पोषण अर्थ एवं परिभाषा |पोषण की स्थितियाँ |सुपोषण अथवा उत्तम पोषण क्या है | Nutrition: Meaning and Definition

पोषण: अर्थ एवं परिभाषा Nutrition: Meaning and Definition
पोषण की स्थितियाँ Nutritional status
पोषण अर्थ एवं परिभाषा |पोषण की स्थितियाँ |सुपोषण अथवा उत्तम पोषण क्या है | Nutrition: Meaning and Definition


 

पोषण: अर्थ एवं परिभाषा Nutrition: Meaning and Definition

  • पोषण शरीर को पोषित करने की प्रक्रिया है। मानव पोषण प्राप्त करने के लिए मुख्य रूप से भोज्य पदार्थों पर निर्भर रहता है। मानव शरीर को पोषित करने के लिए तीन महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ पाचन, अवशोषण एवं चयापचय निरन्तर चलती रहती हैं। 


  • “पोषण" एक विस्तृत शब्दावली है। पोषण के अंतर्गत कई प्रक्रियाएँ सम्मिलित हैं जैसे आहार ग्रहण करना, उसका पाचन, अवशोषण, चयापचय, उत्सर्जन एवं पोषक तत्वों का मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव आदि ।


पोषण की परिभाषा 

“काउन्सिल ऑफ फूड्स एण्ड न्यूट्रीशन ऑफ द अमेरिकन मेडिकल ऐसोसिएशन" ने पोषण को निम्न प्रकार परिभाषित किया है:

 

“पोषण आहार, उसमें उपस्थित पोषक तत्वों अन्य तत्वों, इनकी पारस्परिक क्रिया, इनकी स्वास्थ्य तथा रोग की स्थिति में क्रिया एवं सन्तुलन तथा वह सभी प्रक्रियाएँ जिसके द्वारा जीव आहार ग्रहण करते हैं तथा उस आहार का पाचन, अवशोषण, परिवहन, उपयोग एवं उत्सर्जन करते हैं, का विज्ञान है।”

 

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार शरीर की आहारीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आहार ग्रहण करना पोषण है।

 

  • कुछ वैज्ञानिकों का मत है कि पोषण अपेक्षाकृत नवीन विज्ञान है। यह रसायन शास्त्र एवं शरीर क्रिया विज्ञान जैसे विषयों से विकसित हुआ है। हमारे द्वारा सेवन किए गए आहार का हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता यह पोषण विज्ञान के माध्यम से समझा जा सकता है। पोषण को भोजन का शरीर में कार्य के रूप में भी परिभाषित किया जा सकता है।

 

 

पोषण की स्थितियाँ Nutritional status

 

मनुष्य जिस प्रकार का भोजन ग्रहण करता है वह उसके स्वास्थ्य को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। सामान्यतः पोषण की दो मुख्य स्थितियाँ देखी जा सकती हैं:

 

(1) सुपोषण

(2) कुपोषण Malnutrition

 

सुपोषण अथवा उत्तम पोषण क्या है 

  • सुपोषण अथवा उत्तम पोषण वह स्थिति है जब व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ हो, उसमें कोई रोग के लक्षण न हों एवं वह अपनी आयु के अनुरूप क्रियाशील हो।
  • जब व्यक्ति को उचित मात्रा में सन्तुलित आहार प्राप्त होता है तब वह सुपोषण की स्थिति में रहता है। इस स्थिति में व्यक्ति को आहार द्वारा सभी प्रकार के आवश्यक पोषक तत्व उचित एवं वांछित मात्रा में प्राप्त होते हैं। 
  • सुपोषित व्यक्ति के शरीर में सभी पोषक तत्वों का उपयोग भली प्रकार से होता है। यह स्थिति व्यक्ति के उत्तम स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

 

  • पारम्परिक तौर पर यदि व्यक्ति किसी भी रोग से ग्रस्त नहीं है तो यह माना जाता है कि वह स्वस्थ है। उत्तम स्वास्थ्य सुखी मानव जीवन की नींव है। ऑक्सफोर्ड इंगलिश डिक्शनरी के अनुसार उत्तम स्वास्थ्य वह स्थिति है जब शरीर एवं मस्तिष्क दोनों स्वस्थ हों एवं उनके कार्य सुचारु रूप सम्पादित हो रहे हों।


स्वास्थ्य की परिभाषा

स्वास्थ्य की सबसे अधिक प्रचलित परिभाषा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा दी गई है जिसके अनुसार “उत्तम स्वास्थ्य शरीर में केवल रोगों की अनुपस्थिति ही नहीं बल्कि यह पूर्ण रूप से शारीरिक, मानसिक एवं समाजिक रूप से उत्तम स्थिति को प्राप्त करना है | “

 

स्वस्थ एवं सुपोषित व्यक्ति लक्षण

 

1. शरीर का सुविकसित होना। 

2. आयु के अनुसार उचित लम्बाई एवं भार प्राप्त करना । 

3. साफ एवं कान्तिमान त्वचा। 

4. स्वच्छ एवं कान्तिमान नेत्र । 

5. सुगठित शरीर जो मोटापे से ग्रसित न हो। 

6. चमकीले बाल। 

7. व्यक्ति को पर्याप्त भूख लगती है एवं पाचन संस्थान भली प्रकार कार्य करता 

8. व्यक्ति को नित्य समय पर गहरी निद्रा आती हो । 

9. मल एवं अन्य व्यर्थ पदार्थों का उचित निष्कासन एवं उत्सर्जन 

10. शरीर आसानी से गति करता हो । 

11. शरीर के सभी अंग सामान्य रूप से कार्य करते हों।

12. सभी ज्ञानेन्द्रियाँ भली प्रकार अपना कार्य करती हों। 

13. व्यक्ति की नाड़ी एवं रक्त चाप व्यक्ति की आयु एवं लिंग के अनुरूप सामान्य हो। 

14. शरीर उत्साहित एवं कार्य क्षमता युक्त हो । 

15. व्यक्ति के शरीर में पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता हो।

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