भुगोल क्या है, भुगोल की परिभाषाएं, भुगोल की शाखाएं, भुगोल महत्वपूर्ण तथ्य What is Geography | Important Fact of Geography in hindi


| Important Fact of Geography in hindi

अंग्रेजी शब्द ज्योग्राफी दो लैटिन शब्दों Geo (पृथ्वी) और Graphy (लेखन चित्रण) से मिलकर बना है अतः भूगोल को पृथ्वी के अध्ययन से संबंधित विषय के रूप में परिभाषित किया जाता है।भूगोल का कार्य क्षेत्र अत्यंत जटिल एवं विस्तृत है। 
प्राचीन समय में इस विषय के अध्ययन के लिए दो उपागम महत्वपूर्ण रहे हैं।  प्रादेशिक उपागम तथा क्रमबद्ध उपागम।

प्रादेशिक उपागम
प्रादेशिक उपागम अद्वितीय की विचारधारा पर आधारित है और इसके अनुसार किन्ही भी दो स्थानों के बीच कोई समानता नहीं होती हैं।
इस उपागम के अनुसार भूगोल की अध्ययन पद्धति वर्णनात्मक होनी चाहिए. प्रादेशिक उपागम दो प्रदेश में अथवा स्थानों के मध्य अंतर स्पष्ट करने से संबंधित है तथा इसके अनुसार प्रत्येक प्रदेश अपने आप में अनूठा होता है ।क्योंकि धरातल पर प्रत्येक क्षेत्र अपने आप में अनूठा होता है ।इसलिए यह उपागम निष्कर्ष निकालने का सिदाँत निर्माण  की आज्ञा नहीं देता है। अतः प्रादेशिक भूगोल के अध्ययन शैली वर्णनात्मक है।

क्रमबद्ध उपागम
क्रमबद्ध उपागम सार्वभौमिकता की विचारधारा पर आधारित है। इसके अनुसार यद्यपि सभी प्रदेश एक दूसरे से भिन्न है । परंतु विश्व के विभिन्न भागों के बीच कुछ समानताएं पाई जाती हैं   क्रमबद्ध उपागम का समर्थन करने वाले इस बात पर बल देते हैं कि भूगोलवेत्ताओं  का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के बीच समानता निर्धारित करना है और इनके आधार पर सिद्धांतों का निर्माण होना चाहिए जिससे कि भौगोलिक प्रारूप की व्याख्या की जा सके । इस उपागम के अनुसार भूगोल एक विवेचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक वैसे है।
  
किसी तत्व तथ्य एवं स्थान के विभिन्न स्थानिक आयामों का अध्ययन भूगोल की विशेषता है इसलिए भूगोल को एक स्थानिक विषय कहा जाता है।

भूगोल की कुछ परिभाषाएं Geography Definition in hindi


स्ट्रेबो के अनुसार
भूगोल एक ऐसा स्वतंत्र विषय है, जिसका उद्देश्य लोगों को विश्व आकाशीय पिंडो, स्थल, महासागरों, जीव जंतुओ,  वनस्पति, फलों ,तथा भू धरातल के क्षेत्रों में देखी जाने वाली प्रत्येक अन्य वस्तु का ज्ञान प्राप्त कर आना है।

केलेडिस, टॉलमी के अनुसार
भूगोल पृथ्वी की झलक को स्वर्ग में दिखाने वाला आभा में विज्ञान है।

कार्ल रिटर
भूगोल वह विज्ञान है जिसमें पृथ्वी को स्वतंत्र ग्रह के रूप में मान्यता देते हुए उसके समस्त लक्षणों घटनाओं एवं उसके अंतःसंबंध  का अध्ययन किया जाता है।

आर्थर होम्स
भूगोल में पृथ्वी के उस भाग का अध्यन किया जाता है जो मानव के रहने का स्थान है।

कांट- भूगोल भूतल का क्षेत्र में विवेचनात्मक अध्ययन करने वाला विषय है।

हार्टसन- भूगोल क्षेत्रीय विभिन्न तत्वों का अध्ययन तथा उनका विश्लेषण करने वाला विज्ञान है।

भूगोल की शाखाएं Branches of Geography


यूनानी काल और रोमन काल में वैज्ञानिक ज्ञान में तेजी से वृद्धि हुई इससे ना केवल एक नए विषय का प्रादुर्भाव हुआ बल्कि उनका विविध शाखाओं में विभाजन भी किया गया।

भौतिक भूगोल

भौतिक भूगोल भौतिक पर्यावरण और उनकी विभिन्न गतिविधियों से संबंधित है जो कि पृथ्वी के भौतिक पर्यावरण में परिवर्तन  लाती है। इसकी विविध उपशाखा हैं जो भौतिक पर्यावरण के विशिष्ट घटकों के अध्ययन से संबंधित हैं। भू आकृति विज्ञान, जलवायु विज्ञान, समुद्र विज्ञान, जैव भूगोल।

मानव भूगोल

मानव भूगोल पृथ्वी पर मानवीय क्रियाओं के संबंधित है। इसके अंतर्गत मानव समूह तथा उनकी सांस्कृतिक विशेषताओं के अध्ययन को भी सम्मिलित किया जाता बसाव , मानवीय कार्यकलापों के विकास की प्रक्रिया और मानव की विश्व के विभिन्न भागों को अपने अनुकूल बनाने की प्रक्रिया भी मानव भूगोल के अध्ययन के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण विषय हैं ।भूगोल की इस प्रमुख शाखा की कई उप शाखाएं के हैं जिनमें से महत्वपूर्ण जनसंख्या भूगोल सांस्कृतिक भूगोल अधिवास भूगोल राजनीतिक भूगोल हैं।

आर्थिक भूगोल

भूगोल की यह शाखा मानव की आर्थिक क्रियाओं से संबंधित है । भूगोल की इस शाखा की कई अन्य शाखाएं हैं जैसे कृषि भूगोल औद्योगिक भूगोल परिवहन भूगोल संसाधन भूगोल विकास का भूगोल

 भुगोल स्मरणीय तथ्य  Important Fact of Geography in hindi

  • भूगोल के नामकरण एवं इस विषय को प्राथमिक स्तर पर व्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने का श्रेय यूनान के निवासियों को जाता है। हिकेटियस  ने  अपनी  पुस्तक  जस पिरियोडस अर्थात पृथ्वी का वर्णन में सर्वप्रथम भौगोलिक तत्वों का क्रमबद्ध समावेश किया था
  • इरेटोस्थनीज ने भूगोल के लिए सर्वप्रथम ज्योग्राफ्रिका शब्द का प्रयोग किया।
  • एनेक्सिममिंडर प्रथम व्यक्ति था जिसने विश्व का मानचित्र मापक पर बनाया था।
  • अध्ययन के लिए स्वतंत्र विषय के रूप में भूगोल को 19वीं शताब्दी में ही मान्यता मिली।
  • बीसवीं शताब्दी के आरंभ में भूगोल मनुष्य और पर्यावरण के पारस्परिक संबंधों के अध्ययन के रूप में विकसित हुआ इसकी दो विचारधाराएं थी संभववादऔर निश्चयवाद।
  1. संभववाद इसके अनुसार मनुष्य अपने पर्यावरण में परिवर्तन करने में समर्थ है तथा वह प्रकृति प्रदत अनेक संभावना को अपनी इच्छा के अनुसार उपयोग कर सकता है। इस विचारधारा के समर्थक भूगोलवेत्ता वाइडल डी ला ब्लॉस और फ्रेवे थे।
  2.  निश्चयवाद इसके अनुसार मनुष्य के सारे काम पर्यावरण द्वारा निर्धारित होते हैं अतः मनुष्य को स्वेच्छा पूर्वक कुछ करने की स्वतंत्रता कम होती है इस विचारधारा के प्रमुख समर्थक भूगोलवेत्ता रिटर रेट जेल और हाटिंगटन

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