भारतीय संविधान के संघीय तत्व का वर्णन कीजिये ? |भारतीय संविधान के संघीय लक्षण | MPPSC Paper 2 Answer

भारतीय संविधान के संघीय तत्व का वर्णन कीजिये ?

भारतीय संविधान के संघीय तत्व  का वर्णन कीजिये ? |भारतीय संविधान के संघीय लक्षण | MPPSC Paper 2 Answer

भारतीय संविधान के संघीय तत्व  का वर्णन कीजिये ? MPPSC 2014 Paper -2

उत्तर- 

संघ जैसा की भारत के संविधान में वर्णित है, इसमें ऐसे प्रावधानों को शामिल किया है जो राज्यों को भी अधिकार  प्रदान करते हैं। भारतीय संविधान में संघात्मक व एकात्मक दोनों लक्षण दिखाई देते हैं। इनमें प्रमुख संघीय तत्वों को हम इस प्रकार देख सकते हैं, जो कि राज्यों को भी शक्तिसम्पन बनाते हैं

 

(1) संविधान की सर्वोच्चता- 

भारत के संविधान में केन्द्र व राज्यों के मध्य शक्ति वितरण किया गया है। इस संबंध में मतभेदों की स्थिति से बचने के लिए संविधान को सर्वोच्चता प्रदान की गई है।

 

(2) शक्तियों का विभाजन- 

भारतीय संविधान में 7वीं अनुसूची में संघ सूची, राज्य सूची व समवर्ती सूची के रूप में केन्द्र व राज्यों के बीच, शक्तियों व अधिकार क्षेत्र का स्पष्ट विभाजन किया गया है।

 

(3) न्यायपालिका का सर्वोच्चता- 

संघीय व्यवस्था में केन्द्र व राज्यों या फिर राज्य-राज्य के मध्य अधिकार क्षेत्र को लेकर उत्पन्न टकराव, मतभेदों एवं रुकावटों को दूर करने का कार्य न्यायपालिका का है।

 

(4) संशोधन प्रणाली-

देश के संघीय ढांचे में कोई भी संशोधन, राष्ट्रपति की अनुमित एवं राज्यों की सहमति के बिना संभव नहीं है। यह कठोर संशोधन का प्रावधान संघीय व्यवस्था की रक्षा करता है।

 

(5) द्विसदनात्मक व्यवस्था 

संविधान में द्विसदनात्मक व्यवस्था है, जहाँ राज्यसभा सर्वोच्च सदन है। यह राज्यों का प्रतिनिधित्व करता है।

 

उपरोक्त प्रमुख, संघीय लक्षण है जो भारतीय संविधान में परिलक्षित होते हैं।

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