रिक्तिकाएँ क्या होती हैं इसकी जानकारी |VACUOLES Details in Hindi

 रिक्तिकाएँ  क्या होती हैं  इसकी जानकारी 

रिक्तिकाएँ  क्या होती हैं  इसकी जानकारी


रिक्तिकाएँ (VACUOLES) 

  • कोशिकाद्रव्य में झिल्ली से घिरे अनेक रिक्त स्थान पाये जाते हैं, जिन्हें रिक्तिकाएँ या रसधानियाँ कहते हैं। इनके चारों तरफ की झिल्ली को रिक्तिकीय झिल्ली (Vacuolar membrane) या टोनोप्लास्ट (Tonoplast) कहते हैं। यह लाइपोप्रोटीन (Lipoprotein) की बनी होती है तथा विविध रूप से पारगम्य (Differentially permeable) होती है। 
  • इनमें एक प्रकार का द्रव भरा होता है, जो कोशिका रस (Cell sap) कहलाता है। कोशिका रस में जल, लवण, कार्बोहाइड्रेट, अमीनो अम्ल, प्रोटीन, एस्टर्स, जल में घुलनशील वर्णक, उत्सर्जी तथा अन्य पदार्थ पाये जाते हैं। 
  • जन्तु और वृद्धि करती पादप कोशिकाओं छोटी-छोटी रिक्तिकाएँ बिखरी होती हैं, लेकिन पादप कोशिका जैसे-जैसे पुरानी होती जाती है, इसको रिक्तिकाएँ आपस में संलयित होकर बड़ी होती जाती हैं। अन्त में परिपक्व पादप कोशिकाओं में केवल एक ही केन्द्रीय बड़ी रिक्तिका रह जाती है। 
  • वास्तव में तरुण कोशिकाओं में कोशिकाद्रव्य पूरी तरह भरा होता है, लेकिन जैसे-जैसे कोशिका का आकार बढ़ता जाता है कोशिकाद्रव्य की मात्रा उसी अनुपात में नहीं बढ़ती, फलस्वरूप अनेक छोटे-छोटे रिक्त स्थान कोशिकाद्रव्य में पैदा हो जाते हैं। ये हो स्थान संलयित होकर रिक्तिकाओं का निर्माण करते हैं। 
  • फ्रे-विसलिंग (Fre-Wyssling, 1965) के मत से चूँकि पौधे अपनो बढ़ी हुई कोशिकाओं को जीवद्रव्य से भरने के लिए उचित मात्रा में प्रोटीन नहीं बना पाते, इसलिए रिक्तिकाएँ उत्पन्न हो ज हैं। कुछ प्रोटोजोआ जन्तुओं में संकुचनशील (Contractile) रिक्तिकाएँ पायी जाती हैं, जो विभिन्न पदार्थों को एकत्र करके आकार में बढ़ती हैं और प्लाज्मा झिल्ली के पास ले जाकर इन्हें बाहर कर देती हैं।

 

रिक्तिका के कार्य (Functions) 

1. ये भोज्य पदार्थों का संग्रहण करती है। 

2. टोनोप्लास्ट अर्द्ध होने के कारण रिक्तिका कोशिका के अन्दर विभिन्न पदार्थों के संवहन का कार्य करती है। 

3. ये कोशिकाओं में परासरण नियन्त्रण (Osmoregulation) का कार्य करती हैं। 

4. ये भोजन के पाचन, उत्सर्जन इत्यादि क्रियाओं में सहायता करती हैं।

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