गोवा मुक्ति दिवस 2023 : इतिहास उद्देश्य महत्व | Goa Mukti Divas Details in Hindi

 गोवा मुक्ति दिवस 2023 : इतिहास उद्देश्य महत्व

गोवा मुक्ति दिवस 2022 : इतिहास उद्देश्य महत्व | Goa Mukti Divas Details in Hindi


 गोवा मुक्ति दिवस 2022 : इतिहास उद्देश्य महत्व

  • गोवा में 450 वर्षों के पुर्तगाली शासन की समाप्ति को चिह्नित करने के लिये प्रतिवर्ष 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस मनाया जाता है।
  • पुर्तगालियों ने वर्ष 1510 में भारत के कई हिस्सों को अपना उपनिवेश बनाया था, किंतु 19वीं शताब्दी के अंत तक भारत में पुर्तगाली उपनिवेश केवल गोवा, दमन और दीव, दादरा एवं नगर हवेली और अंजेडिवा द्वीप तक ही सीमित रह गया। गोवा मुक्ति आंदोलन, जिसके तहत पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन को समाप्त करने की मांग की गई थी, काफी छोटे स्तर पर एक विद्रोह के साथ शुरू हुआ, किंतु वर्ष 1940-1960 के बीच यह अपने चरम पर पहुँच गया।
  • 15 अगस्त, 1947 को जब भारत आज़ाद हुआ, तब भी गोवा पुर्तगाली शासन के अधीन था। पुर्तगाली शासकों ने गोवा और अन्य भारतीय क्षेत्रों को छोड़ने से इनकार कर दिया था।
  • पुर्तगाली शासकों के साथ तमाम वार्ताओं और कूटनीतिक प्रयासों की विफलता के बाद अंततः भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने सैन्य हस्तक्षेप का विकल्प चुना।
  • 18 दिसंबर को भारतीय नौसेना, वायु सेना एवं थल सेना द्वारा गोवा में सैन्य अभियान ऑपरेशन विजय' का संचालन किया गया और 19 दिसंबर, 1961 को गोवा को पुर्तगालियों चंगुल से मुक्त करा लिया गया।

 

गोवा की भौगोलिक अवस्थिति:

गोवा, भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर कोंकण के रूप में जाने वाले क्षेत्र में स्थित है और भौगोलिक रूप से दक्कन उच्च भूमि से पश्चिमी घाट द्वारा अलग होता है।


राजधानी: 

पणजी।

आधिकारिक भाषा: 

इसकी अधिकारिक भाषा कोंकणी है जो आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से एक है। 

सीमाएँ: 

यह उत्तर में महाराष्ट्र, पूर्व और दक्षिण में कर्नाटक से घिरा हुआ है तथा अरब सागर इसके पश्चिमी तट का निर्माण करता है।


गोवा का इतिहास इतिहास:

  • भारत ने 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्रता प्राप्ति के साथ ही पुर्तगालियों से अपने क्षेत्र को वापस लौटाने का अनुरोध किया परंतु पुर्तगालियों ने ऐसा करने से मना कर दिया।
  • राजनयिक प्रयासों की विफलता के बाद भारतीय नौसेना, वायु सेना और थल सेना द्वारा गोवा में ऑपरेशन विजय' चलाकर 19 दिसंबर,1961 को इसे पुर्तगालियों से मुक्त करा लिया गया।
  • प्रत्येक वर्ष 19 दिसंबर को भारत में गोवा मुक्ति दिवस मनाया जाता है।
  • उल्लेखनीय है कि पुर्तगाली भारत आने वाले पहले यूरोपीय (वर्ष 1498 में) और इस भूमि को छोड़ने वाले अंतिम (वर्ष 1961) थे।
  • 30 मई, 1987 में इस क्षेत्र को विभाजित किया गया और गोवा को पूर्ण राज्य तथा दमन एवं दीव को केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा दिया गया।


गोवा की भौगोलिक विशेषताएँ:

  • गोवा का उच्चतम बिंदु सोंसोगोर (Sonsogor) है।
  • गोवा के उत्तर में तेरेखोल नदी बहती है जो गोवा को महाराष्ट्र से अलग करती है, राज्य की अन्य प्रमुख नदियों में मांडवी, जुआरी, चपोरा, रखोल, गलगिबाग, कुम्बरजुआ नहर, तलपोना और साल आदि शामिल हैं।
  • गोवा का अधिकांश मृदा आवरण लेटराइट से निर्मित है।


गोवा के वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान:

डॉ. सलीम अली पक्षी अभयारण्य

महादेई वन्यजीव अभयारण्य

नेत्रावली वन्यजीव अभयारण्य

कोटिगाओ वन्यजीव अभयारण्य

भगवान महावीर अभयारण्य

मोलेम नेशनल पार्क

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