Saltanata kaaleen Sthaapaty Kala |सल्तनतकालीन कला एवं स्थापत्य - सल्तनल काल की प्रमुख पुस्तकें Delhi sultanate ki pramukh pustak | Delhi sultanate ki pramukh makbare | Delh -sultanate ki emarte

सल्तनतकालीन कला एवं स्थापत्य -सल्तनल काल की प्रमुख पुस्तकें एवं इमारत Saltanata kaaleen Sthaapaty Kala - Sultnat Kal Ki Pustaken evam Emrate
सल्तनतकालीन कला एवं स्थापत्य - सल्तनल काल की प्रमुख पुस्तकें

सल्तनतकालीन कला एवं स्थापत्य -सल्तनल काल की प्रमुख पुस्तकें एवं इमारत

Saltanata kaaleen Sthaapaty Kala - Sultnat Kal Ki Pustaken evam Emrate

 

  • सल्तनत काल में इस्लामी और भारतीय स्थापत्य शैली के सम्मिश्रण के रूप में  इण्डो-इस्लामिक स्थापत्यशैली का विकास हुआ।
  • इण्डो-इस्लामिक स्थापत्य शैली के क्रमिक विकास की प्रक्रिया 1206 ई. में प्रारंभ हुई और इसका प्रथम चरण 1296 ई. तक चला। इस चरण की शैली को ममलूक शैलीकहा जाता है।
  • दूसरा चरण 1296 ई. से आरंम्भ होकर 1316 ई. तक चला। इसे खिलजी शैलीकहा जाता है।
  • तीसरा चरण 1316 ई. से 1398 ई. तक चला। 1398 ई. के बाद लोदी शैली की इमारतों का निर्माण हुआ। यह काल लोदी वंश के पतन तक जारी रहा।
  • सल्तनत काल  में इस्लामी और भारतीय स्थापत्य शैली के सम्मिश्रण के रूप में इण्डो-इस्लामी स्थापत्य शैली का विकास हुआ।
 

सल्तनत काल की इमारतें Sultunat Kaleen Imrate

 गुलाम वंश की प्रमुख इमारतें Gulam Vans Ki Imrate

इमारत - कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद
निर्माता- कुतुबुद्दीन ऐबक
स्थल- दिल्ली
विशेषता-  सल्तनत काल में सुल्तानों द्वारा बनवायी गयी मस्जिदों में सबसे पहली कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद थी। यह एक हिंदू मंदिर के चबूतरे पर तथा अनेक हिंदू मंदिरों की सामग्री से बनी थी। इस पर कुरान की आयतें खुदी गई हैं।

इमारत - अढ़ाई दिन का झोपडा
निर्माता - कुतुबुद्दीन ऐबक
स्थल -अजमेर
विशेषता- यह इमारत अपने मूल रूप में एक संस्कृत विद्यालय था जिसका निर्माण विग्रहराज ने करवाया था।

इमारत -कुतुबमीनार
निर्माता -कुतुबुद्दीन ऐबक
स्थल -दिल्ली
विशेषता- यह मीनार कुअज्जिन के लिए बनायी गयी थी, इस पर इल्तुतमिश चढ़कर मुसलमानों को नमाज के लिए एकत्र करने की अजां दिया करता था। इसमें कुल 375 सीढि़यां, 46 फीट व्यास के आधार और 10 फीट के व्यास का शिखर है।

इमारत -सुल्तानगढ़ी
निर्माता -इल्तुतमिश
स्थल - दिल्ली
विशेषता- इसे नासिरूद्दीन महमूद का मकबरा भी करते हैं। भारत में तुर्कों द्वारा निर्मित पहला मकबरा था। इसका निर्माण 1231 ई. में मलकापुर में बनाया गया था।

इमारत- इल्तुतमिश का मबकरा
निर्माता --इल्तुतमिश
स्थल -दिल्ली
विशेषता- इस मकबरे पर कुरान की आयतें सुंदर ढ़़ग से उल्कीर्ण की गई हैं। इसमें सर्वप्रथम हिंदू शैली का प्रभाव कम करने का प्रयास किया गया है।

इमारत- माइनुद्दीन चिश्ती का दरगाह
निर्माता -इल्तुतमिश
स्थल -दिल्ली
विशेषता- अलाउद्दीन खिजली ने इस मकबरे का विस्तार किया। इसका नाम लालमहल भी है। इस मकबरे बे द्वार की मेहराब भारत में निर्मित तुर्की मेहराबों में सर्वोत्तम है।

खिलजी काल की इमारतें Khilji Kal Ki Imarate

इमारत- अलाई दरवाजा
निर्माता-  -अलाउद्दीन खिलजी
स्थल - दिल्ली
विशेषता- अलाई दरवाजा उलाउद्दीन खिलजी द्वारा निर्मित सर्वश्रेष्ठ इमारत है। यह कुतुब मीनार के चारों ओर के दरवाजों में से एक है। यह दरवाजा ऊँचे चबूतरे पर निर्मित एक चौकोर इमारत है।

इमारत - जमातखाना मस्जिद
निर्माता -अलाउद्दीन खिलजी
स्थल -दिल्ली
विशेषता- सल्तनत काल में पूर्णतः इस्लामिक शैली में निर्मित यह पहली मस्जिद है। इस मरिस्जद का निर्माण अलाउद्दीन खिलजी के समय खिज्र खां ने करवाया था।

इमारत- हजार खंभा महल
निर्माता - अलाउद्दीन खिलजी
स्थल -दिल्ली
विशेषता- इसे हजार स्तभों वाला महल भी कहते हैं।

तुगलक काल की इमारतें Tuglaq Kal ki Imarat

इमारत-गियासुद्दीन तुगलक का मकबरा
निर्माता - गियासुद्दीन तुगलक
स्थल- दिल्ली
विशेषता- पूरी इमारत लाल पत्थरों से बनी है तथा गुम्बद सफेद संगमरमर का है। ऊपरी भाग मे आमलक एवं कमल का प्रयोग किया गया है।

इमारत-तुगलकाबाद
निर्माता - गियासुद्दीन तुगलक
स्थल -दिल्ली  इस नगर में छप्पन कोटनामक एक दुर्ग भी है। इसमें प्रवेश के लिए 52 द्वारों का निमार्ण किया गया था।

इमारत- विजय मण्डल
निर्माता-  मु. बिन तुगलक
स्थल--दिल्ली
विशेषता-इस इमारत के ऊपरी में अष्टभुजाकार छत है। यह जहांपनाह में बना हुआ है।

इमारत- जहांपनाह नगर
निर्माता - मु. बिन तुगलक
स्थल - दिल्ली
विशेषता- रायपिथौरा एवं सीरी के बीच बना हुआ है।

इमारत- आदिलशाह का किला
निर्माता - मु. बिन तुगलक
स्थल - दिल्ली
विशेषता- वर्तमान में  खण्डहर हो चुका है।

इमारत- निजामुद्दीन औलिया का मकबरा
निर्माता - मु. बिन तुगलक
निर्माता -दिल्ली
विशेषता-  इसमें सफेद और काले संगमरमर का एक साथ प्रयोग किया गया है। मकबरे के चारों कोनों पर गुम्बद है। यह हुमांयू के मकबरे के समीप स्थित है। तुगलक शैली की धर्मनिरपेक्ष इमारतों में बारहखंभा इमारत का विशिष्ट स्थान है।

इमारत- फिरोजशाह  कोटला
निर्माता - फिरोज तुगलक
स्थल - दिल्ली
विशेषता-  इस दुर्ग में एक बडी जामा मस्जिद तथा कुछ अन्य इमारतें-दरगाह-ए-शाह आलम, काली मस्जिद, बेगमपुरी मस्जिद, खिड़की मस्जिद आदि थीं।

इमारत - फिरोजशाह तुगलक का मकबरा
निर्माता -फिरोज तुगलक
स्थल  -दिल्ली
विशेषता- यह मकबरा वर्गाकार है तथा इसका मुख्य द्वार दक्षिण की ओर है।

इमारत- खान-ए-जहां तेलंगानी
निर्माता - जूना शाह
स्थल - दिल्ली
विशेषता- इसे लाल गुम्बद के नाम से भी जाना जाता है। यह मकबरा अष्टभुजाकार है।

सैय्यद काल की इमारतें Siyad Kal ki Imarat

इमारत- मुबारकशाह सैय्यद का मकबरा
निर्माता - सिकंदर लोदी
स्थल - दिल्ली
विशेषता- यह मकबरा एक लंबे आंगन के बीच में स्थित है तथा इसका निर्माण लाल पत्थरों से हुआ है।

लोदी काल की इमारतें Lodi Kal ki Imarat

इमारत- बहलोल लोदी का मकबरा
निर्माता- सिकंदर लोदी
स्थल - दिल्ली
विशेषता-  इस मकबरे में तीन मेहराब तथा पांच गुम्बद् हैं तथा यह लाल पत्थरों से बना है।

इमारत- सिकंदर लोदी का मकबरा
निर्माता  - इब्राहिम लोदी
स्थल  - दिल्ली
विशेषता- यह मकबरा एक वृहदाकार प्रंागण में है और चहारदीवारी से घिरा है।

इमारत- बड़े खां तथा छोटे खां का मकबरा
निर्माता  - सिकंदर लोदी
स्थल - दिल्ली

इमारत - मोठ की मस्जिद
निर्माता -  सिकंदर लोदी
स्थल - दिल्ली
विशेषता- यह लोदियों की स्थापत्य कला का सुंदर नमूना है।


सल्तनल काल की प्रमुख पुस्तकें Saltanata kaaleen pramukh pustkaen

 

सल्तनल काल की प्रमुख पुस्तकें
 लेखक
तारीख ए फिरोजशाही
जियाउद्दीन बरनी
प्रतापरूद्र कल्याण
विघानाथ
फतवा एजहांदारी जियाउद्दीन
जिआ उउद्दीन बरनी
पृथ्वीराज्य रासो
चंदबरदाई
तबाकत ए नासिर  
मिनहाज उस सिराज
फूतूह उस सलातीन
ख्वाजा अबू वक्र इसामी


ललित माधव
रूप गोस्वामी
किताब उल रहला
इब्नबतूता
हम्मीर काव्य
नयनचंद्र
फुतूहात ए फिरोजशाही
फिरोजशाह तुगलक
नारायण विलास
राजा विरूपाक्ष
तारीख ए फिरोजशाही
शम्से सिराज अफीफ
जाम्बवती कल्याणम
कृष्णदेव राय
सीरत ए फिरोजशाही
अज्ञात लेखक
राजतरंगिणी
कल्हण
तहकीक    ए हिंद    
अलबरूनी


द्वितीय राजतरंगिणी
जोनाराज
तारीख ए मुबारकशाही
याहिया बिन अहमद सरहिंदी
तृतीय राजतरंगिणी
श्रीवास
तारीख ए सलातीन ए अफगान
अहमद याद्गार
हम्मीर रासो
सारंगधर
ताज उल मासिर
हसन निजामी
हम्मीर काव्य
सारंगधर
कमीलुत तवारीख
शेख अब्दुल हसन उर्फ
राजविनोद
उदयराज
नरकासुर विजय
मधान
खजाय नुल फुतूह
अमीर खुसरो
दुर्गाभक्ति तरंगिनी
विद्यापति
तारीखे अलाई
अमीर खुसरो
शंकर विजय
विद्यारण्य
तुगलकनामा
अमीर खुसरो
विजयपाल रासो
नाथसिंह
किताब उल यामीनी
बिन मुहम्मद अल जबरूल
ममालती
मंजान
कृष्ण चरित
अगस्त्य
मखजन ए फगानी
निजामतुल्ला
यशोभूषण
अगस्त्य
ब्रह्मसूत्र
रामानुजन
रूक्मणि कल्याण
विद्याचक्रवर्तिन
तारीखे मुहम्मदी
गुहम्मद बिहमद खान
कर्म मीमांसा
पार्थसारथी
तजाकिरात उल औलिया
फरीदुद्दीन अल अत्तार
शास्त्र दीपिका
पार्थसारथी
मुनशत ए महरू
मुल्तानी
बीसलदेव रासो
नरपतिनाथ
हवश ए कुफियाह
काजी शिहाबुद्दीन
चंदावत
मुल्ला दाउद
तारीखे दाउदी
अब्दुल्ला
मृगावत
कुतबन
तारीख ए सिंध
मीर मुहम्मद मसूम
आल्हाखण्ड
जगनक
आइन उल मुल्की
आइन उल मुल्क
भावचिंतारत्न
मल्लनार्थ
चचनामा
अली अहमद
सत्येन्द्रचोल कथे
मल्लनार्थ
तारीख ए यामिनी
उत्बी
वीरशैवामृत
मल्लनार्थ
जैन उल अखबार
अबू सईद
इरूसलय बिलक्कम
हरिदास
तारीख ए मसूदी
अबुल फजल
आमुक्त माल्यद
कृष्णदेव राय


मनुचरित
पेद्दन
जैन उल अखबार
अबू सईद


स्वारो चीस सम्भव
पेद्दन
हम्मीर मद मर्दन
जयसिंह सूरी


रामकृष्ण कथे
तेनालीराम
गीत गोविंद
जयदेव
पाण्डुरंग माहात्म्य
तेनालीराम
हरकेलि नाटक
जयदेव
ललित विग्रहराज
जयदेव
चमत्कार चन्द्रिका
विशेश्वर
प्रसन्न राघव
जयदेव
रसवर्णसुधाकर
विशेश्वर
प्रद्युम्नाभ्युदय
रविवर्मन
शिवतत्व चिंतामणि
लकन्ना
मिताक्षरा
 विज्ञानेश्वर
नूरोदुस्यल
जक्कनार्य
दायभाग
जीमूतवाहन
पारिजातापहरण
तिम्बन
पार्वती परिणय
बामनभट्ट
बासवपुराण
भीम
गंगादास प्रताप विलास
गंगाधर
प्रभुलिंग लीले

चामरस

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