मध्य प्रदेश के संग्रहालय | Museums of Madhya Pradesh | List of Museums in MP

mp ke muesums ki list
 {Museums of Madhya Pradesh}

मध्य प्रदेश के राज्य स्तरीय संग्रहालय State Level Museum of MP

 
  1.    केन्द्रीय संग्रहालय इंदौर
  2.    राज्य संग्रहालय, भोपाल
  3.    रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर
  4.    तुलसी संग्रहालय रामवन सतना
  5.    महाराजा छत्रसाल संग्रहालय छत्तरपुर
  6.    गूजरी महल संग्रहालय, ग्वालियर
  7.    त्रिवेणी संग्रहालय उज्जैन

 जिला स्तरीय संग्रहालय District Level Museum MP

  1.     जिला पुरातत्व संग्रहालय, विदिशा
  2.     जिला पुरातत्व संग्रहालय, होशंगाबाद
  3.     जिला पुरातत्व संग्रहालय, राजगढ़
  4.     जिला पुरातत्व संग्रहालय, देवास
  5.     जिला पुरातत्व संग्रहालय, रीवा
  6.     यशोधर्मन संग्रहालय, मंदसौर
  7.     जिला पुरातत्व संग्रहालय, पन्ना
  8.     जिला पुरातत्व संग्रहालय, धार
  9.     जिला पुरातत्व संग्रहालय, मण्डला
  10.     जिला पुरातत्व संग्रहालय, शहडोल
  11.     जहाँगीरमहल संग्रहालय, ओरछा, टीकमगढ़
  12.     जिला पुरातत्व संग्रहालय, कसरावद, खरगोन

 स्थानीय संग्रहालय Local museum in MP

  1.     देवी अहिल्या संग्रहालय, महेश्वर,
  2.     खरगोनस्थानीय संग्रहालय आशापुरी रायसेन
  3.     स्थानीय संग्रहालय भानपुरा, मंदसौर
  4.     स्थानीय संग्रहालय गंधर्वपुरी देवास
  5.     स्थानीय संग्रहालय पिछोर ग्वालियर

 स्थल संग्रहालय Land museum in MP

  1.     गोलघर, भोपाल
  2.     राजवाड़ा इंदौर
  3.     सलकनपुर संग्रहालय सीहोर
  4.     गौरी सोमनाथ मंदिर संग्रहालय, ओंकारेश्वर खण्डवा
  5.     मोहिंद्रा संग्रहालय, पन्ना
  6.     लालबाग पैलेस, इंदौर

जन जातीय  संग्रहालय Tribal Museums in MP

  1.     बादल भोई राज्य जन जातीय संग्रहालय छिन्दवाडा
  2.     जन जातीय संग्रहालय भोपाल
  3.     दुष्यंत कुमार  संग्रहालय भोपाल

केन्द्रीय संग्रहालय इंदौर

  • केन्द्रीय संग्रहालय इंदौर की स्थापना 1923 में होलकर शासन के शिक्षा विभाग के अंतर्गत एक संस्था के रूप में हुई, जिसका नाम नररत्न मंदिररखा गया।

राज्य संग्रहालय, भोपाल

  • राज्य संग्रहालय, भोपाल का एक नये स्वरूप में तथा नये भवन में 2 नवम्बर, 2005 को म.प्र. के माननीय मुख्यमंत्री के कर कमलों द्वारा उदघाटन हुआ। श्यामला हिल्स पर निर्मित यह नवीन संग्रहालय भवन वास्तुकला का सुन्दर उदाहरण है।
  • इस संग्रहालय की स्थापना 1909 में नवाब सुल्तानजहाँ बेगम(1901&1926 ई.) द्वारा एडवर्ड संग्रहालय के नाम से की गयी थी, यह संग्रहालय अजायबघर के नाम से वर्तमान केन्द्रीय ग्रंथालय भवन में संचालित रहा।

 रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर

  • कलचुरि काल में त्रिपुरी डाहल मण्डल की राजधानी था जहां से लगभग 500 वर्ष कलचुरि शासको ने विशाल भूभाग पर शासन किया। इसके बाद गोंड वंश में संग्रामशाह, दलपतिशाह व रानी दुर्गावती जैसे साहसी व प्रतापी शासक हुए है। कलचुरि काल में जबलपुर को जाउली पत्तल या जाबालिपत्तन कहा जाता था। इस समय बड़े पैमाने पर मंदिरों मठों व मूर्तियों का निर्माण हुआ जिसमें कई कलाकेन्द्र यथा बिलहरी] कारीतलाई] तिगवां] तेवर एवं भेडाघाट आदि स्थापित हुए।

 तुलसी संग्रहालय रामवन सतना

  • विन्ध्य क्षेत्र का महत्वपूर्ण संग्रहालय जिला मुख्यालय सतना से रीवा रोड पर 16 कि.मी. की दूरी पर स्थित मुख्य सज्जनपुर के समीप दक्षिणी ओर लगभग 300 मीटर की दूरी पर स्थित है। इस संग्रहालय की स्थापना सतना के सेठ बाबू शारदा प्रसाद जी ने विन्ध्य अंचल की पुरासम्पदा को एकत्र कर अपने पिता की स्मृति में इस संग्रहालय को स्थापित किया। संग्रहालय के लिये पुरासामग्री संकलन का कार्य वर्ष 1936 में रामवन आश्रम की स्थापना की। 1939 में मानस संघ ट्रस्ट बना, जिसके अधीन सितम्बर 1959 में तुलसी संग्रहालय स्थापित हुआ। संग्रहालय के लिये पुरासामग्री संकलन कार्य सन 1925 से 1957 तक चलता रहा, जिसमें प्रस्तर प्रतिमाऐं, हस्तलिखित ग्रन्थों, कलाकृतियों एवं अन्य पुरावशेष शामिल है। संग्रहालय की स्थापना के साथ ही तुलसी पुस्तकालय की स्थापना भी इसी संग्रहालय भवन में की गई। वर्ष 1978 में यह संग्रहालय म.प्र. पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग को दान में प्राप्त हुआ।

 महाराजा छत्रसाल संग्रहालय छत्तरपुर

  • छत्रसाल संग्रहालय धुबेला महल में स्थित है, जो छतरपुर से 17 किमी. दूरी पर छतरपुर नौगांव मार्ग पर मऊ नामक गांव से 1-6 किमी. की दूरी पर अवस्थित है। यह महल उत्तर मध्य कालीन क्षेत्रीय स्थापत्य का उत्तम नमूना है, निर्माणकाल 18वीं शती ई. निर्धारित की जा सकती है। इस भवन का निर्माण महाराज छत्रसाल बुन्देला ने करवाया था और यह उनका सभा भवन था। इसी भवन में मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित महाराज छत्रसाल संग्रहालय है, इसका उद्धाटन 12 सितम्बर 1955 में भारत के प्रथम प्रधान मंत्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू के कर कमलों से हुआ था। इस संग्रहालय में बुन्देलखण्ड एवं बघेलखण्ड की पुरासामग्री सुरक्षित है, जो वीथिकाओं एवं खुले में प्रदर्शित है।

 गूजरी महल संग्रहालय, ग्वालियर

  • गूजरी महल संग्रहालय राज्य शासन के पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग के प्रमुख संग्रहालयों में से एक है। सन् 1913 में ग्वालियर राज्य के तत्कालीन महाराजा माधव राव सिंधिया ने पुरातत्व विभाग का गठन कर स्व. श्री एम.बी. गर्दे को इसका निदेशक नियुक्त किया तथा ग्वालियर में एक संग्रहालय स्थापित करने का निर्णय सन् 1914 में लिया गया। सन् 1914-1920 ई. के मध्य रियासत के विभिन्न स्थलों से पुरासामग्री का संकलन किया गया और संग्रहालय की स्थापना के लिये गूजरी महल का चयन किया गया। सन् 1922 ई. में संग्रहालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। स्थापना से आज तक संग्रहालय ने विकास के कई सोपान पार किये हैं। नवीन दीर्घाओं का निर्माण किया गया है।
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