MP Ke Pramukh Sahityakr Ke Naam | मध्यप्रदेश के साहित्यकार


mp ke pramukh sahityakar


मध्यप्रदेश के प्राचीन काल के साहित्यकार MP ke Prachin Kal ke Sahityakar

  • मध्यप्रदेश प्राचीन समय से ही साहित्य सृजन की दृष्टि  से अत्यंत समृद्ध रहा है। यह प्रदेश संस्कृत भाषा के महानतम साहित्यकार महाकवि कालिदास, भर्तृहरि एवं भवभूति की जन्मस्थली एवं कर्मस्थली रहा है।


प्राचीन काल के साहित्यकार

  • ऋषि अगस्त्य (वैदिक काल),सुतीक्षण,शरभंग,महाकवि कालिदास,सोमशंभु, भवभूति, दण्डी,
  • नागर्जुन, मण्डन मिश्र, कवि गंगाधर,पृथ्वीधर, शशिधर, कविराज ईशान, भास्कर भट्ट, 
  • वैद्य श्रीकृष्ण दण्डी, पुरूषदत्त आदि।
महाकवि कालिदास
  • कालिदास संस्कृत भाषा के महान कवित एवं नाटककार थे। कालिदास, चंद्रगुप्त विक्रामादित्य के नवरत्नों मं शमिल थे। अद्धितीय नाटकों की रचना के कारण कालिदास को भारत का शेक्सपीयर कहा जाता है।
महाकवि कालिदास की प्रमुख रचनाएं एवं उनकी विशेषताएँ
  • रघुवशंम्-  प्रौढ़तम कृति, संपूर्ण संस्कृत साहित्य का उत्कृष्ट महाकाव्य
  • कुमारसंभवम्- कालिदास का प्रथम महाकाव्य, शिव पार्वती विवाह, कुमार कार्तिकेय के जन्म एवं तारकासुर वध की कथा का वर्णन
  • अभिज्ञानशाकुन्तलम- राजा दुष्यंत एवं कण्व ऋषि की कन्या शंकुतला के प्रेम के उदान्त स्वरूप चित्रण
  • मालविकाग्निमित्रम -कालिदास की प्रथम रचना, श्रृंगार रस प्रधान नाटक, शुंगगवंशीय शासक अग्निमित्र एवं मालविका की प्रेम कथा का वर्णन
  • विक्रमोर्वशीयम- ऋग्वेद में वर्णित राजा पुरूरवा एवं अप्सरा उर्वशी की प्रेम कथा
  • ऋतुसंहार- 6 ऋतुओं का वर्णन
  • मेघदूत -प्रकृति के सौंदर्य का मानवीकृत वर्णन, यक्ष की कथा, इस कृति में कवि की कल्पना चरमोत्कर्ष पर है।
भर्तृहरि
  • प्रसिद्ध लोक कथाओं एवं जनश्रुतियों के अनुसार कवि भर्तृहरि सम्राट विक्रमादित्य के ज्येष्ठ भ्रता एवं उज्जयिनी के राजा थे। इनकी साधना स्थली उत्तर प्रदेश के चुनार में एवं समाधि स्थल राजस्थान के सरिस्का (अलवर) में स्थित है, परन्तु उज्जैन में गढ़कलिका मंदिर के समीप अवस्थित भर्तृहरि एवं बाबा गोरखनाथ की योग साधना स्थली रही हैं।
भर्तृहरि की प्रमख रचनाएं
  • वाक्यपदीय, भागवृति, महाभाष्य त्रिपदी, महाभाष्य दीपिका, शब्द धातु समीक्षा, मीमांसा सूत्रवृति, त्रिशतक
भवभूति
  • संस्कृत  के महान कवि एवं नाटककार भवभूति का पूरा नाम श्रीकंठ पद लाच्छन भवभूति था। ये पदमपुर (महाराष्ट्र के गोंदिया) के निवासी एवं कन्नौज के शासक यशोवर्मन के दरबारी कवि थे। इन्हें प्राचीन भारत का मिल्टन कहा जाता हैं।
भवभूति की रचनाएं एवं विशेषताएं
  • मालतीमाधव-  मालती एवं माधव के प्रेम प्रसंग का अत्यंत सुन्दर वर्णन है
  • महावीर चरितम- यह वीर रस प्रधान रचना है, जिसमें रामकथा का वर्णन है।
  • उत्तर रामचिरतम- यह संस्कृत भाषा का प्रथम दुखांत नाटक है।
बाणभट्ट
  • बाणभट्ट, कन्नौज के शासक हर्षवर्धन के दरबारी कवि एवं लेखक थे। बाणभट्ट सातवीं शताब्दी के सस्कृत गद्य लेखक थे। उनके दो प्रमुख ग्रंथ हैं- हर्षचरितम् एवं कादंबरी
  • हर्षचरितम, राजा हर्षवर्धन का जीवन चरित्र है और कादंबरी विश्व का प्रथम उपन्यास माना जाता हैं कादंबरी पूर्ण होने से पहले ही बाणभट्ट का देहांत हो गया था। इसलिए उपन्यास पूरा करने का कार्य उनके पुत्र भूषणभट्ट के द्वारा किया गया था

मध्य प्रदेश मध्यकाल के साहित्यकार MP Madhya Kal Ke Sahityakar

  • कुम्भनदास, चतुर्भुजदास, दामोदरदास, वक्षी हंसराज, हरिदास स्वामी, गजाधर भट्ट, गोलाचन्द्र मिश्र महाकवि बिहारी, केशवदास (ओरछा), पद्माकर (सागर), कृष्ण भट्ट, कुमार मणि, राजा छत्रसाल, लाल कवि, चिंतामणि, कवि भूषण, गोरे लाल पुरोहित आदि।

  मध्यप्रदेश के आधुनिक काल के साहित्यकार MP Ke Aadhunik Kal Ke Sahityakar


  • जगन्नाथ प्रसाद, भानु विनायक राव, सुखराम चौबे गुणकर लोचन प्रसाद पाण्डेय, मुकुटधर पाण्डेय, कामता प्रसाद गुरू, रामेश्वर प्रसाद गुरू, माखन लाल चतुर्वेदी, सुभद्रा कुमारी चौहान, पं. द्वारिका प्रसाद मिश्र, केशव प्रसाद, पाठक, श्याम कांत पाठक, माधव राव सप्रे , रघुवर प्रसाद द्विवेदी, बाल मुकुन्द त्रिपाठी, बलदेव प्रसाद मिश्र, मातादीन शुक्ल, रामेश्वर शुक्ल ‘ अंचल‘ डॉ. विनय मोहन शर्मा, सेठ गोविन्द दास, ऊषा देवी मिश्रा, डॉ. रामकुमार वर्मा, भवानी प्रसाद मिश्र, गजानन माधव मुक्ति बोध, प्रभाकर माचवे, गिरिजा कुमार माथुर, शिव मंगल सिंह, सुमन, सूर्य नारायण व्यास, हरिकृष्ण प्रेमी, जगन्नाथ प्रसाद मिलिन्द, बाल कवि बैरागी, वीरेन्द्र मिश्र, शरद जोशी, हरिशंकर परसाई, रमेश बख्शी, श्रीकान्त वर्मा, राजेन्द्र अवस्थी, दुष्यन्त कुमार, राम कुमार चतुर्वेदी, देवव्रत जोशी, डॉ. परशुराम विरही, श्री काली प्रसाद भटनागर विरही, मुकुट बिहारी सरोज, विद्यानंदन राजीव, डॉ. प्रभुदयाल अग्निहोत्री, दामोदर शर्मा, भगवान स्वरूप चैतन्य माणिक वर्मा, श्याम सलिल, राजकुमारी रश्मि, कविरत्न पाराशर, राजेन्द्र अनुरागी, ओम प्रभाकर, प्रभाकर श्रोतिय डॉ. महेन्द्र भटनागर, सत्यव्रत अवस्थी, महवीर प्रसाद शर्मा, ज्वाला प्रसाद जोशी, जगदीश प्रसाद स्थापक, मालती जोशी। प्रसून जोशी गीतकार इंदौर ।

 मध्यप्रदेश के उर्दू साहित्यकार MP Ke Urdu Sahitya Kar

  • जानिसार अख्तर, जावेद अख्तर, राहत इन्दौरी, कैफ भोपाली, मंजर भोपाली, असद भोपाली, ताज भोपाली, वकील भोपाली, फैज रतलामी, शाहिद कबीर, महमूद नश्तरी, निदा फाजली, सुलेमान ईरानी, हयात हाशमी, शाहिद भोपाली, मकसूद भोपाली, जावेद अंजुम, डॉ. वशीर बद्र आदि।
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