन फील्ड स्टेडियम), त्रिवेंद्रम, केरल में किया गया।
  • केरल में इस खेल का आयोजन वर्ष 1987 के बाद दूसरी बार (2015) किया गया।
  • इस प्रतियोगिता में कुल 35 प्रकार के खेलों का आयोजन किया गया। जिसमें नौकायन (Yachting) को पहली बार शामिल किया गया।
  • प्रतियोगिता में सर्विसेज एससीबी (Services SCB) की टीम ने सबसे अधिक 91 स्वर्ण पदक तथा 33 रजत व 35 कांस्य सहित कुल 159 पदक जीता।
  • केरल की टीम 54 स्वर्ण, 48 रजत और 60 कांस्य सहित कुल 162 पदक जीत कर दूसरे स्थान पर रही।
  • हरियाणा की टीम ने 40 स्वर्ण, 40 रजत और 27 कांस्य पदक जीते और राष्ट्रीय खेल में उसे तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
  • तैराकी में व्यक्तिगत स्पर्धा के पुरुष वर्ग में केरल के साजन प्रकाश ने सबसे अधिक 6 स्वर्ण व 2 रजत सहित कुल 8 पदक जीता।
  • डोंगी और कश्ती में व्यक्तिगत स्पर्धा के महिला वर्ग में अंडमान निकोबार की रजिना किरो (Rajina Kiro) ने 5 स्वर्ण और 1 रजत सहित कुल 6 पदक और मध्य प्रदेश की इनोचा देवी मायन्गलाम्बम (Inaocha Devi Mayanglambom) ने 5 स्वर्ण और 1 रजत सहित कुल 6 पदक जीतकर शीर्ष पर रहीं।
  • तैराकी में महिला वर्ग की एकल स्पर्धा में आकांक्षा वोरा (महाराष्ट्र) ने 5 स्वर्ण और 1 रजत सहित कुल 6 पदक जीतकर महिला वर्ग में शीर्ष पर रहीं।
  • प्रतियोगिता में पहली बार शामिल किये गये नौकायन स्पर्धा का स्वर्ण पदक सर्विसेज एससीबी की टीम ने जीता जबकि रजत व कांस्य पदक क्रमशः मणिपुर व पंजाब की टीम ने जीता।
  • प्रतियोगिता में सबसे कम पदक दमन व दीव की टीम ने केवल 1 कांस्य पदक सहित कुल 1 पदप जीता।
  • मेजबान राज्य केरल को खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का राज्य पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • केरल के पुरुष एथलीट साजन प्रकाश को सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी और महाराष्ट्र की आकांक्षा वोरा को सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी चुना गया।
  • राजा भलेंद्र सिंह ट्राफी का खिताब सर्विसेज एससीबी को प्रदान किया गया।
  • खेल के सद्भभावना राजदूत (Goodwill Ambassador) के रूप में सचिन तेंदुलकर को चुना गया था।
  • इस खेल का शुभंकर केरल के राजकीय पक्षीद ग्रेट हार्नबिल को बनाया गया, जो विलुप्ति के कगार पर है। इसका नामअम्मूदिया गया। 35वें राष्ट्रीय खेल का आदर्श वाक्य (Motto)-‘Get Set Play’ था।
  • 37 वे  राष्ट्रीय खेल का आयोजन 2023 में गोवा में किया जायेगा।


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