भारत की सुरक्षा एजेंसी | Security Agency of India in Hindi


 भारत की सुरक्षा एजेंसी

 Security Agency of India in Hindi


राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड National Security Guard



NSG का गठन वर्ष 1984 में एक संघीय आकस्मिक बल (Federal Contingency Force) के रूप में किया गया.

NSG का आदर्श वाक्य (MOTO):

NSG का आदर्श वाक्य (MOTO) ‘सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा’ (Omnipresent Omnipotent Security) है।

 

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का गठन:

इसकी परिकल्पना वर्ष 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान भारतीय सेना को पहुँची क्षति के बाद की गई थी।

देश में आतंकी गतिविधियों का मुकाबला करने और आंतरिक गड़बड़ी के खिलाफ राज्यों की रक्षा करनेके लिये NSG का गठन वर्ष 1984 में एक संघीय आकस्मिक बल (Federal Contingency Force) के रूप में किया गया था।

यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। सामान्यतः इनको ब्लैक कैट (Black Cats) के नाम से जाना जाता है।

NSG द्वारा संपन्न दायित्त्व:

यह विशिष्ट परिस्थितियों से निपटने के लिये विशेष रूप से प्रशिक्षित और सुसज्जित होती है तथा इसका उपयोग केवल असाधारण परिस्थितियों में आतंकवाद के गंभीर कृत्यों को विफल करने के लिये किया जाता है।

NSG ने ऑपरेशन ब्लू स्टार और अक्षरधाम पर आतंकी हमले जैसे असाधारणीय स्थितियों में सफलतापूर्वक कार्य किया है।

भूमिका:

आंतरिक सुरक्षा को स्थिर रखने में NSG की भूमिका महत्त्वपूर्ण है।

असाधारण स्थितियों में विशेष आतंकवाद निरोधक बल के रूप में तैनाती।

आतंकवाद के विरुद्ध भारत की ज़ीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति में NSG की महत्त्वपूर्ण भूमिका है।

NSG में कर्मियों एवं अधिकारियों के समूह:

NSG में कर्मियों और अधिकारियों के दो समूह हैं:

  • स्पेशल एक्शन ग्रुप (Special Action Group-SAG)
  • स्पेशल रेंजर ग्रुप (Special Ranger Group-SRG)

SAG का कार्य आतंकवाद विरोधी गतिविधियों को अंजाम देना है, वहीं SRG का प्रयोग VIP सुरक्षा के लिये किया जाता है।

गौरतलब है कि जनवरी, 2020 में NSG को वीआईपी सुरक्षा के कार्य से हटा दिया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एक प्रमुख आतंकवाद विरोधी एवं अपहरण विरोधी बल के रूप में वह अपनी मूल भूमिकाओं पर ध्यान केंद्रित कर सके।

15 अक्तूबर, 2020 को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (National Security Guard) का 36वाँ स्थापना दिवस मनाया गया।

 

 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (Central Armed Police Force-CAPF)



CAPF के अंतर्गत मुख्यतः 5 पुलिस सशस्त्र बल आते हैं।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल पूरी तरह से गृह मंत्रालय के अधीन आता है और इसका रक्षा मंत्रालय से कोई भी संबंध नहीं है।

राज्य में दंगा फसाद, सीमा पर हुई छोटी-मोटी झड़प और उग्रवाद जैसी समस्याओं से निपटना इसके मुख्य कार्यों में शामिल हैं।

CAPF का नेतृत्व आर्मी कमांडर के बजाय एक आईपीएस (IPS) अधिकारी करता है।

CAPF के अंतर्गत मुख्य पुलिस सशस्त्र बल:

  • सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force-BSF)
  • केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (Central Reserve Police Force-CRPF)
  • केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (Central Industrial Security Force-CISF)
  • भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (Indo Tibetan Border Police-ITBP)
  • सशस्त्र सीमा बल (Sashastra Seema Bal)


 

सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force-BSF)



भारतीय सीमाओं की रक्षा करने के विशेष उद्देश्य के मद्देनज़र वर्ष 1965 में BSF की स्थापना की गई थी। BSF भारत का सबसे प्रमुख अर्द्धसैनिक बल है। इस समय BSF की 188 बटालियन में लगभग 2.57 लाख से ज्यादा कर्मी तैनात हैजिनका मुख्य उद्देश्य देश की 6,385 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करना हैं।  

सीमा सुरक्षा बल  की भूमिका


  • सीमावर्ती इलाकों में रह रहे लोगों में सुरक्षा की भावना उत्पन्न करना।
  • सीमापार अपराध को रोकना और भारतीय क्षेत्र से अनाधिकार निकासी या भारतीय क्षेत्र में अनाधिकार प्रवेश को प्रतिबंधित करना।

  • वर्ष 2017 के दौरान BSF द्वारा जम्मू के अर्निया उप-क्षेत्र में हमला नूल्लाह वन क्षेत्र में सीमा पारीय सुरंग का पता लगाया गया था।
  • BSF द्वारा विगत दो वर्षों से मणिपुर में आंतरिक सुरक्षा की ज़िम्मेदारी का भी निर्वहन किया जा रहा है और विद्रोह को सफलतापूर्वक दबाया गया है।
  • 2001 के गुजरात भूकंप के दौरान कर्मियों ने सबसे पहले उपस्थिति दर्ज कराई थी और आपदाग्रस्त लोगों को बचाने का कार्य किया था।
  • वर्तमान में BSF भारतीय थल सेना के साथ सीमा की रक्षा करता है और पाकिस्तान के साथ मौजूदा गतिरोध के दौरान घुसपैठियों की जाँच करता है।

युद्ध काल में 

  • युद्ध के दौरान सेना की आक्रामक कार्यवाही को तेज करने के लिये भी BSF की तैनाती की जाती है। यहाँ तक कि बड़े हमलों में, जिनसे स्वतंत्र रूप से BSF नहीं निपट सकती है, उनमें भी सेना के तोपखाने व अन्य सहयोगी के साथ तैनाती की जाती है।
  • महत्त्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रक्षा हेतु विशेष रूप से वायु क्षेत्रों में दुश्मन के कमांडों, अर्द्ध सैनिकों या छापे के विरुद्ध। अन्य दवाइयों के संयोजन के मुख्य रक्षा पंक्ति को विस्तार देना।
  • छापों आदि से जुड़ी खुफिया जानकारी हेतु विशेष कार्यों का निष्पादन करना।
  • सेना के अधीन प्रशासित दुश्मन के क्षेत्र में विधि व्यवस्था का प्रबंधन करना।
  • 1999 के कारगिल संघर्ष के दौरान BSF के जवान पहाड़ों की ऊँचाई पर बने रहे और सेना के आह्वाहन पर देश की एकता और अखंडता के बचाव में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

सीमा सुरक्षा बल स्थापना दिवस

प्रत्येक वर्ष 1 दिसंबर को सीमा सुरक्षा बल (BSF-Border Security Force) अपना स्थापना दिवस मनाता है। इस वर्ष 2020 में BSF अपना 55वाँ स्थापना दिवस मना रहा है। घुसपैठ, तस्करी और सैन्य हमलों के खिलाफ फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस के तौर पर भारतीय सीमाओं की रक्षा करने के विशेष उद्देश्य के मद्देनज़र वर्ष 1965 में BSF की स्थापना की गई थी। BSF भारत का सबसे प्रमुख अर्द्धसैनिक बल है। इस समय BSF की 188 बटालियन में लगभग 2.57 लाख से ज्यादा कर्मी तैनात है, जिनका मुख्य उद्देश्य देश की 6,385 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करना हैं। इधर BSF का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, सीमाओं की सुरक्षा के अलावा देश की आंतरिक समस्याओं से निपटने में भी इस बल का इस्तेमाल होता रहा है; नक्सल विरोधी अभियानों में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा BSF प्राकृतिक आपदाओं और संकट की स्थिति के दौरान नागरिकों की सहायता करता है। BSF गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

 केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल (Central Reserve Police Force-CRPF)



 आंतरिक सुरक्षा के लिये यह भारत का प्रमुख केंद्रीय पुलिस बल है।

क्राउन रिप्रेजेन्टेटिव्स पुलिस के रूप में 27 जुलाई 1939 को CRPF अस्तित्व में आया।

28 दिसंबर, 1949 को CRPF अधिनियम के द्वारा यह केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल बन गया।

केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल के प्रमुख कार्य क्षेत्र 

  • भीड़ पर नियंत्रण
  • दंगा नियंत्रण
  • उग्रवाद का विरोध
  • विद्रोह को रोकने के उपाय
  • वामपंथी उग्रवाद से निपटना
  • विशेष रूप से अशांत क्षेत्रों में चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था का समन्वय
  • युद्ध की स्थिति में दुश्मन से लड़ना
  • सरकार की नीति के अनुसार संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भाग लेना
  • प्राकृतिक आपदा तथा अन्य आपदाओं के समय बचाव और राहत कार्य चलाना

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल
Central Industrial Security Force- CISF


CISF (Central Industrial Security Force) एक केंद्रीय सशस्त्र बल है जिसे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल अधिनियम, 1968के तहत गठित किया गया था।

यह केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आता है।

CISF पूरे भारत में स्थित औद्योगिक इकाइयों, सरकारी अवसंरचना परियोजनाओं और सुविधाओं तथा प्रतिष्ठानों को सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

परमाणु ऊर्जा संयंत्रों, खदानों, तेल क्षेत्रों और रिफाइनरियों, मेट्रो रेल, प्रमुख बंदरगाहों आदि जैसे औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा का ज़िम्मा CISF ही उठाता है।

भारत में अन्य केंद्रीय सशस्त्र बलों में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (Central Reserve Police Force-CRPF), सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force-BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (Indo-Tibetan Border Police-ITBP), सशस्त्र सीमा बल (Sashastra Seema Bal-SSB) शामिल हैं।

 भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ITBP 

ITBP GK IN HINDI


  • भारत-तिब्बत सीमा पुलिस को वर्ष 1962 में स्थापित किया गया था।
  • यह आपातकाल के समय नागरिक सेवा (Civilian Aid) सहायता प्रदान करता है।
  • ITBP का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
  • ITBP को लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश के मध्य तैनात किया जाता है।
  • ITBP एक विशेष पर्वतीय बल है और अधिकांश अधिकारी और सैनिक पेशेवर रूप से प्रशिक्षित पर्वतारोही और स्कीयर होते हैं।    प्राकृतिक आपदाओं के समय ITBP देशभर में बचाव और राहत अभियान चलाता है।

असम राइफल्स का इतिहास:

  • असम राइफल्स का गठन वर्ष 1835 में कछार लेवी नामक एक एकल सैन्यबल के रूप में पूर्वोत्तर भारत में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया था।
  • कुछ समय बाद इस सैन्य बल को वर्ष 1870 में कुछ अतिरिक्त बटालियनों के साथ असम सैन्य पुलिस बटालियन में परिवर्तित कर दिया गया। इसमें लुशाई हिल्स बटालियन, लखीमपुर बटालियन और नागा हिल्स बटालियन शामिल थे। प्रथम विश्वयुद्ध से ठीक पहले इसके तहत एक और बटालियन, डारंग बटालियन को जोड़ा गया था।
  • प्रथम विश्वयुद्ध के बाद इन बटालियनों का नाम बदलकर असम राइफल्स कर दिया गया।
  • वर्ष 1962 में चीनी आक्रमण के बाद असम राइफल्स बटालियन को सेना के संचालन नियंत्रण में रखा गया था।

गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs- MHA) ने प्रस्ताव दिया कि असम राइफल्स (Assam Rifles) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (Indo-Tibetan Border Police- ITBP) का विलय किया जाना चाहिये।

सशस्त्र सीमा बल Special Service Bureau

सशस्त्र सीमा बल


सशस्त्र सीमा बल का गठन विशेष सेवा ब्यूरो’ (Special Service Bureau) के रूप में वर्ष 1963 में हुआ।

एस.एस.बी. को 15 जनवरी 2001 को गृह मंत्रालय के अंतर्गत सीमा सुरक्षा बल घोषित किया गया तथा 15 दिसम्बर, 2003 को इसका नाम बदलकर सशस्त्र सीमा बल कर दिया गया।

एस.एस.बी. को 19 जून 2001 को भारत-नेपाल सीमा (1751 किलोमीटर ) की सुरक्षा करने का कार्य सौंपा गया तथा इसे उस क्षेत्र की प्रमुख खुफिया एजेंसी घोषित किया गया।

इसे भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा का दायित्व 12 मार्च 2004 को सौंपा गया और इसके साथ ही इसे उस सीमा की भी प्रमुख खुफिया एजेंसी घोषित कर दिया गया।

वर्तमान में एस.एस.बी. उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और अरुणाचल प्रदेश से लगी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा करता है।

एस.एस.बी. के कार्य

  • भारत की आवंटित सीमाओं की सुरक्षा और सीमा क्षेत्रों में रह रहे लोगों के मध्य सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देना।
  • सीमापारीय अपराध, तस्करी और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकना।
  • भारतीय भू-भाग से किसी भी प्रकार के अनधिकृत प्रवेश और निष्कासन को रोकना।
  • सीमा क्षेत्रों में असैन्य कार्रवाई कार्यक्रम (civic action programme) का संचालन करना।
  • केंद्र सरकार द्वारा सौंपें गए अन्य कर्तव्यों का पालन करना।
  • एस.एस.बी. को कानून और व्यवस्था , उग्रवाद का विरोध करने और चुनावी कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिये तैनात किया गया है।
  • भारत नेपाल के साथ 1,751 किलोमीटर की लम्बी सीमा को साझा करता है, जबकि भूटान के साथ इसकी सीमा  699 किलोमीटर लम्बी है।
  • एस.एस.बी. को इन दोनों सीमाओं के लिये प्रमुख एजेंसी भी घोषित किया गया है।
  • एस.एस.बी. को भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा का कार्य सौंपा गया है। वस्तुतः इन सीमाओं पर दोनों देशों के लोगों के आवागमन पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है।
  • भारत के उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम आदि राज्य नेपाल की सीमा से लगे हैं, जबकि भूटान की सीमा से लगे भारत के राज्यों में सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।


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