राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थापना दिवस | NDMA Day 2022 in Hindi

 राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थापना दिवस 27 सितंबर

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थापना दिवस  | NDMA Day 2022 in Hindi


 

 राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थापना दिवस 

  • 27 सितंबर, 2021 को ‘राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण’ का स्थापना दिवस आयोजित किया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत में आपदा प्रबंधन के लिये शीर्ष वैधानिक निकाय है। औपचारिक रूप से इसका गठन 27 सितंबर, 2006 को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत किया गया था। 
  • प्रधानमंत्री इसका अध्यक्ष होता है और इसके अलावा अन्य नौ सदस्यों की नियुक्ति की जाती है, इनमें से एक सदस्य को उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया जाता है। इसका प्राथमिक उद्देश्य प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं के दौरान प्रतिक्रियाओं हेतु समन्वय कायम करना और आपदा-प्रत्यास्थ (आपदाओं में लचीली रणनीति) व संकटकालीन प्रतिक्रिया हेतु क्षमता निर्माण करना है।


  • यह आपदाओं के संबंध में समय पर प्रभावी प्रतिक्रिया के लिये आपदा प्रबंधन नीतियाँ, योजनाएँ और दिशा-निर्देश तैयार करने हेतु यह एक शीर्ष निकाय है। इसके अलावा अधिनियम के तहत भारत में आपदा प्रबंधन और उसके प्रति एक समग्र व एकीकृत दृष्टिकोण विकसित करने हेतु संबंद्ध राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में ‘राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों’ (SDMAs) की स्थापना की परिकल्पना की गई है।

 

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA)


  • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत में आपदा प्रबंधन के लिये शीर्ष वैधानिक निकाय है।
  • इसका ओपचारिक रूप से गठन 27 सितम्बर, 2006 को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत हुआ जिसमें प्रधानमंत्री अध्यक्ष और नौ अन्य सदस्य होंगे और इनमें से एक सदस्य को उपाध्यक्ष पद दिया जाएगा।
  • अधिदेश: इसका प्राथमिक उद्देश्य प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं के दौरान प्रतिक्रियाओं में समन्वय कायम करना और आपदा-प्रत्यास्थ (आपदाओं में लचीली रणनीति) व संकटकालीन प्रतिक्रिया हेतु क्षमता निर्माण करना है। आपदाओं के प्रति समय पर और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिये आपदा प्रबंधन हेतु नीतियाँ, योजनाएँ और दिशा-निर्देश तैयार करने हेतु यह एक शीर्ष निकाय है।
  • विजन: एक समग्र, अग्रसक्रिय तकनीक संचालित और संवहनीय विकास रणनीति के द्वारा एक सुरक्षित और आपदा-प्रत्यास्थ भारत बनाना, जिसमें सभी हितधारकों की मौजूदगी हो तथा जो रोकथाम, तैयारी और शमन की संस्कृति का पालन करती हो।

 

राज्यस्तरीय संस्थाएं

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA)

  • यह संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में SDMA राज्य में आपदा प्रबंधन के लिये नीतियाँ और योजनाएँ तैयार करता है।
  • यह राज्य योजना के कार्यान्वयन में समन्वय, आपदा के शमन के लिये तत्पर रहने के उपायों और राज्य के विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा के लिये उत्तरदायी है ताकि रोकथाम, तैयारी और शमन उपायों का समेकन सुनिश्चित हो सके।

राज्य कार्यकारी समिति (SEC)

  • इसका नेतृत्व राज्य का मुख्य सचिव करता है। SEC आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रावधानित राष्ट्रीय नीति, राष्ट्रीय योजना और राज्य योजना के कार्यान्वयन में समन्वय और निगरानी के लिये उत्तरदायी है।


ज़िलास्तरीय संस्थाएँ

ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA)

  • आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 25 राज्य के प्रत्येक जिले के लिये एक DDMA के गठन का प्रावधान करती है।
  • डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट/डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर/डिप्टी कमिश्नर अध्यक्ष के रूप में इसका प्रमुख होता है, इसके अलावा स्थानीय प्राधिकरण का निर्वाचित प्रतिनिधि सह-अध्यक्ष होता है, उन जनजातीय क्षेत्रों को छोड़कर जहां स्वायत्त ज़िले की ज़िला परिषद का मुख्य कार्यकारी सदस्य सह-अध्यक्ष नियुक्त हो।
  • इसके अलावा उन ज़िलों में जहाँ ज़िला परिषद मौजूद है, में इसका अध्यक्ष DDMA का सह- अध्यक्ष होगा।
  • ज़िला प्राधिकरण आपदा प्रबंधन के लिये योजना बनाने, समन्वय करने और कार्यान्वयन करने तथा आपदा प्रबंधन के लिये ऐसे उपाय अपनाने के लिये उत्तरदायी है जो दिशा-निर्देश में दिये गए हैं।
  • ज़िला प्राधिकरण के पास ज़िले में किसी भी क्षेत्र में निर्माण की जाँच करने, सुरक्षा मानकों को लागू करने और राहत उपायों की व्यवस्था करने तथा ज़िला स्तर पर आपदा के प्रति प्रतिक्रिया करने का अधिकार है।

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