मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान 2020 | MP GK 2020

मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान 2020 |

 मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान 2020 
MP GK 2020

हिस्टोरीकल प्लेस नेम्स ऑफ मध्यप्रदेश (Historical Place Names of Madhya Pradesh)

  • मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 December  2020  को पुस्तक हिस्टोरीकल प्लेस नेम्स ऑफ मध्यप्रदेश (Historical Place Names of Madhya Pradesh) का विमोचन किया।
  • इस पुस्तक में किसी शहर और गांव का नाम कैसे पड़ा, वर्णन किया गया है।
  • इस पुस्तक में मध्यप्रदेश के करीब 1000 स्थानों के नामकरण से संबंधित जानकारी संकलित और प्रकाशित की गई है।
  • इसका प्रकाशन इंटेक (Indian National Trust for Art and Cultural Heritage) संस्था द्वारा किया गया है।
  • पुस्तक का संपादन इतिहासकार श्री आर. के. शर्मा, जबलपुर और डॉ. शंभू दयाल गुरू, भोपाल ने किया है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (हर खेत को पानी)

  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (हर खेत को पानी) अंतर्गत भू-जल से सिंचाई योजना के लिये 1706 करोड़ एक लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।
  • इसमें राज्यांश 682 करोड़ 40 लाख 40 हजार रूपये रहेगा।
  • इस योजना में मध्यप्रदेश के पाँच जिले मण्डला, डिण्डौरी, शहडोल, उमरिया और सिंगरौली का चयन कर भू-जल स्त्रोंतों से बोरवेल निर्मित कर 62135 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन एवं संरचना

  •  हाल ही में मध्य प्रदेश मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन एवं संरचना के संबंध में निर्णय लिया।
  • इसमें पिछड़े वर्गो से संबंधित मामलों का ज्ञान रखने तथा उनके कार्य के लिये जाने जाते होंगे, ऐसे पाँच अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति की जायेगी।
  • इसमें से एक सदस्य आयोग के अध्यक्ष के रूप में एवं अन्य सदस्य उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए जाएंगे।
  • अध्यक्ष और कम से कम दो अन्य सदस्य पिछड़े वर्ग से संबंधित होंगे। साथ ही एक महिला सदस्य को भी नियुक्त किया जायेगा। 


मध्य प्रदेश वृक्षारोपण प्रोत्साहन अधिनियम 2020

चर्चा में क्यों हैं

हाल ही में मंत्रिमंडल में प्रस्तावित वृक्षारोपण अधिनियम 2020 महत्वपूर्ण प्रावधान पर समीक्षा की है

प्रस्तावित वृक्षारोपण अधिनियम 2020 महत्वपूर्ण प्रावधान

  • निजी भूमियों पर वृक्षारोपण के लिए सभी प्रजातियों के रोपण की खुली छूट।
  • उगाए गए वृक्षों को किसी भी उम्र में, बगैर किसी अनुमति के काट सकेगा।
  • अपने खेत/गांव में खुद का टाल स्थापित कर सकेगा जहां से काष्ठ की बिक्री इत्यादि कर सकेगा।
  • खेत से टाल तक इमारती काष्ठ के परिवहन पर छूट दी गयी है।
  • टाल में इमारती काष्ठ की प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर सकने की सशर्त सुविधा।
  • विनिर्दिष्ट वनोपज को भी काटने व टाल तक लाने की छूट।
  • विनिर्दिष्ट वनोपज की शासकीय ई-पोर्टल के माध्यम से खेत अथवा टाल से ही बिक्री करने व स्वयं बोली स्वीकार करने तथा सीधे भुगतान लेने की छूट।
  • वृक्षों से प्राप्त काष्ठ के परिवहन हेतु कुछ मामलों को छोड़कर टी.पी. से छूट।
  • सभी प्रकार के परिवहन अनुज्ञा पत्र कृषकों को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से प्राप्त होंगे। 

वृक्षारोपण प्रोत्साहन अधिनियम 2020 के उद्देश्य 

वर्तमान में पेड़ काटने की अनुमति लेने के लिए 07 कानून है, जिनके चलते पेड़ काटने की अनुमति में किसानों आदि को बहुत दिक्कत आती है। पेड़ काटने की अनुमति तहसीलदार द्वारा वन विभाग की अनुशंसा पर दी जाती है, वहीं इमारती लकड़ी की टी.पी. वन विभाग द्वारा दी जाती है।

किसानों द्वारा अपने खेतों पर काष्ठ उत्पादन के लिए पेड़ लगाने, पेड़ काटने व परिवहन की सुविधा देने से किसानों को लाभ होगा तथा स्वरोजगार में वृद्धि होगी। काष्ठ उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। काष्ठ उत्पादन बढ़ने से वनों पर काष्ठ चोरी का दबाव भी कम होगा।  


लाईट हाऊस प्रोजेक्ट

  • प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी अंतर्गत भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा भवन निर्माण की नई तकनीकों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्लोबल हाउसिंग टेक्नालॉजी चैंलेंज अंतर्गत लाईट हाउस प्रोजेक्ट तैयार कराये गए हैं।
  • इसका उद्देश्य नई नवाचार निर्माण तकनीकों का उपयोग कर कम से कम समय में परियोजनाओं को पूर्ण करना तथा इन तकनीकों को भविष्य में उपयोग में लाने के लिए बढ़ावा देना हैं।
  • इस योजना में 14 राज्यों के 22 नगरों द्वारा भाग लिया गया था।
  • इनमें से पूरे देश में कुल छह नगरों में प्रदेश से इंदौर नगर का चयन किया गया है।
  • परियोजना में 1024 ई.डब्लू.एस. आवासों का प्री-फ्रेब्रीकेटिड सेण्डविच पैनल सिस्टम तकनीकी से निर्माण किया जायेगा।

 

  

ग्वालियर और ओरछा यूनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज सूची में शामिल

  • प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर और ओरछा यूनेस्को ने अर्बन लैंडस्केप सिटी प्रोग्राम के तहत वर्ल्ड हेरिटेज सिटी की सूची में शामिल कर लिया है।
  • साल 2021 में यूनेस्को की टीम मध्यप्रदेश आएगी और यहां की हेरिटेज संपदा को देखकर मास्टर प्लान तैयार करेगी।
  • यह परियोजना भारत और दक्षिण एशिया के लिए एक मिसाल कायम करेगा। इस परियोजना के तहत यूनेस्को ऐतिहासिक शहरों के लिए एचयूएल की सिफारिश पर आधारित शहरी विकास के लिए सबसे बेहतर तरीके और साधनों का पता लगाएगा। 


ओरछा के बारे में 

  •  बुंदेलखंड में स्थित खूबसूरत ओरछा का इतिहास बेहद खास है।
  • ओरछा अपने मंदिरों और महलों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।
  • ओरछा पूर्ववर्ती बुंदेला राजवंश की 16 वीं शताब्दी की राजधानी है। जिसे राजपूत और मुगल स्थापत्य प्रभावों के एक अनोखे संगम द्वारा परिभाषित किया गया है।
  • ओरछा राज महल, जहांगीर महल, रामराजा  मंदिर, राय प्रवीन महल, लक्ष्मीनारायण मंदिर एवं कई अन्य प्रसिद्ध मंदिरों और महलों के लिए विख्यात है। 

ऐतिहासिक शहर ग्वालियर 

  • 9 वीं शताब्दी में स्थापित ग्वालियर विशिष्ट रूप से अपनी निर्मित सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय समुदायों के इंटरफेस पर स्थित है।
  • यह शहर गुर्जर प्रतिहार राजवंश, तोमर, बघेल कछवाहों तथा सिंधिया की राजधानी रहा है।
  • इनके द्वारा छोड़े गए प्राचीन चिन्ह स्मारकों, किलों, महलों के रूप में मिल जाएंगे। सहेज कर रखे गए अतीत के भव्य स्मृति चिन्ह इस शहर को पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाते हैं।
  • ओरछा और ग्वालियर दोनों की नगरीय आकार और बनावट व्यावहारिक नगर नियोजन का प्रतिनिधित्व करती है।

स्मार्ट सिटी की सूची में ग्वालियर 

  •  ग्वालियर रणनीतिक रूप से भारत में प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों और पर्यटन सर्किटों के करीब स्थित है और भारत सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर इसे 'स्मार्ट सिटी' के रूप में नामित किया गया है।
  • मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक केंद्र पर बनी ग्वालियर की सांस्कृतिक पहचान शहर के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है।
  •  यूनेस्को के मुताबिक, ग्वालियर और ओरछा दोनों के ऐतिहासिक केंद्रों ने धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ाया है।

 यूनेस्को का कार्य 

  • यूनेस्को दुनिया भर के उन स्थलों की पहचान करती है जिसे मानव द्वारा उत्कृष्ट मूल्यों का माना जाता है। इन स्थलों में मानव निर्मित इतिहास और प्राकृतिक दोनों तरह के स्थल या इमारतें शामिल होते हैं।
  • यूनेस्को ऐसी ही सभी विश्व धरोहरों को प्रोत्साहन देने का कार्य करता है। इन धरोहरों को सूचीबद्ध कर अंतररष्ट्रीय संधियों और कानूनों के जरिए संरक्षण दिया जाता है।

 वर्ल्ड हेरिटेज सिटी की सूची में होने पर ये होगा  खास... 

  •  वर्ल्ड हेरिटेज सिटी की सूची में आने के बाद ग्वालियर के मानसिंह पैलेस, गूजरी महल और सहस्त्रबाहु मंदिर के अलावा अन्य धरोहरों का कैमिकल ट्रीटमेंट किया जाएगा।  
  •  इससे दीवारों पर उकेरी गई कला स्पष्ट दिखेगी और उसकी चमक भी बढ़ेगी। धरोहर तक पहुंचने वाले मार्ग को सुगम किया जाएगा।  
  •  गार्ड नियुक्त किए जाएंगेजो सैलानियों के पहुंचते ही उनका भारतीय परंपरानुसार स्वागत करेंगे। 
  •  शहर में गंदगी का निशान नहीं मिलेगा। इससे शहर आने वाले सैलानियों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। 

 

हनुवंतिया टापू  जल महोत्सव

  • इंदौर से मात्र 170 कि.मी. दूर खण्डवा जिले  विशाल जल राशि के बीच उभरे टापू पर्यटकों के आकर्षण केन्द्र बन रहे हैं।
  • पर्यटन विभाग द्वारा यहां के मुख्य हनुवंतिया टापू पर पिछले 5 सालों से यहां जल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 
  • इस वर्ष 15 दिसम्बर 2020 से आरंभ हुआ महोत्सव 15 जनवरी 2021 तक चलेगा।
  • जल महोत्सव को वर्ष 2017 में केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा सबसे अद्वितीय नवीन पर्यटन उत्पाद वर्ष 2015-16 से नवाजा जा चुका है।

हनुवंतिया टापू Hanumantiya Tapu

  • हनुवंतिया टापू इंदिरा सागर बांध (इंदिरा सागर बाँध मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी पर खण्डवा जिले में नर्मदानगर स्थान पर निर्मित बाँध है) पर स्थित एक अदभुत और अनुपम पर्यटन स्थल है।
  • लगभग 95 वर्ग कि.मी. में फैले विशाल जलाशय में लगभग 50 टापुओं में से एक हनुवंतिया में पर्यटन विभाग द्वारा रिसोर्ट विकसित किया गया है।
  • वर्ष 2016 में पहली बार 10 दिनों के जल महोत्सव का आयोजन किया गया था। पर्यटकों की रूचि को देखते हुए तबसे निरंतर इसका आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में साहसिक पर्यटन के साथ कैम्पिंग, बर्ड वाचिंग, स्टार गेजिंग, साईकलिंग, ट्रेकिंग आदि की सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। इस दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जायेंगी।
  • मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा हनुवंतिया टापू पर स्थित टेंट सिटी को पुन: आरंभ कर दिया गया है। टेंट सिटी में वाटर एडवेंचर, लैंड एडवेंचर और स्काई एडवेंचर की गतिविधियां जैसे पैरा मोटरिंग, पैरा सेलिंग, स्पीड बोट, जेट स्काई, हॉट एयर बैलूनिंग, मोटरबोट राइडिंग आदि शामिल हैं। टेंट सिटी में 63 लग्जरी स्विस टेंट के साथ कॉर्पोरेट सम्मेलनों के लिये एसी सम्मेलन हॉल भी बनाया गया है।
  • हनुवंतिया में जल महोत्सव पहली बार वर्ष 2016 में 12 से 21 फरवरी तक, दूसरी बार 15 दिसम्बर 2016 से 15 जनवरी 2017 तक, तीसरी बार 15 अक्टूबर 2017 से 2 जनवरी 2018 तक और चौथी बार 3 जनवरी 2019 से 3 फरवरी 2020 तक आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को सिंगापुर भ्रमण के दौरान सेंटोसा द्वीप देखकर मध्यप्रदेश में टापू पर्यटन विकसित करने का विचार आया था, जिसकी परिणति हनुवंतिया टापू है।

डायल 100 योजना

  • मंत्रि-परिषद ने डायल 100 योजना के निरंतर संचालन के लिए पूर्व से अनुबंधित फर्म के साथ निविदा की अनुमोदित दरों पर ही अनुबंध अवधि में छह माह अर्थात 1 अप्रैल से 30 सितम्बर 2020 तक तथा पुन: छह माह अर्थात 1 अक्टूबर 2020 से 31 मार्च 2021 तक की वृद्वि की स्वीकृति दी हैं।

मध्यप्रदेश रेत नियम 2019 में संशोधन

  • संशोधन अनुसार प्रदेश में स्वीकृत की जाने वाली रेत खदानों में रेत खदान की अवधि की गणना अनुबंध दिनांक के स्थान पर आशय पत्र जारी होने की दिनांक से की जायेगी। 
  • यदि रेत समूह के किसी निविदाकार द्वारा सभी वैधानिक अनुमतियां प्राप्त होने के बाद भी यदि अनुबंध का निष्पादन नहीं किया जाता़, तब दंण्ड स्वरूप उसके द्वारा जमा सुरक्षा राशि को राजसात किया जा सकेगा।

लाईट हाऊस प्रोजेक्ट

  • मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत लाईट हाऊस प्रोजेक्ट क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार एवं भारत सरकार से एम.ओ.यू. करने की स्वीकृति दी हैं।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी अंतर्गत भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा भवन निर्माण की नई तकनीकों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्लोबल हाउसिंग टेक्नालॉजी चैंलेंज अंतर्गत लाईट हाउस प्रोजेक्ट तैयार कराये गए हैं।
  • इसका उद्देश्य नई नवाचार निर्माण तकनीकों का उपयोग कर कम से कम समय में परियोजनाओं को पूर्ण करना तथा इन तकनीकों को भविष्य में उपयोग में लाने के लिए बढ़ावा देना हैं।
  •  इस योजना में 14 राज्यों के 22 नगरों द्वारा भाग लिया गया था। इनमें से पूरे देश में कुल छह नगरों में प्रदेश से इंदौर नगर का चयन किया गया है।
  • परियोजना में 1024 ई.डब्लू.एस. आवासों का प्री-फ्रेब्रीकेटिड सेण्डविच पैनल सिस्टम तकनीकी से निर्माण किया जायेगा।

राष्ट्रीय झील संरक्षण कार्यक्रम

  • राज्य शासन द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना राष्ट्रीय झील संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत शिवपुरी की झीलों के पर्यावरण उन्नयन एवं संरक्षण योजना के लिये अतिरिक्त तृतीय पुनरीक्षित आवश्यक राशि 19 करोड़ 55 लाख रूपये के साथ कुल राशि 111 करोड़ 55 लाख रूपये व्यय करने तथा योजना को निरंतर रखने की मंजूरी दी।
  • इसमें केन्द्रांश 29 करोड़ 4 लाख रूपये एवं राज्यांश 82 करोड़ 51 लाख रूपये हैं।

डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम

  • भारत सरकार की डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के अंतर्गत प्रदेश के सर्वे री सर्वे के शेष कार्यों को बाह्य एजेंसी के स्थान पर राजस्व विभाग के विभागीय अमले तथा मैप आई.टी. के तकनीकी सहयोग से पूरा किया जायेगा।

मेट्रो रेल परियोजना

  • मंत्रि-परिषद ने भोपाल तथा इंदौर शहर में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन के लिये भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के लिये पात्रता आव्यूह के संबंध में निर्णय लिया।
  • भोपाल मेट्रो रेल परियोजना एवं इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन के लिए पुनर्वास नीति की रूपरेखा जिसके अंतर्गत पात्रता आव्यूह जिसमें भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन मे उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 से बेहतर/समकक्ष प्रतिकर और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन का फायदा प्रावधानित है, के आधार पर भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन की कार्रवाई प्रथमत: मध्यप्रदेश शासन की आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति 2014 के अंतर्गत की जाएगी।
  • इसके लिए प्रभावित व्यक्ति या उसके कुटुंब या उसके कुटुंब के सदस्य के द्वारा सहमति प्रदान नही किये जाने पर भूमि अधिग्रहण पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 सहपठित भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार नियम 2015 के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।

चिकित्सा महाविद्यालय में विस्तार

  • मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय शिवपुरी के अंतर्गत निर्माणाधीन 300 बिस्तरीय अस्पताल के लिये पूर्व में जारी पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति 202 करोड़ 40 लाख के स्थान पर राशि 223 करोड़ 75 लाख रूपये के प्रस्ताव पर पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
  • मंत्रि-परिषद ने गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल परिसर में 2000  बिस्तरीय चिकित्सालय के लिए निर्मित होने वाले भवनों की डिजाईन नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के प्रावधानों के अनुरूप नवीन भूकंपरोधी एवं अग्नि-सुरक्षा के मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य कराने से स्टील और कांक्रीट की मात्रा में हुई वृद्वि, अग्नि सुरक्षा के लिये लगाये जाने वाले विभिन्न उपकरण एवं दरवाजे नवीन फायर रेटिंग के अनुसार मूल्य वृद्वि होने तथा अन्य नवीन निर्माण कार्यों के लिये राशि 479 करोड़ 27 लाख रूपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी है।

सीप अंबर सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना

  • मंत्रि-परिषद ने सीहोर जिले की सनकोटा सिंचाई परियोजना एवं मोगराखेड़ा सिंचाई परियोजना की पूर्व प्रदत्त प्रशासकीय स्वीकृति को परियोजनांतर्गत वन भूमि आने एवं व्यवस्थापन को दृष्टिगत रखते हुए निरस्त कर सीप अंबर सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना की सिंचाई क्षमता 8000 हेक्टेयर के लिये राशि 174 करोड़ 94 लाख रुपये। 

मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग का नाम परिवर्तित कर पशुपालन एवं डेयरी विभाग किये जाने एवं कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की कार्यवाही करने का भी निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने शासकीय मुद्रणालय ग्वालियर, इंदौर, रीवा को बंद करने एवं शासकीय प्रेस के 495 पदों को समर्पित एवं 185 पदों को सांख्येत्तर घोषित करने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश प्रतीकरात्मक वन-रोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (राज्य कैम्पा प्राधिकरण) के कार्यालय की स्थापना तथा उसके लिये पदों की मंजूरी दी।


एकलव्य निजी विश्वविद्यालय दमोह

  • मंत्रि-परिषद द्वारा एकलव्य निजी विश्वविद्यालय दमोह की स्थापना के संबंध में प्रस्तुत संशोधन अध्यादेश 2020 का अनुमोदन प्रदान किया गया।

सड़क बत्ती सब्सिडी

  • मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि गत वर्षो की भांति वर्ष 2019-20 तथा 2020-21 में निकायों के निम्नदाब सड़क बत्ती विद्युत संयोजनों के लिए मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा नियत लागत प्रभार पर 95 रूपये प्रति किलावॉट प्रतिमाह सब्सिडी जारी रखी जायेगी।

इंदौर-पीथमपुर इन्वेस्टमेंट रीजन 

  • मंत्रि-परिषद ने इंदौर-पीथमपुर इन्वेस्टमेंट रीजन में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने संबंधी परियोजना को अनुमोदन प्रदान किया।
  • परियोजना के अंतर्गत पीथमपुर औद्योगिक निवेश सेक्टर 4 तथा 5 को 586.70 हेक्टेयर भूमि पर 550 करोड़ रूपये की लागत से दो चरणों में विकसित किया जाएगा।

मेट्रोपोलिटन एरिया (महानगर क्षेत्र)

  • भोपाल व इंदौर शहर में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वकयन के लिए मेट्रोपोलिटन एरिया (महानगर क्षेत्र) गठित करने का निर्णय लिया।
  • भोपाल महानगर क्षेत्र में भोपाल निवेश क्षेत्र तथा मंडीदीप निवेश क्षेत्र सम्मिलित होंगे। इंदौर महानगर क्षेत्र में महू निवेश क्षेत्र तथा पीथमपुर निवेश क्षेत्र को जोड़ा गया है।

बल्क ड्रग पार्क को स्वीकृति

  • मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क की स्थापना के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की। 
  • रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार की बल्क ड्रग पार्क प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत स्थापित होने वाले इस पार्क में आने वाली फार्मा इकाईयों को योजना के अनुरूप विशेष वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मेडिकल डिवाइस पार्क -होशंगाबाद जिले के बाबई-मोहसा

  • मध्य प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंत्रि-परिषद् द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। 
  • भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत विकसित होने वाले इस पार्क में आने वाली विनिर्माण इकाईयों को योजना के अनुरूप विशेष वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
  • होशंगाबाद जिले के बाबई-मोहसा में यह पार्क स्थापित होगा।

नि:शक्त बालक-बालिकाओं के लिये स्टेडियम 

  • नि:शक्त बालक-बालिकाओं के लिए ग्वालियर में स्टेडियम निर्माण के लिये 7.902 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने संबंधी प्रस्ताव का अनुमोदन प्रदान किया।

अटल भू-जल योजना

  • मंत्रि-परिषद की बैठक में अटल भू-जल योजना के क्रियान्वयन के लिए 314 करोड़ 54 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। 
  • योजना के अंतर्गत बुन्देलखण्ड अंचल के 6 जिलों क्रमश: सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना तथा निवाड़ी के 9 विकासखण्ड क्रमश: सागर, पथरिया, छतरपुर, नौगांव, राजनगर, बल्देवगढ़, निवाड़ी, पलेरा एवं अजयगढ़ की 678 ग्राम पंचायतों के क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा

 

सनगठा सिंचाई परियोजना- शिवपुरी जिले की  पिछोर तहसील

  • मंत्रिपरिषद ने सनगठा (ऐर) सिंचाई परियोजना के कुल सैच्य क्षेत्र 4630 हेक्टेयर के लिये 145 करोड़ 45 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी हैं।
  • परियोजना से सूक्ष्म सिंचाई पद्वति द्वारा शिवपुरी जिले की  पिछोर तहसील के 15 ग्रामों की 4630 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी।
  • सीमांकन/मानचित्रण की प्रक्रिया का सरल एवं शुद्व करने के लिए राज्य में सीओआरएस (कंन्टीन्यूअसली आपरेंटिग रिफरेंस स्टेशन) प्रणाली का उपयोग शुरू करने के लिए राजस्व विभाग द्वारा भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ एमओयू निष्पादित किया गया हैं।

चंबल एक्सप्रेस-वे' अब 'चंबल प्रोग्रेस-वे'

  • जुलाई 2020 मंत्रि-परिषद की बैठक में 'चंबल एक्सप्रेस-वे' का नाम बदलकर 'चंबल प्रोग्रेस-वे' करने निर्णय लिया गया।
  • भारतमाला परियोजना के अन्तर्गत चंबल प्रोग्रेस-वे के निर्माण की स्वीकृति दी गयी।
  • 'चंबल प्रोग्रेस-वे' योजना के अन्तर्गत मध्यप्रदेश-राजस्थान सीमा से मुरैना होते हुए भिण्ड जिले तक 309 किलोमीटर की फोरलेन ग्रीन फील्ड सड़क के निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया गया।
  • परियोजना के लिए राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क भूमि उपलब्ध करायी जाएगी। अर्जित की जाने वाली निजी भूमि को यथासंभव शासकीय भूमि से अदला-बदली के माध्यम से किया जायेगा।

कैम्पा निधि के अन्तर्गत वार्षिक प्रबंधन

  • कैम्पा राशि से वन क्षेत्र में विगत वर्षो के कार्यो के रख-रखाव, बफर क्षेत्र में रहवास का विकास, बिगडे वनों को सुधार, नदियों का पुनर्जीवन, जल संरक्षण के कार्य, गांव की सीमा में वन क्षेत्रों में बांस का रोपण, वन्य प्राणी संरक्षित क्षेत्रों में ग्रामों का स्वैच्छिक विस्थापन, क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण, नगर वनों की स्थापना तथा अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण संबंधी कार्यो की प्राथमिकता निर्धारित की गयी है।
  • मंत्रि-परिषद ने कैम्पा निधि के अन्तर्गत वार्षिक प्रबंधन स्कीम के तहत वर्ष 2020-21 के अनुमोदित कार्य योजना के लिए 833 करोड़ 54 लाख तथा वर्ष 2019-20 के अतिरिक्त अनुमोदित कार्य योजना के लिए राशि रूपये 149 करोड़ 14 लाख रूपये के प्रस्ताव का अनुसमर्थन किया।


कोविड-19 अनुकूल व्यवहार परिवर्तन सघन अभियान

  • प्रदेश मे कोविड-19 अनुकूल व्यवहार परिवर्तन सघन अभियान बुधवार 7 अक्टूबर 30 नवम्बर, 2020 तक संचालित किया जायेगा।
  • अभियान की थीम 'सावधानी में ही सुरक्षा है'' और पंचलाइन 'कोरोना से बचने के लिये है जरूरी, मास्क पहने, धोते रहें हाथ, रखें दो गज की दूरी'' है।

अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना रीवा

  • 10 जुलाई 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वी.सी. के माध्यम से 750 मेगावाट की अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना का लोकार्पण  किया।  
  • मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 22 दिसम्बर 2017 को इस परियोजना का शिलान्यास किया था। 
  • एक परियोजना में एक सौर पार्क में 250-250 मेगावाट की 3  सौर उत्पादन इकाइयां है।

किल कोरोना अभियान

  • कोविड-19 के व्यापक सर्वेलेन्स के लिए प्रदेश भर में 15 दिवसीय 'किल कोरोना अभियान'  शुरू किया गया है।
  • यह अभियान 01 जुलाई को होगी। अभियान 15 जुलाई तक चलेगा।
  • अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में वायरस नियंत्रण और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान में सरकार और समाज साथ-साथ कार्य करेंगे।

स्वामित्व योजना Swamitva yojana

  • पंचायती राज दिवस (Panchayati Raj Diwas) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 'स्वामित्व योजना' (Swamitva scheme) की शुरू की थी. 
  • मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा 28 मई 2020 को स्वामित्व योजना को प्रदेश में प्रारंभ किए जाने की घोषणा की गई है। 

योजना का उद्देश्य 

  • ग्रामीणों को उनकी आबादी भूमि का मालिकाना हक दिलाने के लिए यह योजना  प्रथम वर्ष में प्रदेश के चयनित 10 जिलों में प्रांरभ की गई है। शेष जिले अगले वर्ष लिये जायेंगे।

 जीवन शक्ति योजना

  • जीवन शक्ति योजना दिनांक 25 अप्रैल 2020 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा लांच की गई।

जीवन शक्ति योजना के उद्देश्य

  • कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रदेश के नागरिकों को अधिकाधिक संख्याे एवं कम कीमत में मास्कह उपलब्धं कराना।
  • प्रदेश के शहरी क्षेत्रों की महिला उद्यमियों के रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना।
  • इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों की महिला उद्यमी इस पोर्टल पर अपना पंजीयन कर मास्क  निर्माण का कार्य प्रारंभ कर सकती हैं।
  • महिलाओं द्वारा निर्मित मास्को मध्य् प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित दर पर जिले स्त्र पर क्रय किया जाएगा। 

मध्यप्रदेश बाघ गणना

  • मध्य प्रदेश को पुनः मिला टाइगर स्टेट का दर्जा.
  • मध्यप्रदेश ने एक बार फिर बाघ गणना में देश मे प्रथम स्थान पर रहा है.
  • भारत में मध्यप्रदेश प्रथम बाघ गणना चक्र-2006 में 300 बाघों के साथ प्रथम स्थान पर आया था।
  • वर्ष 2018 में हुई चौथी बाघ गणना चक्र 526 बाघों के साथ भी प्रदेश ने अधिकतम बाघों की संख्या के साथ सर्वप्रथम स्थान हासिल किया है।

देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा जी 

  • गृहस्थ संत पूज्य देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा जी का 17 मई को निधन हो गया ,कटनी झिझरी स्थित दद्दाधाम मे उनका आश्रम स्थित है ।

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