वन्य जीव अभ्यारण |भारत के वन्य जीव अभ्यारण | Wildlife Sanctuary of India

 

वन्य जीव अभ्यारण

वन्य जीव अभ्यारण Wildlife Sanctuary

वन्य जीव अभ्यारण क्या होते हैं

ऐसे विशेष क्षेत्र जो पशु-पक्षियों को संरक्षण देने के लिए सीमांकित  किये जाते हैं जहां पर वन्य जीवों जैसे चीता, गैंडा, मगरमच्छ जैसे अन्य जीवों को संरक्षण दिया जाता है। अभ्यारण कहलाते हैं।

अभ्यारण में संशोधन अथवा परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। सीमा को परम्परगत माना जाता है।

  • अभ्यारण के क्षेत्र में अनुमति के साथ सीमित रूप में मानव हस्तक्षेप कर सकता है और लकड़ी इत्यादि काट सकता है तथा मछलियों आदि का लाइसेंस लेकर शिकार कर सकता है।
  • अभ्यारण में शोध कार्य की सुविधा नहीं होती है।
  • अभ्यारण में वैज्ञानिक प्रबंधन का अभाव होताा हैं
  • इन क्षेत्रों में सीमित पर्यटन की अनुमति होती है।
  • अभ्यारणों का मुख्य उद्देश्य पारिस्थितकी संबंधी शिक्षा, शोध कार्य एवं जागरूकता का समाज में संचारण करना।

भारत के प्रमुख वन्य जीव अभ्यारण Wildlife Sanctuary in India

अभ्यारण्य

राज्य

पलामू अभ्यारण्य

झारखंड

दाल्मा वन्य जीव अभ्यारण्य

झारखंड

हजारीबाग वन्य जीव अभ्यारण्य

झारखंड

कैमूर वन्य जीव अभ्यारण्य

बिहार

नल सरोवर अभ्यारण्य

गुजरात

चन्द्रप्रभा अभ्यारण्य

उत्तर प्रदेश

भद्रा अभ्यारण्य

कर्नाटक

सोमेश्वर अभ्यारण्य

कर्नाटक

तुंगभद्रा अभ्यारण्य

कर्नाटक

पाखाल वन्य जीव अभ्यारण्य

आंध्र प्रदेश

केवला वन्य जीव अभ्यारण्य

आंध्र प्रदेश

घाना पक्षी विहार

राजस्थान

रणथम्भौर अभ्यारण्य

राजस्थान

कुंभलगढ़ अभ्यारण्य

राजस्थान

तंसा अभ्यारण्य

महाराष्ट्र

अबोहर अभ्यारण्य

पंजाब

चिक्ला अभ्यारण्य

ओडिशा

सिम्लिपाल अभ्यारण्य

ओडिशा

वेदांतगल अभ्यारण्य

तमिलनाडु

इंदिरा गांधी अभ्यारण्य

तमिलनाडु

मुदुमलाई अभ्यारण्य

तमिलनाडु

डाम्फा अभ्यारण्य

मिजोरम

पेरियार अभ्यारण्य

केरल

पराम्बिकुलम अभ्यारण्य

केरल

पंचमढ़ी अभ्यारण्य

मध्य प्रदेश

पखुई वन्य जीवन अभ्यारण्य

अरुणाचल प्रदेश

सुल्तानपुर झील अभ्यारण्य

हरियाणा

नोंगखाइलेम अभ्यारण्य

मेघालय

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