मध्यप्रदेश प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं दिनांक वर्ष Madhya Pradesh major historical events date year

Madhya Pradesh major historical events date year

  • 1730 में मालवा में होल्कर वंश  की स्थापना हुई थी इस वंश का संस्थापक मल्हार राव होलकर था जिसने 1732 ईसवी में इंदौर को राजधानी बनाया था।
  • इल्तुतमिश ने 1234 ईसवी में मांडू ,ग्वालियर, मालवा पर आक्रमण किया एवं उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर को लूटा था।
  • सिंधिया वंश के राजा जीवाजीराव ने वर्ष 1948 में राज्य का भारत संघ में विलय किया था।
  • 14 वीं शताब्दी में बुंदेला वंश का उदय हुआ था । इस वंश के रूद्र प्रताप बुंदेला ने 1531 में ओरछा को अपनी राजधानी बनाया था
  • 1569 इसी में बघेल वंश ने मुगलों की अधीनता स्वीकार कर ली थी।
  • 3 जून 1857 को को नीमच छावनी में विद्रोह भड़क गया था।
  • 1 जुलाई 1857 को शहादत खान के नेतृत्व में होलकर नरेश की सेना ने छावनी रेसीडेंसी पर हमला किया था।
  • 20 जून 18 57 57 को शिवपुरी में क्रांति हुई।
  • रानी लक्ष्मीबाई एवं तात्या टोपे की सेनाओं ने 22 मई 1858 को कालपी में ह्यूरोज की अंग्रेज सेना पर आक्रमण किया।
  • रानी लक्ष्मीबाई 28 जून 1818 को शहीद  हो गई थी।
  • 1907 में जबलपुर में क्रांति दल का गठन हुआ था।
  • वर्ष 1931 में रतलाम में स्त्री सेवा दल की स्थापना की गई थी
  • वर्ष 1928 में भोपाल राज्य प्रजामंडल की स्थापना हुई थी।
  • वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन की मध्यप्रदेश में शुरुआत ग्वालियर रियासत के विदिशा में हुई।
  • 2 अक्टूबर 1942 को सत्याग्राहियों ने मंडलेश्वर जेल की विशालकाय द्वार को तोड़ डाला था।
  • नरसिंहपुर के निकट भूतरा नामक स्थान से प्राप्त पाषाण कालीन औजार मध्य प्रदेश के सबसे प्राचीन औजार हैं।
  • अकबर के समकालीन गोंड राजवंश की शासिका रानी दुर्गावती थी
  • मौर्य कालीन सभ्यता के अवशेष मध्य प्रदेश के दतिया जिले के अशोक के गुर्जर अभिलेख के रूप में मिलते हैं।
  • आधुनिक अमरकंटक का क्षेत्र प्राचीन काल में मेकल के नाम से जाना जाता था। मेकल वंश का सर्वप्रथम राजा जयमल था।
  • खजुराहो में कुल 85 मंदिर हैं जिनमें केवल 22 मंदिर ठीक अवस्था में है। इसमें कंदरिया महादेव का मंदिर सबसे बड़ा है।
  • 1531 में रूद्र प्रताप बुंदेला ने ओरछा को प्रताप बुंदेला ने ओरछा को को राजधानी बनाया।
  • मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड पर चंदेल वंश के शासकों का शासन था उनके समय इस क्षेत्र को जेजाकभुक्ति कहा जाता था इसकी स्थापना 831  में नन्नुक नामक व्यक्ति द्वारा की गई थी।
  • 1842 में मध्यप्रदेश की धरती पर अंग्रेजों के विरुद्ध दूसरी ज्वाला भड़की जिसे बुंदेला विद्रोह के रूप में जाना जाता है।
  • 18 अप्रैल 1859 को क्रांतिवीर तात्या टोपे को मध्यप्रदेश के शिवपुरी में फांसी की सजा दी गई।
  • 1891 में कांग्रेस का सातवा अधिवेशन मध्य प्रदेश के नागपुर में संपन्न हुआ था।
  • मध्यप्रदेश में 1923 को राष्ट्रीय ध्वज की संप्रभुता अस्मिता को लेकर जबलपुर में झंडा सत्याग्रह हुआ।
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