MP Tourism GK Question Answer | मध्यप्रदेश पर्यटन सामान्य ज्ञान प्रश्न उत्तर

 

MP Tourism GK Question Answer


MP Tourism GK Question Answer


संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन

संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन 1975 में गठित एक अंतर्राष्ट्रीय निकाय है। यह इंटरनेशनल यूनियन ऑफ ऑफिसियल ट्रेवल आर्गनाइजेशन जो 1947 से 1975 तक अस्तित्व में रहा का उत्तराधिकारी संगठन है। संयुक्त राष्ट्र संघ की एक विशेषीकृत एंजेसी के रूप में यूएनडब्ल्यूटीओ UN-WTO के सदस्यों में 159 देश 6 भूभाग और पॉच सौ से अधिक सहबद्ध सदस्य शामिल हैं। जो निजी क्षेत्रक, शैक्षिक संस्थानों, पर्यटक संघों और स्थानीय पर्यटक प्राधिकरणों का प्रतिनिधत्व करते हैं। इस संस्था का मुख्यालय मैड्रिड स्पेन में स्थित है। और इसकी तीन कृत्यकारी संस्थाएं  हैं-

  1. सचिवालय

  2. आम सभा

  3. कार्यपालक परिषद

संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन United Nations World Tourism Organization – UNWTO

  • 27 सितंबर, 2019 को संपूर्ण विश्व में विश्व पर्यटन दिवस’ (World Tourism Day) मनाया गया।
  • विश्व पर्यटन संगठन की स्थापना 1925 में हेग में राजकीय पर्यटक प्रकाशन की अंतरराष्ट्रीय संगठन के तौर पर की गई।
  • द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात् इसे जेनेवा ले जाया गया और अंतरराष्ट्रीय राजकीय पर्यटन संगठन (आईयूओटीओ) के नाम से इसका पुनर्नामकरण किया गया। वर्ष 1975 में, आईयूओटीओ का विश्व पर्यटन संगठन के तौर पर फिर से नामकरण किया गया।
  • यूएनडब्ल्यूटीओ 1976 में यूएनडीपी का एक कार्यकारी अभिकरण बना।
  • 1977 में, यूएनडब्ल्यूटीओ ने संयुक्त राष्ट्र के साथ औपचारिक सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन का मुख्यालय स्पेन के मेड्रिड शहर मे है ।
  • संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन अर्थात यू एन डब्ल्यू टी के वर्तमान में 159  सदस्य राष्ट्र हैं ।  2 पर्यवेक्षक और 500 से अधिक संबद्ध सदस्य हैं । 
  • यूनेस्को द्वारा 1994 में पर्यटकों को तीन श्रेणियों में विभक्त किया गया था घरेलू पर्यटनइन बाउंड पर्यटन ,आउट बाउंड पर्यटन
  • 1925 में पर्यटन के लिए पहली बार ऑफिशियल पर्यटन संगठनों के संदर्भ में एक अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस या कॉन्फ्रेंस का आयोजन चेकोस्लोवाकिया के हेग गया था.
  • इंटरनेशनल यूनियन ऑफ ऑफिशियल टूरिस्ट पब्लिसिटी ऑर्गेनाइजेशन आई यू ओ टी पी ओ का गठन वर्ष 1934 में हुआ था
पर्यटन परिभाषा (Definition)

 पर्यटकों और अन्य आगंतुकों को आकर्षित करने और उनकी मेजबानी करने की प्रक्रिया में पर्यटकों,व्यापार आपूर्तिकर्ताओं, मेजबान सरकारों और मेजबान समुदायों के मध्य होने वाले पारस्परिक व्यवहार से उत्पन्न होने वाले संबंधों और परिघटनाओं का योग पर्यटन है ” – मैकिंटोश और गोएल्डनर

पर्यटन की पहली परिभाषा 1905 में गायर फ्यूलर द्वारा दी गई थी।

संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO-UN World Tourism Organization) -“पर्यटन में अवकाश, व्यापार एवं अन्य उद्देश्यों के लिए अधिकतम एक वर्ष तक के समय तक अपने सामान्य परिवेश से बाहर के स्थानों पर यात्रा करने एवं रहने वाले व्यक्तियों की गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है

पर्यटन के संबंध में प्रसिद्ध व्यक्तियों के कथन

एक ऐसी भूमि जिसे सभी लोग देखना चाहते हैं और एक बार देख लेने पर, भले ही वह एक झलक ही क्यों न हो, वे शेष विश्व के सभी सम्मिलित दृश्यों के बदले भी उस झलक का त्याग नहीं करेंगे।” – मार्क ट्वेन

यात्रा व्यक्ति को उदार बनाती है। इससे आप देखते हैं कि आप विश्व में कितने छोटे स्थान पर रहते हैं। “- गुस्ताव फ्लैबर्ट

यात्रा ही गंतव्य है।” – डैन एल्डन

यात्रा के द्वारा विश्व के नए आयामों का अनावरण किया जा सकता है जिसके बारे में केवल देखने से पता नहीं कर सकते हैं।” – वेन क्रीसा (Wayne Chirisa

 पर्यटन के संदर्भ में किस संत ने कहा था कि बिना पर्यटन मानव अंधकार प्रेमी होकर रह जाएगा। - भारत के प्राचीन गुरु

बिना पर्यटन विश्व दर्शन ज्ञान ही अधूरा है ?संत अगस्टिन

विश्व पर्यटन पर एक नजर 

  • यूरोप में यूनाइटेड किंगडम में पहली बार वर्ष 1758 कॉक्स एंड किंग्स आधिकारिक यात्रा कंपनी की स्थापना की गई जो यूरोपियन समुदाय सहित विश्व के नागरिकों को पर्यटन की समग्र प्रकार की सुविधाएं प्रदान करते थे।  
  • फ्रांस में दुनिया में समुद्र किनारे सबसे पहले स्थापित होने वाला हॉलीडे रिसॉर्ट French riveria को  समुद्री किनारे पर स्थापित किया गया था । 
  • दुनिया में शीतकालीन अवकाश हॉलीडे हेतु प्रथम पैकेज शीतकालीन अवकाश खेलों का आयोजन 1902 में स्वीडन के  एडल्टवुडन में किया गया था । 
  • संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यू जर्सी में यूरोपियन शैली में प्रथम समुद्र तटीय शहर गांव बनाया गया इसे अटलांटिक सिटी के नाम से जाना जाता है ॰

IUOTO

1925 में पर्यटन विकास में अंतर्राष्ट्रीय निगम की शुरुआत हुई थी। सम्मेलन 1946 और 1947 में लंदन में IUOTO की स्थापना हुई थी। इस संगठन ने विभिन्न देशों के 100 से अधिक राष्ट्रीय पर्यटन कार्यालयों को पूर्ण सदस्यों के रूप में और 88 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सदस्यों को सहयोगियों के रूप में प्रतिनिधित्व किया। IUOTO केवल एक संगठन था, जो पूरी दुनिया में सरकारी / निजी पर्यटक संगठनों के साथ मिलकर काम करता था।

यूनियन आफ ऑफिशियल ट्रेवल ऑर्गेनाइजेशन के  उद्देश्य

  • पर्यटन संगठनात्मक हो
  • पर्यटन उद्योग के रूप में हो
  •  पर्यटन एक उपभोक्ता का समूह के रूप में हो

 

दुनिया में पर्यटन शब्द का प्रयोग का सर्वप्रथम किस वर्ष में किया गया ?

Ans- वर्ष 1811


Ans- दुनिया में पर्यटक शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किस वर्ष में किया गया ?

वर्ष 1840


ग्लोबल कोड ऑफ़ एथिक्स फॉर टूरिज्म (Global Code of Ethics for Tourism)

  • ग्लोबल कोड ऑफ़ एथिक्स फॉर टूरिज्म को (GCET) 1999 में अपनाया गया। यह जनरल असेंबली ऑफ़ दी वर्ल्ड टूरिज्म आर्गेनाईजेशन द्वारा डिजाइन किया गया नियमों का व्यापक सेट है। जिसका उद्देश्य पर्यटन विकास के महत्वपूर्ण घटकों जैसे सरकार, यात्रा उद्योग, समुदाय और पर्यटकों आदि सभी अभिकर्ताओं को सामान रूप से दिशा-निर्देश प्रदान करना है।
  • इसका उद्देश्य पूरे विश्व में पर्यावरण, सांस्कृतिक विरासत और समाज पर पड़ने वाले इसके संभावित नकारात्मक प्रभाव को कम करते हुए इस क्षेत्र के लाभ को अधिकतम बनाने में सहायता प्रदान करना है।
  • यह विभिन्न आयामों से संबंधित है जैसे- पर्यटन में बाल संरक्षण, सुलभ पर्यटन, लिंग और पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH), सृजनात्मक उद्योग एवं पर्यटन के माध्यम से सामुदायिक सशक्तिकरण जो मुख्यतः महिलाओं, युवाओं, स्वदेशी समुदायों और
  • दिव्यांगजनों पर केंद्रित हो।

कोड के 10 सिद्धांतों में यात्रा और पर्यटन के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय घटकों को शामिल किया गया है:

  • अनुच्छेद 1: लोगों और समाजों के मध्य पारस्परिक समझ और सम्मान में पर्यटन का योगदान।
  • अनुच्छेद 2: व्यक्तिगत और सामूहिक आपूर्ति के माध्यम के रूप में पर्यटन।
  • अनुच्छेद 3: पर्यटन, संधारणीय विकास के एक कारक के रूप में पर्यटन।
  • अनुच्छेद 4: पर्यटन, मानव जाति की सांस्कृतिक विरासत का उपयोगकर्ता और इसकी वृद्धि में योगदानकर्ता।
  • अनुच्छेद 5: पर्यटन, मेजबान देशों और समुदायों के लिए एक लाभकारी प्रक्रिया।
  • अनुच्छेद 6: पर्यटन विकास में हितधारकों के दायित्व।
  • अनुच्छेद 7: पर्यटन का अधिकार।
  • अनुच्छेद 8: पर्यटकों के आने-जाने की स्वतंत्रता।
  • अनुच्छेद 9: पर्यटन उद्योग में श्रमिकों और उद्यमियों के अधिकार।
  • अनुच्छेद 10: पर्यटन हेतु वैश्विक आचार संहिता के सिद्धांतों का कार्यान्वयन।

अंधेरा पर्यटन

  • अंधेरे पर्यटन (दुःख पर्यटन) को ऐतिहासिक रूप से मृत्यु और त्रासदी से जुड़े स्थानों पर यात्रा के पर्यटन के रूप में परिभाषित किया गया है।
  • स्कॉटिश ग्लासगो कैलेडोनियन विश्वविद्यालय के दो शोधकर्ता, लेनन और फोले द्वारा 1 99 6 में पहली बार डार्क टूरिज्म शब्द का प्रयोग किया जाता है। थैरेटोरिज्मशब्द का प्रयोग उसी वर्ष एवी सीटन द्वारा किया जाता है, जो स्ट्रैथक्लाइड ग्लासगो विश्वविद्यालय में पर्यटन विपणन के प्रोफेसर हैं।
  • इस बीच, परिभाषाओं, उपश्रेणियों, जैसे होलोकॉस्ट पर्यटन, दासता विरासत पर्यटन, आदि पर अनगिनत अध्ययन हैं, और इस शब्द का प्रयोग यात्रा साहित्य में भी किया जाता है। तुलनात्मक पर्यटक खुद के दृष्टिकोण में अपेक्षाकृत कम अनुभवजन्य शोध आयोजित किया गया है। अर्जेंटीना मैक्सिमिलियनो ई कोर्स्तानजे ने देखा कि अंधेरा पर्यटन प्रायः नृवंशिक या विशेष रूप से राष्ट्रीय रंगीन रूपों से जुड़ा हुआ है। कंग, स्कॉट, ली और बैलान्टाइन (2012) ने अपने शोध में निष्कर्ष निकाला कि बाद में कोरिया में एक शांति पार्क के आगंतुकों ने दायित्व और जिम्मेदारी की भावनासे विशेष रूप से मजबूत साबित हुआ।
  • पर्यटन क्षेत्र में लेनन तथा फोले द्वारा 2000 में कुछ ऐसे पर्यटन क्षेत्रों को छांटा गया जहां कोई ऐसी विनाश कालीन घटना हो चुकी थी यथा युद्ध के भयानक दृश्य नरसंहार के आपराधिक कृत्य इत्यादि इनको लाइट एंड साउंड के माध्यम से अथवा एक स्टोरी के माध्यम से रोचक आकर्षक तथा वीभत्स रूप से प्रस्तुत किया गया यह काला पर्यटन पर्यटन की श्रेणी में आता है 


सतत पर्यटन (Sustainable Tourism)

  • सतत पर्यटन, पर्यटन का वह रूप है जिसका अधिक उत्तरदायित्व के साथ उपयोग किया जा सकता है। यह एकमात्र विकल्प है जिसके द्वारा नकारात्मक सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों को कम किया जा सकता है। यह स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक लाभ का अवसर प्रदान करता है। और मेजबान समुदायों के कल्याण में वृद्धि करता है।
  • संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2017 को विकास के लिए सतत पर्यटन का अंतरराष्ट्रीय वर्षघोषित किया है। इस संदर्भ में, यह पहले ही परिलक्षित हो सकता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और राष्ट्र राज्य 2030 एजेंडे को कितनी गंभीरतापूर्वक ले रहे हैं।
  • वैश्विक स्तर पर पर्यटन की संभावनाओं के दृष्टिगत दुनिया में सतत प्रयास किए जा रहे हैं जहां आर्थिक उपार्जन एवं रोजगार उत्थान के साथ-साथ पर्यटन को उद्योग का दर्जा देते हुए उसके सतत विकास सस्टेनेबल डेवलपमेंट के संदर्भ में प्रयास किए जा रहे हैं इस संदर्भ में 2020 तक यूरोपमहाद्वीप में पढ़ने की सर्वाधिक प्रबल संभावनाएं हैं विश्व पर्यटन संघ की गणना के अनुसार 

विश्व पर्यटन दिवस

प्रत्येक वर्ष 27 सितंबर को दुनियाभर में विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day) मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1980 में की थी। विश्व पर्यटन दिवस मनाने का उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को पर्यटन के प्रति जागरूक करना है। प्रत्येक वर्ष अलग-अलग देश विश्व पर्यटन दिवस की मेजबानी करते हैं।

विश्व पर्यटन दिवस 2020 की थीम:

  • साल 2020 में विश्व पर्यटन दिवस की थीम है -पर्यटन और ग्रामीण विकास (Tourism and Rural Development). इससे बड़े शहरों के बाहर पर्यटन को बढ़ावा देना और दुनिया भर में सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने में पर्यटन की अनूठी भूमिका बनाना है। 

राष्ट्रीय पर्यटन नीति

  • भारत में 1982 में पहली बार एक राष्ट्रीय पर्यटन नीति अस्तित्व में आई। इसके बाद 2002 में नई पर्यटन नीति की घोषणा की गई। इस नीति का मुख्य उद्देश्य पर्यटन को अर्थव्यवस्था के विकास के मुख्य कारक के रूप में विकसित करना और पर्यावरणीय धारणीयता को मद्देनज़र रखते हुए देश में रोजगार सृजन व गरीबी उन्मूलन करना था। अतुल्य भारतजैसे सफल पर्यटन अभियान की शुरुआत इसी नीति के तहत की गई।राष्ट्रीय पर्यटन नीति, 2015 तैयार की गई। इस नीति के निर्माण में पर्यटन से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय संगठनों जिनमें संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन भी शामिल है, से सुझाव लिये गए।
  • भारत के द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक स्तर पर अनेक प्रयास किए जा रहे हैं पर्यटन में रोजगार के नित नए आयाम उत्पन्न करने के लिए एक स्वतंत्र पर्यटन नीति टूरिज्म पॉलिसी ऑफ इंडिया  2002 में घोषित की गई है 


विश्व के प्रमुख पर्यटन स्थल

  • आइजल ऑफ स्काई (स्कॉटलैंड) Isle of Skye (Scotland): स्कॉटलैंड का क्लाऊड आइलैंड अपने समुद्र तट, बड़े-बड़े महलों तथा प्राग ऐतिहासिक स्थलों के चलते आपको अपने जादू के पाश में बांध लेगा। यहां के नगरों तथा गांवों में शानदार पबों और बारों आप स्थानीय भोजन का आनंद ले सकते हैं। यहां का मूंगे के रंग वाला पानी, शानदार दृश्यावलियों वाले पर्वत तथा आश्चर्यजनक लैंडस्केप इस क्षेत्र की खास पहचान हैं।
  • ऐटाकामा डैजर्ट (चिली) Atacama Desert (Chile): यदि आपको भारत में लेह-लद्दाख बहुत पसंद है तो विश्व के सर्वाधिक सूखे स्थल ऐटाकामा मरुस्थल का भ्रमण आपके लिए शानदार रहेगा। यहां चाहे कोई वनस्पति नहीं है। यहां आप लग्जरियस कैंप में ठहर सकते हैं। कुछ वर्षों के अंतराल पर इस क्षेत्र में वर्षा ऋतु आती है। यदि आप खुशकिस्मत हैं तो यहां मौजूद कुछ हरे-भरे खेतों में आप शानदार गुलाबी फूलों का नजारा देख सकते हैं।
  • ग्रेट ब्ल्यू होल (बैलीज) Great Blue Hole (Belize): प्लेसैंसिया ताड़ के वृक्षों वाला एक बीच रिजार्ट है जो कैरेबियन तट पर स्थित है। यह विश्व की सर्वाधिक पसंद की जाने वाली हनीमून डैस्टिनेशन्स है। इसका निर्माण हिम युग के दौरान हुआ था। ग्रेट ब्ल्यू होल विश्व में सबसे बड़ा चक्राकार समुद्री छिद्र है। यदि आप इसमें गोता न लगाना चाहते हों तो भी इसे मिस न करें। एक चार्टर्ड हैलिकॉप्टर किराए पर लें और आकाश से प्रकृति के इस आश्चर्य का नजारा लें।
  • विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टाइम स्क्वेयर न्यूयॉर्क संयुक्त राज्य अमेरिका देश में और किस नगर में स्थित है
  • विश्व प्रसिद्ध मैजिक किंगडम ऑफ वाल्ट डिजनी वर्ल्ड अमेरिका के लेक ब्यूना विस्ता ऑरलैंडो पर स्थित है
  • गोल्डन गेट उत्तर अमेरिका के सन फ्रांसिस्को संयुक्त राज्य अमेरिकामें किस स्थान पर स्थित है
  • टेफलगर स्क्वायर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लंदन ग्रेट ब्रिटेन में स्थित है?


जल पर्यटन Water Toursim

  • मध्यप्रदेश के खंडवा (khandwa) के हनुवंतिया टापू को जल पर्यटन के रूप मे विकसित किया गया है जहां पर जल महोत्सव (jal mahotsav)  का आयोजन किया जाता है । 
  • पेनासोलर एंड ओरिएंटल स्टीम नेविगेशन कंपनी p&o 1844 ने जल पर्यटन विशेष पर्यटन की शुरुआत की
  • नर्मदा किनारे स्थित होशंगाबाद जिले के बांद्रा बांध तथा सेठानी घाट संयुक्त स्थल पर एक नदी महोत्सव जाता है । 

एफी अवार्ड

  • न्यूयार्क अमेरिकन मार्केटिंग एसोसिएशन द्वारा अत्यधिक प्रभावी एडवर्टाइजिंग प्रोग्राम के लिए 1968 में स्थापित किया गया था। यह अवार्ड प्रभावी मार्केटिंग कम्युनिकेशन के लिए संचालित कैंपेन व रचनात्मक प्रभावी कार्यों के लिए व्यक्तिगत श्रेणी में भी दिया जाता है।
  • मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम के एमपी में दिल हुआ बच्चे सा टीवीसी (टीवी कैंपेन) को प्रतिष्ठित एफी अवार्ड घोषित किया गया है। यह अवार्ड मप्र पर्यटन को बेस्टर ऑन गोइंग कैंपेन के लिए प्रदान किया गया है।
  • मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने जून-2016 में मप्र पर्यटन के इस एड कैंपेन को लांच किया था।

नमामि देवी नर्मदा

2016 में मध्यप्रदेश शासन ने नमामि देवी नर्मदा सेवा यात्रा का आयोजन किया इसका मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित था?

  • नर्मदा नदी के दोनों तटों पर वृक्षारोपण करना
  • कारखाना का गंदगी युक्त जल तथा नाले नाली के पानी को नर्मदा नदी में बनने से रोकना
  •  नर्मदा तट के स्तनों को नशा मुक्त एवं शराब मुक्त करना


गुना जिला 

  • गुना जिले का वर्तमान मुख्यालय गुना शहर में 5 नवंबर 1922 में स्थापित हुआ था। 19वीं सदी के पूर्व गुना ईसागढ (अब जिला अशोकनगर में स्थित) जिले का एक छोटा सा गाँव था। ईसागढ, जो कि 250-700 एवं 700-550 पूर्व में स्थित है, को सिंधिया के सेनापति जॉन वेरेस्टर फिलोर्स ने खींचीं राजाओं से जीता एवं प्रभु यीशू के सम्मान में इसका नाम ईसागढ रखा। सन् 1844 में गुना में ग्वालियर की फौज रहती थी, जिसके विद्रोह करने के कारण सन् 1850 में इसे अँग्रेजी फौज की छावनी में तब्दील किया गया। सन् 1922 में छावनी को गुना से ग्वालियर स्थानांतरित कर दिया गया एवं नवंबर 5, 1922 को जिला मुख्यालय बजरंगढ से गुना स्थानांतरित कर दिया गया। सन् 1937 में जिले का नाम ईसागढ के स्थान पर गुना को रखा गया तथा ईसागढ एवं बजरंगढ को तहसील बनाया गया जिन्हे बाद में क्रमश: अशोकनगर गुना तहसील के रूप में परिवर्तित किया गया। 
  • सन् 1948 में राघौगढ को तहसील के रूप में शामिल किया गया। सन् 2003 में अशोकनगर को गुना से पृथक् कर एक अलग जिला बना दिया गया।
  • गुना जिला मध्यप्रदेश में मालवा एक प्रमुख क्षेत्रीय स्थल है मालवा का पठार कृषि दृष्टि से उपजाऊ उद्योग दृष्टि से औद्योगिक क्षेत्र एवं आर्थिक रूप से शोधन क्षेत्र के रूप में जाना जाता है मालवा के गेट या द्वार के रूप में अर्थात गेटवे ऑफ़ मालवा  माना जाता है । 

रीवा जिला 

  • रीवा विन्ध्य प्रदेश की राजधानी थी, एवं संभागीय मुख्यालय होने के कारण इस क्षेत्र को एक प्रमुख नगर के रूप मे जाना जाता रहा है, तथा संभागीय मुख्यालय के साथ ही इस क्षेत्र का एक प्रमुख ऐतिहासिक नगर है। रीवा नगर पालिक निगम सन 1950 के पूर्व नगर पालिका के रूप में गठित हुई थी, जनवरी 1981 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा नगर पालिक निगम का दर्जा प्रदान किया गया। वर्तमान मे रीवा शहर में कुल 45 वार्ड है, जिसमे 6 वार्ड अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित है, जिसमें वार्ड क्रमांक 1 एवं 43 अनुसूचित जनजाति के लिये तथा वार्ड क्रमांक 28, 38, 39, 40 अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित है।
  • रीवा  में मोर की एक विशेष जाति पाई जाती है जो श्वेत रंग की होती है।  

 ग्वालियर के पर्यटन स्थल

ग्वालियर का किला

  • ऐतिहासिक रूप से ग्वालियर कई राजवंशो का गढ रहा है। जिन्होने वर्षो तक यहा शासन किया। जिनका प्रभाव स्पष्ट रूप से यहा की राजशाही संरचनाओ में देखा जा सकता है। जिनमे से एक विश्व प्रसिद्ध ग्वालियर का किला भी है। गोपाचल पहाडी पर बना यह किला ग्वालियर शहर से ही दिखाई दे जाता है।

सास-बहू का मंदिर

  • ग्वालियर के पर्यटन स्थल में सास- बहू का मंदिर भी दर्शनीय है। हांलाकि इस मंदिर में अब कोई प्रतिमा नही है। फिर भी इस मंदिर की बनावट में कारीगरो ने जो अमिट छाप छोडी है।

 मुहम्मद गौस का मकबरा

  • बादशाह अकबर के समय में बना यह मुगलकालीन मकबरा सुप्रसिद्ध सूफी संत हजरत मुहम्मद गौस को सम्रपित है। यह मकबरा मुगलकालीन स्थापत्य शैली का बेहतरीन नमूना है।

रानी लक्ष्मीबाई का स्मारक

  • 1857 के स्वत्रंता संग्राम की वीरागंना रानी लक्ष्मीबाई का यह स्मारक रेलवे ओवर ब्रिज के निकट स्थित है। यहा घोडे पर सवार तलवार ताने रानी लक्षमीबाई की प्रतिमा से तेज, ओज और शौर्य की एक वीरोचित शान झलकती है।

फ्लोटिंग थिएटर या तैरता रंगमंच

  • मध्य प्रदेश का एक प्रमुख सांस्कृतिक महत्व का स्थल ग्वालियर है ग्वालियर तानसेन का घर आने के नाम से मशहूर है सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए यहां तैरता रंगमंच  प्रसिद्ध है 

माता का मंदिर

  • शुन्य के अविष्कार के संदर्भ में प्रख्यात प्राचीन वैज्ञानिक आर्यभट्ट ने खोज की थी तथा ब्रह्म गुप्त द्वारा शून्य के साथ दशमलव पद्धति की खोज की थी ग्वालियर ऐतिहासिक स्थल पर एक मंदिर है जहां नवमी शताब्दी की शिलालेख पत्रिका में 0 अंकित  है। 



आगर  मालवा

  • आगर  मालवा भारत के मध्य प्रदेश राज्य में 51 वें जिला और नगर पालिका है, जिसे शाजापुर जिले के एक हिस्से को छोड़कर 2013 में गठित किया गया था। यह इंदौर-कोटा एसएच -27 राजमार्ग के साथ स्थित है। यह अनुकूल मौसम और पानी की उपलब्धता के कारण भारत की आजादी के समय पहले एक छावनी क्षेत्र था।
  • यह सिंधिया राज्य के दौरान राज्य का एक भाग था  (उनके कुछ महल अभी भी शहर की अदालत और अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोग किए जाते हैं)। यह पूर्व में मौसम की अनुकूलता और पानी की उपलब्धता के कारण भारत की स्वतंत्रता के समय एक छावनी क्षेत्र था। यह 1956 तक भारत की स्वतंत्रता के बाद मध्य भारत के राज्य के तहत एक जिला था। 16 अगस्त 2013 से आगर मालवा मध्य प्रदेश का 51 वां जिला बना  है। शाजापुर जिले से आगर, बडोद, सुसनेर और नलखेड़ा तहसीलों को हटाकर जिले का गठन किया गया था।
  • यह जिला  लाल मिट्टी के लिए प्रसिद्ध  है। 

पातालपानी जलप्रपात

  • पातालपानी जलप्रपात भारत के मध्य प्रदेश राज्य में इंदौर जिले की महू तहसील में स्थित है। झरना लगभग 300 फीट ऊंचा है। पातालपानी के आसपास का क्षेत्र एक लोकप्रिय पिकनिक और ट्रेकिंग स्थल है।
  • पानी का प्रवाह वर्षा के मौसम के तुरंत बाद (आमतौर पर जुलाई के बाद) सबसे अधिक होता है। गर्मी के मौसम में यह लगभग सूख जाता है, और धारा कम हो जाती है।
  • पातालपानी जलप्रपात मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में स्थित है प्रकृति के सौंदर्य से ओतप्रोत यह झरना डॉ आंबेडकर नगर (महू) तहसील के निकट स्थित है। चोरल नदी पर यह जलप्रपात बहुत ही सुन्दर है।

मध्यप्रदेश राज्य शासन द्वारा घोषित पवित्र नगर 

  • उज्जैन, अमरकंटक एवं महेश्वर (3 फरवरी 2004)
  • ओरछा एवं ओंकारेश्वर (फरवरी 2004)
  • मंडला एवं मुलताई ( 21 जनवरी 2008)
  • दतिया(27 अगस्त 2008)
  • जबलपुर (आस्था नगरी 8 जनवरी 2008)
  • चित्रकूट, मैहर एवं सलकनपुर(20 फरवरी 2009)
  • मंडलेश्वर (15 अक्टूबर 2010)
  • पशुपतिनाथ मंदिर मंदसौर (9 नवंबर 2011)
  • ग्वारीघाट जबलपुर एवं बरमान(22 अप्रैल 2013)

रायसेन जिला

  • स्थान और सीमाएं : रायसेन जिले मध्य प्रदेश के मध्य भाग में स्थित है। जिला अक्षांश 22 47 ‘और 23 33’ उत्तर और देशांतर 7721 ‘और 78 49’ पूर्व के बीच स्थित है। यह नरसिंहपुर जिले के दक्षिण-पूर्व मेंसागर जिले से आसानी और दक्षिण-पूर्व मेंविदिशा जिले के उत्तर मेंसीहोर जिले के पश्चिम में घिरा हैऔर होशंगाबाद और सीहोर जिले के दक्षिण में है। जिले का कुल क्षेत्रफल 8395 वर्ग किमी है जो की राज्य के क्षेत्रफल का 1.93% शामिल हैं।.
  • नाम की उत्पत्ति :एक मजबूत किले के साथ रायसेन हिन्दू काल एवं नींव की अवधि से प्रशासन का एक महत्वपूर्ण केंद्र था। पंद्रहवीं सदी में इस किले पर मांडू के सुल्तानों का शासन था। 1543 में शेरशाह सूरी ने पूरणमल से कब्जा कर लिया। अकबर के समय में रायसेन मालवा में सरकार का एक मुख्यालय था।
  • इतिहास : मुगल काल के दौरान खामखेड़ा क्षेत्र मुख्यालय गैरतगंज तहसील में पड़ता था। शाहपुरपरगना का मुख्यालय थाबाद में उसे सगोनि पर स्थानांनतरित कर दिया गया जो की बेगमगंज तहसील में आता है ।
  • भोपाल के भारत के संघ के सी’ राज्य बनने के बाद रायसेन जिला मुख्यालय के साथ5 मई 1950 को अस्तित्व में आया । जिले में केवल सात तहसीलों बनाए रखने का फैसला किया गया था।


मध्य प्रदेश के महलों की सूची
List of Palace in MP

मध्य प्रदेश के महलों की सूची List of Palace in MP

 



महल   स्थिति
मदन महल जबलपुर
खरबुजा महल    धार
महाराजा नरसिंह महल   श्योपुर
हुसैनपुरा महल मुरैना
कर्ण महल ग्वालियर
विक्रम महल ग्वालियर
बादल महल रायसेन, ग्वालियर
राजा रोहित का महल रायसेन
इत्रदार महल रायसेन
मोती महल ग्वालियर,मंडला
राज अमन का महल अयजगढ़ पन्ना
नया महला गोहद भिंड
शाहजहां महल ग्वालियर
राजमहल अशोकनगर
हिंदूपत्त महल पन्ना
धुबेला महल छतरपुर
हृदयशाह का महल छतरपुर
जहांगीर महल निवाड़ी
प्रवीण राय महल निवाड़ी
पालकी महल निवाड़ी
शीशमहल टीकमगढ़
तालकोठी महल टीकमगढ़
रायमन दाउ कोटी महल निवाड़ी
जुझार सिंह महल निवाड़ी
सुपारी साव का महल निवाड़ी
क्राउन महल रतलाम
ताराबाई महल शाजापुर
शीश महल नीमच
सैलाना महल रतलाम
राजवाडा महल इंदौर
छप्पन महल धार
अंधा महल धार
रोशन बाग महल धार
अदर गुम्मद महल धार
बोडिया महल धार
डाकन्या महल धार
समुरावाला महल धार
राव रतन का महल बुरहानपुर
मोती महल बुरहानपुर
चमन महल भोपाल
कमलापति महल भोपाल
शौकत महल भोपाल
गौहर महल भोपाल
जयविलास ग्वालयिर
गुजरी महल ग्वालयिर
बघेलिन महल मंडला
हवा महल शिवपुरी
नौखण्डा महल चंदेरी
सतखण्डा महल दतिया
अशरफी महल माण्डू
दाई का महल माण्डू
रानी रूपमती का महल माण्डू
जहाज महल माण्डू
हिण्डोला महलमाण्डू

नरवर का किला जिसमें शिवपुरी महल


मध्य प्रदेश की प्रमुख समाधि स्थल एवं मकबरे



तानसेन का मकबरा
  • ग्वालियर में संगीत सम्राट तानसेन का मकबरा बना है। यह मुगलकालीन कला का सुंदर नमुना है।
मुहम्मद गौस का मकबरा
  • सुफी संत और तानसेन के प्रथम मार्गदर्शक मुहम्मद गौस का मकबरा तानसेन के मकबरे के निकट अवस्थित है। यह ग्वालियर दुर्ग के बाहर है।
महारानी सांख्य राजे की समाधि
  • यह समाधि शिवपुरी में संख्या सागर के निकट स्व. माधराव सिंधिया प्रथम ने अपनी माता सांख्य राजे सिंधिया की स्मृति में सुदंर बाग के मध्य बनवायी थी।

झलकारी बाई की समाधि

  • मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभागीय मुख्यालय में तानसेन का मकबरा गौस मोहम्मद का मकबरा महारानी लक्ष्मी बाई की समाधि झलकारी बाई की समाधि स्थित है । 

भारत भवन

मध्य प्रदेश के साहित्य कला एवं संस्कृति सांस्कृतिक को समर्पित भवन है जहां रंगमंडल रंगमंच विविध, सांस्कृतिक परिपेक्ष का संग्रहालय वागर्थ , शास्त्रीय आदिवासी संगीत संग्रहालय अनहद , दो रंगशाला अंतरंग एवं बहिरंग, मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक कला वैभव को बताने वाले स्थित है ?

मध्यप्रदेश पर्यटन अन्य तथ्य 

  • केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण सेंट्रल जू अथॉरिटी के द्वारा मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के खरबाई में लगभग डेढ़ सौ एकड़ क्षेत्र में एक स्वतंत्र चिड़ियाघर की स्थापना की अनुमति दी गई है जहां प्रदेश और देश के विभिन्न प्रजातियों के वन्य प्राणी जलीय जीव तथा पक्ष इत्यादि रखे जाएंगे। 
  • माधप्रदेश में रामायण कला रामायण कला संग्रहालय ओरछा में स्थित है
  • शक्कर नदी  नर्मदा की सहायक नदी है इसका उद्गम छिंदवाड़ा ज़िला की अमरवाड़ा तहसील के 18 किलोमीटर उत्तर में हैँ
  • मध्य प्रदेश का एकमात्र पर्वतीय मध्य प्रदेश  पचमढ़ी सतपुड़ा की पहाड़ियों में स्थित है इनमें महादेव पर्वत पर सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ है।  
  • बिजावर नरोतिया भरोतिया नाहर रेभेना बैगा जनजाति की उपजातियां हैं। 
  • डांग वाला पुरातात्विक दृष्टि से ताम्र पाषाण संस्कृति का यह एक महत्वपूर्ण स्थान है जहां पाषाण युगीन संस्कृति के अवशेष तथा शिलालेख प्राप्त होते हैं


madhya pradesh ke lokgeet

मध्यप्रदेश के लोक गीत



क्षेत्र 
लोक गायन
बुँदेलखण्ड के लोक गायन
आल्हा गायन
भोला गीत/बंबुलिया
बैरायट गायन
देवारी गायन
जगदेव का पुवारा
फाग गायन
बघेलखण्ड के लोक गायन
बसदेवा गायन
विरहा गायन
बांस गीत
सीदेव गीत
पण्डवानी गीत
घोटुल पाटा
मालवा  के लोक गायन
भरथरी
संजा गीत
बरसाती बारता
निर्गुणी गायन
रेलो गीत
निमाड़ के लोक गायन
कलगी-तुर्रा
संत सिंगाजी
मसाण्या/कयाखो
गरबा-गरबी


मध्य प्रदेश के अन्य लोकगीत 



लोकगीत 

लोकगीत  विशेषता 

लावणी मालवा एवं निमाड़ अंचल का निर्गुणी दार्शनिक गीत
सिंगाजी एवं दलूजी  निमाड अंचल का वीर गीत
माच लोकगीत  मालवा का लोक नाट्य संगीत
दुल दुल घोड़ी सहरिया जनजाति को लोक गीत क्षेत्र ग्वालियर गुना शिवपुरी
लहंगी  लोकगीत सहरिया जनजाति रक्षाबंधन के अवसर पर
भगोरिया भील जनजाति द्वारा होली के अवसर पर
परधोनी बैगा जनजाति द्वारा बारात की अगवानी के समय
सैला गोंड, बैगा, परधान द्वारा शरद पूर्णिमा पर
थापटी कोरकू जनजाति द्वारा वैशाख महीने में

विदेशिया गायन

मध्य प्रदेश के संपूर्ण बघेलखंड में गाया जाने वारी गायन शैली जिसे गडरिया और तेली जाति के लोग अपनी विशेषज्ञता के साथ गाते हैं यह जंगल अथवा सुनसान क्षेत्र में रात्रि में गाया जाता है यह बिछोह तथा मिलन की अभिलाषा के गीत हैं इसमें नायक नायिका के मन की अभिव्यक्ति का चित्रण करता है । 


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2 comments:

  1. बहुत ही ज्ञानवर्धक आर्टिकल है, धन्यवाद।

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