राष्ट्रीय सरस मेला 2026 | Saras Mela 2026
राष्ट्रीय सरस मेला 2026
Fact
सरस मेला DAY-NRLM के अंतर्गत एक
सरकारी समर्थित प्रदर्शनी और विपणन मंच है, जो ग्रामीण स्वयं सहायता समूह (SHG) उद्यमियों द्वारा
निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देता है।
दिल्ली-NCR के बाहर पहला
राष्ट्रीय सरस मेला अक्तूबर 2026 में विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में आयोजित किया गया था।
यह DAY-NRLM के अंतर्गत एक
पहल है, जिसका उद्देश्य
महिला SHG सदस्यों को कम-से-कम
1 लाख की सतत
वार्षिक घरेलू आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है।
ESARAS एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस है, जो ग्रामीण SHG उद्यमियों द्वारा
निर्मित उत्पादों को संपूर्ण भारत के उपभोक्ताओं से जोड़ता है।
सरकार ने फरवरी 2026 में 6 करोड़ लखपति
दीदी के लिये संशोधित लक्ष्य घोषित किया।
राष्ट्रीय सरस मेला 2026
आंध्र प्रदेश के
विजयवाड़ा में आयोजित राष्ट्रीय सरस मेला 2026, दिल्ली-NCR के बाहर आयोजित होने वाला पहला राष्ट्रीय सरस मेला है, जिसमें 34 राज्यों और
केंद्रशासित प्रदेशों की महिला उद्यमियों को स्वयं सहायता समूह (SHG) उद्यमों, बाज़ार तक पहुँच
और DAY-NRLM के तहत सतत
ग्रामीण आजीविकाओं को बढ़ावा देने के लिये एक साथ लाया गया है।
सरस मेला के प्रमुख तथ्य
क्या हैं?
परिचय: सरस मेला दीनदयाल
अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय
ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)
के तहत आयोजित एक
सरकार समर्थित मंच है, जो ग्रामीण महिला
उद्यमियों, विशेष रूप से
स्वयं सहायता समूहों (SHGs),
को उपभोक्ताओं, संस्थागत
खरीदारों और व्यापक बाज़ारों से जोड़ता है।
विकास: पहला राष्ट्रीय
सरस मेला वर्ष 1999 में दिल्ली में
आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 65 लाभार्थियों ने
भाग लिया था। इसके बाद इसका विस्तार राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, राज्य और ज़िला स्तरों तक हुआ है।
प्रमुख उपलब्धियाँ: अब तक
कुल 117 राष्ट्रीय सरस
मेले आयोजित किये जा चुके हैं, जिनमें वार्षिक बिक्री ₹200 करोड़ से अधिक रही है।
राज्यों और केंद्रशासित
प्रदेशों से प्रतिवर्ष कम-से-कम दो राज्य स्तरीय सरस मेले आयोजित करने की अपेक्षा
की जाती है, जिससे देशभर में
औसतन लगभग 50 आयोजनों का
योगदान होता है।
प्रदर्शित उत्पाद: हथकरघा
उत्पाद, हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र, प्राकृतिक उत्पाद, प्रसंस्कृत खाद्य
पदार्थ और क्षेत्रीय व्यंजन, साथ ही इंडिया फूड कोर्ट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और समर्पित शिक्षण
स्थल।
संस्थागत सहयोग: इस पहल
में नाबार्ड (NABARD), राष्ट्रीय
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) तथा अन्य सरकारी और निजी क्षेत्र के हितधारकों
जैसे संस्थानों के साथ सहयोग शामिल है।
डिजिटल बाज़ार तक पहुँच:
ई-सारस प्लेटफॉर्म: एक
ई-कॉमर्स पहल, जो ग्राहकों को
भौतिक प्रदर्शनियों के अलावा स्वयं सहायता समूह (SHG) उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों को खोजने और
खरीदने में सक्षम बनाती है।
सरस मेला डिजिटल ऐप (2025): स्वयं सहायता समूह
(SHG) नामांकन, उपस्थिति प्रबंधन
और आयोजन से संबंधित जानकारी की सुविधा प्रदान करता है।
डिजिटल भुगतान: UPI-आधारित लेन-देन
को बढ़ावा देता है, साथ ही वित्तीय
समावेशन के लिये वैकल्पिक भुगतान व्यवस्थाओं को भी बनाए रखता है।
ग्रामीण महिला सशक्तीकरण
में DAY-NRLM और लखपति दीदी की
क्या भूमिका है?
DAY-NRLM: यह प्रमुख ग्रामीण
निर्धनता उन्मूलन कार्यक्रम है, जो SHG
के माध्यम से
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देता है तथा ऋण, कौशल, प्रौद्योगिकी, संस्थागत सहायता
और सतत आजीविका के अवसरों तक पहुँच प्रदान करता है।
सरस मेले उत्पादों की
ब्रांडिंग, प्रत्यक्ष बिक्री, क्रेता-विक्रेता
संपर्क और राष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँच को सुदृढ़ करके DAY-NRLM को समर्थन प्रदान
करते हैं।
लखपति दीदी पहल: यह DAY-NRLM के अंतर्गत एक
परिणामोन्मुखी पहल है, जिसका उद्देश्य SHG की महिलाओं को
कम-से-कम ₹1 लाख की सतत
वार्षिक घरेलू आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है।
आय की स्थिरता का आकलन
कम-से-कम चार कृषि मौसमों और/या व्यावसायिक चक्रों के आधार पर किया जाता है।
लक्ष्य को वर्ष 2023 में 2 करोड़ से बढ़ाकर
वर्ष 2024 में 3 करोड़ किया गया
तथा दिसंबर 2025 तक 3 करोड़ का लक्ष्य
प्राप्त कर लिया गया।
फरवरी 2026 में, सरकार ने 6 करोड़ लखपति
दीदी का बढ़ाने का लक्ष्य घोषित किया।
उद्यम विकास: सरस मेला
महिलाओं के नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों की दिशा में निर्वाह-आधारित आजीविका से
संक्रमण को समर्थन देते हैं, जिससे आय में विविधता, व्यवसाय का विस्तार और सतत बाज़ार की भागीदारी संभव होती है।

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