April 2024 ke Pramukh Divas Ki Jankari | अप्रैल 2024 के प्रमुख दिवस की जानकारी

  April 2024 ke Pramukh Divas Ki  Jankari  (अप्रैल 2024 के प्रमुख दिवस की जानकारी )

April 2022 ke Pramukh Divas Ki  Jankari | अप्रैल 2022 के प्रमुख दिवस की जानकारी

April 2024 ke Pramukh Divas Ki  Jankari 


उत्कल दिवस 01 अप्रैल

  • 01 अप्रैल, 2022 को ओडिशा में उत्कल दिवस अथवा ओडिशा दिवस का आयोजन किया गया। ध्यातव्य है कि 01 अप्रैल, 1936 को ओडिशा अस्तित्व में आया था। वर्ष 1947 में स्वतंत्रता के पश्चात् ओडिशा तथा  आस-पास की रियासतों ने नवगठित भारत सरकार को अपनी सत्ता सौंप दी थी। राज्य को एक अलग ब्रिटिश भारत प्रांत के रूप में स्थापित किया गया था और उसी की याद में तथा राज्य के सभी नागरिकों के बीच एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिये इस दिवस का आयोजन किया जाता है। उल्लेखनीय है कि ओडिशाभारत का ऐसा तीसरा राज्य है जहाँ आदिवासियों की जनसंख्या अधिक है। प्राचीन भारत में उड़ीसा (ओडिशा) कलिंग साम्राज्य का हिस्सा था, 250 ईसा पूर्व में अशोक द्वारा इसे जीत लिया गयाजिसके पश्चात्  लगभग एक सदी तक यहाँ मौर्य वंश का शासन रहा।

 

भारतीय रिज़र्व बैंक 1 अप्रैल

  • 1 अप्रैल, 2022 को भारतीय रिज़र्व बैंक अपना स्थापना दिवस मना रहा है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार, 1 अप्रैल, 1935 को हुई थी। प्रारंभ में रिज़र्व बैंक का केंद्रीय कार्यालय कोलकाता में स्थापित किया गया थाजिसे वर्ष 1937 में स्थायी रूप से मुंबई में स्थानांतरित कर दिया गया। RBI का गवर्नर बैंक के केंद्रीय कार्यालय में बैठता है और वहीं नीतियाँ निर्धारित की जाती हैं। यद्यपि प्रारंभ में यह निजी स्वमित्व वाला थाकिंतु वर्ष 1949 में RBI के राष्ट्रीयकरण के बाद से इस पर भारत सरकार का पूर्ण स्वामित्व है। रिज़र्व बैंक का कामकाज केंद्रीय निदेशक बोर्ड द्वारा शासित है। भारत सरकार के भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम के अनुसारइस बोर्ड की नियुक्ति/नामन चार वर्ष के लिये होती है। रिज़र्व बैंक का प्राथमिक कार्य मौद्रिक नीति तैयार कर उसका कार्यान्वयन और निगरानी सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त यह मुद्रा जारीकर्त्ता के रूप में भी कार्य करता है।

 

विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस 2 अप्रैल

  • विश्व भर में प्रत्येक वर्ष 2 अप्रैल को विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस’ मनाया जाता है। इस दिवस के आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य ऑटिज़्म के बारे में जागरूकता फैलाना और आम लोगों को इस विकार से जुड़ी चुनौतियों को समझने में मदद करना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2 अप्रैल, 2007 को विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस की घोषणा की थी। ऑटिज़्म (Autism) या आत्मविमोह/स्वलीनताएक मानसिक रोग या मस्तिष्क के विकास के दौरान होने वाला एक गंभीर विकार है। नीले रंग को ऑटिज़्म का प्रतीक माना गया है। इस विकार के लक्षण जन्म के समय या बाल्यावस्था (पहले तीन वर्षों) में ही नज़र आने लगते है। यह विकार व्यक्ति की सामाजिक कुशलता और संप्रेषण क्षमता पर विपरीत प्रभाव डालता है। यह जीवनपर्यंत बना रहने वाला विकार है। इस विकार से पीड़ित बच्चों का विकास अन्य बच्चों से भिन्न होता है। इससे प्रभावित व्यक्ति सीमित और दोहरावयुक्त व्यवहार करता हैजैसे- एक ही काम को बार-बार करना। वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिकदेश में 19 वर्ष से कम आयु वर्ग के दिव्यांग बच्चों की कुल संख्या 78,62,921 हैजिनमें से 5,95,089 बच्चे बौद्धिक दिव्यांगता से पीड़ित हैं।

 

राष्ट्रीय समुद्री दिवस 5 अप्रैल

  • 5 अप्रैल, 1919 को मुंबई से लंदन की यात्रा करने वाले प्रथम भारतीय फ्लैग मर्चेंट पोत (एम/एस सिंधिया स्टीम नेविगेशन कंपनी के स्वामित्व वाली) एस. एस. लॉयल्टी’ (S.S LOYALTY) की पहली यात्रा की स्मृति में 5 अप्रैल, 2022 को 59वाँ राष्ट्रीय समुद्री दिवस मनाया जा रहा है। इसका आयोजन भारत के शिपिंग उद्योग को प्रोत्साहित करने हेतु किया जाता है। शिपिंग उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण योगदान देता है। वर्तमान में भारत का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार वॉल्यूम के संदर्भ में लगभग 90% और मूल्य के संदर्भ में 77% समुद्र के माध्यम से किया जाता है। पिछले दो वर्षों में देश के साथ-साथ समुद्री परिवहन उद्योग भी कोविड-19 महामाँरी के कारण आर्थिक और अन्य समस्याओं का सामना कर रहा थाजिसके मद्देनज़र वर्ष 2022 के राष्ट्रीय समुद्री दिवस की थीम सस्टेनेबल शिपिंग बियोंड कोविड-19” (Sustainable Shipping Beyond Covid-19) रखी गई है। शिपिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिये भारत सरकार द्वारा कुछ अन्य पहलों का भी क्रियान्वयन किया जा रहा है जिनमें सागरमाला पहलप्रोजेक्ट उन्नतिनीली अर्थव्यवस्था की नीति आदि पहलें शामिल हैं।

 

विकास और शांति हेतु अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस- 06 अप्रैल

  • विश्व भर में प्रतिवर्ष 06 अप्रैल को विकास एवं शांति हेतु अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस’ का आयोजन किया जाता है। यह दिवस दुनिया भर के लोगों और समुदायों के जीवन में खेल एवं शारीरिक गतिविधियों के सकारात्मक प्रभाव को पहचानने के अवसर के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने 6 अप्रैल को इस दिवस के रूप में चिह्नित करने का फैसला किया हैक्योंकि इसी दिन वर्ष 1896 में पहली बार आधुनिक ओलंपिक आयोजित किये गए थे। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2013 में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया था। गौरतलब है कि खेल एक महत्त्वपूर्ण कड़ी हैजो समाज एवं समूह के भीतर संबंधों को मज़बूत करती है। यह लोगों के बीच एकजुटता एवं आपसी सम्मान स्थापित करते हुए सतत् विकास एवं शांति को भी बढ़ावा देता है। खेल किसी भी व्यक्ति के जीवन का एक अभिन्न अंग होता है। व्यक्तियों में शक्ति एवं शारीरिक फिटनेस के विकास पर इसके सकारात्मक प्रभावों के अलावा इसे एक ऐसे उपकरण के रूप में भी देखा जाता हैजो मानवाधिकारों को मज़बूत करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है।

 

शौर्य दिवस 06 अप्रैल

  • प्रत्येक वर्ष 06 अप्रैल को देश में केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल (Central Reserve Police Force-CRPF) का शौर्य दिवस मनाया जाता है। उल्लेखनीय है कि 9 अप्रैल, 1965 को CRPF की एक छोटी टुकड़ी ने पाकिस्तानी ब्रिगेड के आक्रमण को विफल कर दिया थाइस दौरान कच्छ (गुजरात) के रण में CRPF ने पाकिस्तान के हमले को नाकाम करते हुए 34 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया थावहीं इस लड़ाई में CRPF के 6 जवान शहीद हुए थे। CRPF के जवानों की बहादुरी को याद करने के लिये ही 9 अप्रैल के दिन को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल (CRPF) भारत का प्रमुख केंद्रीय पुलिस बल है। CRPF की स्थापना क्राउन रिप्रेज़ेंटेटिव्स पुलिस (Crown Representatives Police) के रूप में 27 जुलाई, 1939 को की गई थी। 28 दिसंबर, 1949 को CRPF अधिनियम के माध्यम से केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल का निर्माण किया गया था। केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल के प्रमुख कार्य क्षेत्र हैं- भीड़ पर नियंत्रणदंगा नियंत्रणउग्रवाद का विरोधविद्रोह को रोकने के उपायवामपंथी उग्रवाद से निपटनायुद्ध की स्थिति में दुश्मन से लड़नासरकार की नीति के अनुसार संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भाग लेना आदि।

 

विश्व पार्किंसन दिवस 11 अप्रैल

  • विश्व भर में प्रत्येक वर्ष 11 अप्रैल को विश्व पार्किंसन दिवस मनाया जाता है। इस दिवस के आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य आम लोगों को पार्किंसन रोग के बारे में जागरूक करना है। पार्किंसन एक ऐसी बीमारी हैजिसमें तंत्रिका तंत्र लगातार कमज़ोर होता जाता है। इस बीमारी का कोई इलाज़ उपलब्ध नहीं है। पार्किंसन के कारण चलने-फिरने की गति धीमी पड़ जाती है और मासपेशियाँ सख्त हो जाती हैं तथा शरीर में कंपन की समस्या पैदा हो जाती है। सामान्यतः 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में पार्किंसन रोग के लक्षण दिखते हैं किंतु यह रोग किसी भी उम्र में हो सकता है। शरीर में कंपनजकड़नशिथिल गतिशीलताझुककर चलनायाद्दाश्त संबंधी समस्याएँ और व्यवहार में बदलाव आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं। यह मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाता हैजिससे डोपामाइन के स्तर में कमी आती है। डोपामाइन एक रसायन हैजो मस्तिष्क से शरीर में व्यवहार संबंधी संकेत भेजता है। यद्यपि दवा से रोग के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती हैकिंतु इस रोग को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। आँकड़ों की मानें तो दुनिया भर मेंलगभग 10 मिलियन लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।


विश्व  होम्यो पैथी दिवस 10  अप्रैल

  • होम्योपैथी के महत्त्व और चिकित्सा जगत में इसके योगदान को उजागर करने के लिये प्रत्येक वर्ष 10  अप्रैल को विश्वे होम्यो पैथी दिवस का आयोजन किया जाता है। यह दिवस होम्योपैथी के संस्थापक डॉ. क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हैनीमैन की जयंती को भी संदर्भित करता है। होम्योपैथी के संस्थापक और विभिन्न चिकित्सीय पद्धतियों के जन्मनदाता डॉ. क्रिश्चियन हैनीमैन का जन्म 10 अप्रैल, 1775 को जर्मनी में हुआ था। डॉ. क्रिश्चियन हैनीमैन द्वारा होम्यो,पैथी की खोज अठारहवीं सदी के अंत के दशक में की गई थी। 'होम्योपैथीशब्द की उत्पत्ति दो ग्रीक शब्दों से हुई हैजिसमें होमोइस’ का अर्थ समान’ से तथा पैथोस’ का अर्थ दुख’ से है। यह सम: समम् शमयति’ या समरूपता’ दवा सिद्धांत पर आधारित एक चिकित्सीय प्रणाली है। यह प्रणाली दवाओं द्वारा रोगी का उपचार करने की एक ऐसी विधि हैजिसमें किसी स्वस्थ व्यक्ति में प्राकृतिक रोग का अनुरूपण करके समान लक्षण उत्पन्न किये जाते हैं जिससे रोगग्रस्त व्यक्ति का उपचार किया जा सकता है।


मानव अंतरिक्ष उड़ान का अंतर्राष्ट्रीय दिवस 12 अप्रैल

  • प्रत्येक वर्ष 12 अप्रैल को मानव अंतरिक्ष उड़ान का अंतर्राष्ट्रीय दिवस’ (International Day of Human Space Flight) मनाया जाता है। यह दिन वर्ष 1961 में यूरी गागरिन (Yuri Gagarin) की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा की वर्षगाँठ के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 12 अप्रैल, 2011 को मानव अंतरिक्ष उड़ान का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने के लिये एक प्रस्ताव पारित किया था। इसका उद्देश्य सतत् विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में अंतरिक्ष के योगदान की फिर से पुष्टि करना है। बाहरी अंतरिक्ष मामलों के लिये संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOOSA) वह कार्यालय है जो बाहरी अंतरिक्ष में शांतिपूर्ण उपयोग हेतु अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है। संयुक्त राष्ट्र के इस दिवस के कार्यक्रम UNOOSA द्वारा आयोजित किये जाते हैं। वर्ष 1957 में पहले मानव निर्मित पृथ्वी उपग्रह स्पुतनिक को बाहरी अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया था। 12 अप्रैल, 1961 को यूरी गागरिन पृथ्वी की सफलतापूर्वक रिक्रमा करने वाले पहले व्यक्ति बने थे।


राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस 11 अप्रैल

  • गर्भावस्थाप्रसव और प्रसवोत्तर अवधि के दौरान पर्याप्त देखभाल विषय पर जागरूकता बढ़ाने के लिये प्रतिवर्ष 11 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस’ का आयोजन किया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिये गर्भवती माताओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में काम करना है। गौरतलब है कि भारतप्रसव के दौरान मृत्यु जोखिम के प्रति सबसे सुभेद्य देशों में से एक है। भारत में प्रतिवर्ष 35,000 से अधिक महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान उचित देखभाल न होने के कारण अपनी जान गँवानी पड़ती है। इस विषय के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिये भारत सरकार ने वर्ष 2003 में व्हाइट रिबन एलायंस’ (WRAI) के अनुरोध पर 11 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस के रूप में घोषित किया था। गौरतलब है कि व्हाइट रिबन एलायंस’ (WRAI) 1800 से अधिक गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) का एक गठबंधन हैजो मातृ मृत्यु दर को समाप्त करने और मातृ एवं नवजात शिशु के स्वास्थ्य में सुधार पर ध्यान केंद्रित करता है। यह दिवस कस्तूरबा गांधी की जयंती के साथ भी मेल खाता है।

हिमाचल दिवस 15 अप्रैल

  • प्रत्येक वर्ष 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस का आयोजन किया जाता है। ध्यातव्य है कि 15 अप्रैल, 1948 को हिमाचल प्रदेश मुख्य आयुक्त के प्रांत के रूप में अस्तित्त्व में आया था। भारतीय संविधान लागू होने के साथ ही 26 जनवरी, 1950 को हिमाचल प्रदेश 'श्रेणी का राज्य बन गया। 1 जुलाई, 1954 को बिलासपुर हिमाचल प्रदेश में शामिल हुआ। इसके पश्चात् 1 जुलाई, 1956 को हिमाचल प्रदेश को केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया गया। वर्ष 1966 में कांगड़ा और पंजाब के अन्य पहाड़ी इलाकों को हिमाचल प्रदेश में मिला दिया गयाकिंतु इसका स्वरूप केंद्रशासित प्रदेश का ही रहा। संसद द्वारा दिसंबर 1970 में हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम पारित किया गया जिसके फलस्वरूप 25 जनवरी, 1971 को नया राज्य अस्तित्त्व में आया। इस प्रकार हिमाचल प्रदेशभारतीय गणराज्य का 18वाँ राज्य बना। क्षेत्र के प्राचीनतम ज्ञात जनजातीय निवासियों को दास कहा जाता थाबाद में आर्य भी यहाँ आकर रहने लगे। राज्य उत्तर में जम्मू-कश्मीर सेदक्षिण-पश्चिम में पंजाब सेदक्षिण में हरियाणा सेदक्षिण-पूर्व में उत्तराखंड से तथा पूर्व में तिब्बत (चीन) की सीमाओं से घिरा हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसारराज्य की जनसंख्या तकरीबन 68 लाख है और राज्य का कुल क्षेत्रफल लगभग 55,673 वर्ग किलोमीटर है।

विश्व चगास रोग दिवस 14 अप्रैल 

  • विश्व चगास रोग दिवस प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 14 अप्रैल, 2020 को पहली बार विश्व चगास रोग दिवस (World Chagas Disease Day) मनाया गया। गौरतलब है कि 72वीं विश्व स्वास्थ्य सभा ने 24 मई, 2019 को चगास रोग दिवस के पदनाम को मंज़ूरी दी थी। इस दिवस का उद्देश्य चगास रोग के बारे में जागरूकता फैलाना है। यह बीमारी धीरे-धीरे फैलती है और मुख्य रूप से उन गरीब लोगों को प्रभावित करती है जिनके पास उचित स्वास्थ्य देखभाल की कमी होती है। इसलिये इसे साइलेंट एवं साइलेंस्ड (Silent And Silenced) बीमारी भी कहा जाता है। इस बीमारी का चगास’ नाम डॉ कार्लोस रिबेइरो जस्टिनिआनो चगास (Dr Carlos Ribeiro Justiniano Chagas) के नाम से लिया गया हैजिन्होंने 14 अप्रैल, 1909 को ब्राज़ील में इस बीमारी के पहले रोगी का निदान किया था। यह एक संक्रामक रोग है जो ट्रायटोमिन में मौजूद प्रोटोजन पैरासाइट से होता है किंतु यह सर्दी एवं फ्लू की तरह संक्रामक रोग नहीं है अर्थात् यह एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं पहुँचता है।


सियाचिन दिवस 13 अप्रैल

  • भारतीय सेना प्रतिवर्ष 13 अप्रैल को सियाचिन दिवस’ का आयोजन करती है। यह दिवस ऑपरेशन मेघदूत’ के तहत भारतीय सेना के साहस की स्मृति को चिह्नित करता है। यह दिवस दुश्मन से अपनी मातृभूमि की सेवा करने वाले सियाचिन योद्धाओं की याद में मनाया जाता है। भारतीय सेना के हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल’ (HAWS) के कमांडेंट कर्नल नरेंद्र कुमार ने वर्ष 1977 में कुछ सैन्य अभियानों की शुरुआत कीजिसका उद्देश्य काराकोरम दर्रे के आसपास के क्षेत्र को नियंत्रित करने की पाकिस्तानी योजना के विषय में पता लगाना था। गौरतलब है कि इसी बीच पाकिस्तान ने इस क्षेत्र को अपने नागरिकों द्वारा पर्वतारोहण अभियानों के लिये खोल दिया और वह सैन्य नियंत्रण हासिल करने हेतु आगे की ओर बढ़ने लगा। इन्हीं परिस्थितियों में 13 अप्रैल, 1984 को 'ऑपरेशन मेघदूतकी शुरुआत की गई। इस अभियान के परिणामस्वरूप भारतीय सेना ने साल्टोरो रिजसिया ला और बिलाफोंड ला के मुख्य दर्रों पर नियंत्रण हासिल कर लिया। ज्ञात हो कि सियाचिन ग्लेशियर पृथ्वी पर सबसे ऊँचा युद्ध का मैदान हैजहाँ भारत-पाकिस्तान वर्ष 1984 के बाद से समय-समय पर लड़ते रहे हैं।


समानता दिवस’ 14 अप्रैल

  • तमिलनाडु ने बी.आर. अंबेडकर जयंती को प्रत्येक वर्ष समानता दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की। चेन्नई में अंबेडकर स्मारक में बाबा साहब की एक पूर्ण आकार की कांस्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। साथ ही अंबेडकर के बारे में कुछ चुनिंदा पुस्तकों का तमिल में अनुवाद करने के बाद उन्हें प्रकाशित किया जाएगा। 17 सितंबर को पेरियार की जयंती को तमिलनाडु सरकार द्वारा पहले ही सामाजिक न्याय दिवस घोषित किया जा चुका है। 14 अप्रैल, 1891 को जन्मे बाबा साहब भीमराव अंबेडकर एक भारतीय विधिवेत्ताअर्थशास्त्रीराजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे। उन्होंने अछूतों (दलितों) के प्रति सामाजिक भेदभाव के खिलाफ अभियान चलाया और महिलाओं एवं श्रमिकों के अधिकारों का समर्थन किया। 6 दिसंबर, 1956 को उनका निधन हो गया। वर्ष 1990 में बाबा साहब को भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।


विश्व कला दिवस 15 अप्रैल

  • सामान्य् लोगों के बीच कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिये प्रत्येक वर्ष 15 अप्रैल को विश्वब कला दिवस यानी वर्ल्ड आर्ट डे मनाया जाता है। यह पहली बार 15 अप्रैल, 2012 में मनाया गया था। 15 अप्रैल, 1452 को इटली के महान चित्रकार लिओनार्दो दा विंची की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। लिओनार्दो दा विंची इटली के महान चित्रकारमूर्तिकारवास्तुशिल्पीसंगीतज्ञकुशल यांत्रिकइंजीनियर और वैज्ञानिक थे। कला हमेशा से ही अभिव्यक्ति और भावनाओं को तलाशने का एक शक्तिशाली माध्यम रहा है इस दिन को आधिकारिक रूप से वर्ष 2015 में लॉस एंजिल्स में मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के अनुसार  विश्व कला दिवस का लक्ष्य समाज में कलात्मक अभिव्यक्तियों को दृढ़ता से एकीकृत करना तथा समाज के विकास में कला के महत्त्व और योगदान को प्रोत्साहित करना है। इस दिन दुनिया भर में रचनात्मक गतिविधियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिये अंतर्राष्ट्रीय कला संघ और यूनेस्को साथ मिलकर कई कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते है।

विश्व यकृत दिवस 19 अप्रैल

  • लिवर/यकृत के महत्त्व और उससे संबंधित रोगों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिये दुनिया भर में प्रत्येक वर्ष 19 अप्रैल को विश्व यकृत दिवस का आयोजन किया जाता है। यकृतमानव शरीर को स्वस्थ रखने के लिये डिटॉक्सिफिकेशन और पाचन सहित विभिन्न जटिल कार्य करता है। ज्ञात हो कि यकृत मानव शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है और पाचनतंत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यकृत मानव शरीर मे मुख्य रूप से संक्रामक बीमारियों से निपटनेब्लड शुगर को नियंत्रित करनेशरीर से विषाक्त पदार्थों के निस्यंदनकोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने और  रक्त का थक्का जमने में मदद करने आदि कार्य करता है। एक व्यक्ति में विभिन्न कारणों की वजह से यकृत संबंधी रोग उत्पन्न हो सकते हैंजिसमें अस्वास्थ्यकर जीवन एवं खानपान की शैलीएल्कोहॉल एवं फास्ट फूड का अत्यधिक प्रयोग और अत्यधिक वज़न तथा टाइप 2 डायबिटीज आदि शामिल हैं। इसके अलावा यकृत संबंधी रोग अनुवांशिक भी हो सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसारभारत में यकृत की बीमारियाँ मृत्यु का 10वाँ सबसे आम कारण है।

विश्व रचनात्मकता और नवाचार दिवस 21 अप्रैल

  • प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व रचनात्मकता और नवाचार दिवस (World Creativity and Innovation Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन संयुक्त राष्ट्र के सतत् विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु नवाचार और रचनात्मकता के महत्त्व के बारे में लोगों के मध्य जागरूकता पैदा करता है। पर्यावरण तथा विकास पर विश्व आयोग’ (1983) के अंतर्गत बर्टलैंड कमीशन द्वारा जारी रिपोर्ट (1987) के अनुसार–‘आने वाली पीढ़ी की अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता से समझौता किये बिना वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु विकास ही सतत् विकास है।’ संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रमयूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिकवैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) और UNOSSC (दक्षिण-दक्षिण के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय) द्वारा प्रकाशित ‘Creative Economy Report’ के अनुसार 21वीं शताब्दी में रचनात्मकता और नवाचार किसी देश की दो मुख्य संपत्तियाँ  हैं। इस समय जब वैश्विक स्तर पर COVID-19 के कारण अंतर्राष्ट्रीय लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है तब वैश्विक अर्थव्यवस्था को चालू रखने हेतु प्रमुख आर्थिक भागीदारियों का  रचनात्मक रूप से सक्रिय होना महत्त्वपूर्ण है।


'सिविल सेवा दिवस21 अप्रैल

  • प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को 'सिविल सेवा दिवस' (Civil Services Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन उन लोक सेवकों को समर्पित है जो कि देश की प्रगति के लिये कार्य करते हैंसाथ ही नीति निर्माण में भी अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। इस दिन लोक प्रशासन में विशिष्टता हेतु प्रधानमंत्री पुरस्कार भी दिये जाते हैं। इस प्रकार का पहला समारोह 21.04.2006 को विज्ञान भवन में आयोजित किया गया था।प्रधानमंत्री ने इस समारोह का शुभारंभ किया। सभी सिविल सेवाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले भारत सरकार के वरिष्ठ अधिका‍रीगण इस समारोह में भाग लेते हैं। सिविल सेवा दिवस के रूप में 21 अप्रैल की तारीख इसलिये महत्त्वपूर्ण है क्योंकि 21 अप्रैल, 1947 को स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने दिल्ली के मेटकाॅफ हाउस में प्रशासनिक सेवा के प्रोबेशनरी अधिकारियों को संबोधित करते हुए सिविल सेवकों को 'भारत का स्टील फ्रेम कहा था। भारत में सिविल सेवा की नींव वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा रखी गई थी किंतु बाद में चार्ल्स कॉर्नवॉलिस द्वारा इसमें अधिक सुधार किये गए इसलिये उन्हें भारत में नागरिक सेवाओं के पिता’ के रूप में जाना जाता है।


पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल

  • प्रत्येक वर्ष 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस (Earth Day) मनाया जाता हैजिसका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इसके संरक्षण के लिये प्रेरित करना है। पृथ्वी दिवस 2022 का विषय "हमारी पृथ्वी में निवेश करें” (Invest In Our Planet) हैयानी कि हर व्यक्ति जो भी पृथ्वी के लिये निवेश कर सकता हैउसे यह कार्य ज़रूर करना चाहियेक्योंकि पृथ्वी सुरक्षित होगी तो हम सब भी सुरिक्षत होंगे। प्रथम बार पृथ्वी दिवस वर्ष 1970 में मनाया गया था। इसकी शुरुआत अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन (Gaylord Nelson) के उस आह्वान के बाद हुई जिसके फलस्वरूप लगभग 20 मिलियन लोग पर्यावरणीय गिरावट के विरोध में सड़कों पर उतरे थे। संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2009 में 22 अप्रैल को 'अंतर्राष्ट्रीय मातृ पृथ्वी दिवस' (International Mother Earth Day) के रूप में मनाने की घोषणा की। पृथ्वी दिवस को वैश्विक स्तर पर एक गैर-लाभकारी संगठन EARTHDAY.ORG द्वारा समायोजित किया जाता है। पहले इसे अर्थ डे नेटवर्क (Earth Day Network) के रूप में जाना जाता था। इसका उद्देश्य "लोगों और पृथ्वी में बदलाव लाने हेतु विश्व के सबसे बड़े पर्यावरण आंदोलन का निर्माण करना है।" यह एक सामूहिक ज़िम्मेदारी को स्वीकार करता हैजैसा कि वर्ष 1992 के रियो घोषणापत्र (पृथ्वी शिखर सम्मेलन) में प्रकृति एवं पृथ्वी के साथ सद्भाव को बढ़ावा देने की बात कही गई ताकि मनुष्य की वर्तमान तथा भावी पीढ़ियों की आर्थिकसामाजिक एवं पर्यावरणीय आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।

 

विश्व मलेरिया दिवस 25 अप्रैल

  • प्रत्येक वर्ष 25 अप्रैल को वैश्विक स्तर पर मलेरिया जैसी घातक बीमारी के संबंध में जागरूकता फैलाने के लिये विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व मलेरिया दिवस’ का आयोजन किया जाता है। विश्व मलेरिया दिवस पर विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैजिसका उद्देश्य मलेरिया को लेकर जागरूकता फैलाने के लिये सरकारी तथा गैर-सरकारी संगठनोंसमुदायों व आम जनमानस के बीच सहयोग स्थापित करना है। विश्व मलेरिया दिवस 2022 की थीम "मलेरिया रोग के बोझ को कम करने और जीवन बचाने के लिये नवाचार का उपयोग करें" है। विश्व मलेरिया दिवस का विचार अफ्रीका मलेरिया दिवस से विकसित किया गया था। अफ्रीका मलेरिया दिवस मूल रूप से एक ऐसी घटना है जिसे वर्ष 2001 से अफ्रीकी सरकारों द्वारा मनाया जा रहा हैयह पहली बार वर्ष 2008 में आयोजित किया गया था। वर्ष 2007 मेंविश्व स्वास्थ्य सभा के 60वें सत्र के दौरान अफ्रीका मलेरिया दिवस को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में परिवर्तित करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। यह प्लास्मोडियम परजीवियों’ के कारण होने वाला एक मच्छर जनित रोग है। यह परजीवी संक्रमित मादा एनोफिलीज़ मच्छर’ के काटने से फैलता है। विश्व मलेरिया रिपोर्ट’ 2020 के मुताबिकविश्व स्तर पर मलेरिया के लगभग 229 मिलियन मामले प्रतिवर्ष सामने आते हैं। हालाँकि रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने मलेरिया उन्मूलन की दिशा में महत्त्वपूर्ण प्रगति की है। रिपोर्ट की मानें तो भारत एकमात्र उच्च स्थानिक देश हैजिसने वर्ष 2018 की तुलना में वर्ष 2019 में 17.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसारभारत वैश्विक मलेरिया के 3% का प्रतिनिधित्त्व करता है।

 

अंग्रेज़ी भाषा दिवस 23 अप्रैल

  • प्रतिवर्ष 23 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंग्रेज़ी भाषा दिवस के रूप[ में मनाया जाता है। यह दिवस अंग्रेज़ी भाषा के महान साहित्यकार विलियम शेक्सपियर के जन्मदिवस को चिह्नित करता है। अंग्रेज़ी भाषा के सबसे प्रसिद्ध नाटककार होने के साथ-साथ शेक्सपियर का आधुनिक अंग्रेज़ी पर भी काफी अधिक प्रभाव देखने को मिलता है। शेक्सपियर ने अपने संपूर्ण जीवन काल में कुल 38 नाटक लिखे थे। अंग्रेज़ी भाषा की उत्पत्ति मध्यकालीन इंग्लैंड में मानी जाती है और वर्तमान में यह विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। उपलब्ध आँकड़ों की मानें तो विश्व के कुल 195 देशों में से 67 देशों में अंग्रेज़ी भाषा का प्रयोग किया जाता है। विदित हो कि फरवरी 2010 में सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषावाद को मनाने के लिये संयुक्त राष्ट्र ने भाषा दिवस का शुभारंभ किया था। संयुक्त राष्ट्रभाषा दिवस संगठन की 6 आधिकारिक भाषाओं को संरक्षण प्रदान करता है। संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषाएँ अंग्रेज़ी (23 अप्रैल)अरबी (18 दिसंबर)चीनी (20 अप्रैल)स्पेनिश (23 अप्रैल )रूसी (6 जून) और फ्रेंच (20 मार्च) हैं। 

 

विश्व बौद्धिक संपदा दिवस  26 अप्रैल

  • विश्व भर में प्रत्येक वर्ष 26 अप्रैल को विश्व बौद्धिक संपदा दिवस’ का आयोजन किया जाता है। इस दिवस के आयोजन का उद्देश्य रोज़मर्रा के जीवन पर पेटेंटकॉपीराइटट्रेडमार्क तथा डिज़ाइन आदि के प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाना और वैश्विक समाज के विकास में रचनात्मकता एवं नवोन्मेष के महत्त्व को रेखांकित करना है। विश्व बौद्धिक संपदा दिवस की शुरुआत विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा बौद्धिक संपदा (IP) के संबंध में आम जनमानस के बीच समझ विकसित करने के लक्ष्य के साथ वर्ष 2000 में की गई थी। 26 अप्रैल, 1970 को ही ‘WIPO कन्वेंशन’ लागू हुआ था। विदित हो कि वैश्विक स्तर पर रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और बौद्धिक संपदा संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्व बौद्धिक संपदा संगठन’ का गठन किया गया है। WIPO का मुख्यालय जिनेवास्विट्ज़रलैंड में है। भारत वर्ष 1975 में WIPO का सदस्य बना था। बौद्धिक संपदा के अंतर्गत ऐसी संपत्तियों को शामिल किया जाता हैजो मानव बुद्धि द्वारा निर्मित होती हैं और जिन्हें छूकर महसूस नहीं किया जा सकता है। इसमें मुख्य तौर पर कॉपीराइटपेटेंट और ट्रेडमार्क आदि को शामिल किया जाता है।

आयुष्मान भारत दिवस 30 अप्रैल

  • भारत में प्रतिवर्ष 30 अप्रैल को आयुष्मान भारत दिवस का आयोजन किया जाता है। इस दिवस के आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य देश के दूरदराज़ के क्षेत्रों में सस्ती चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा देना है। साथ ही यह दिवस समाज के वंचित और गरीब वर्गों को स्वास्थ्य लाभ एवं बीमा कवर प्रदान करने पर भी ज़ोर देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2018 में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की गई थीताकि उन करोड़ों भारतीयों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा सके जो चिकित्सा सुविधाएँ प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं। यह भारत सरकार की एक प्रमुख योजना हैजिसे सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (2017) के तहत की गई अनुशंसा के आधार पर शुरू किया गया था। यह पहल सतत् विकास लक्ष्यों (SDG) को पूरा करने और इनके प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने हेतु शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य भारत में प्राथमिकमाध्यमिक और तृतीयक सभी स्तरों पर स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में महत्त्वपूर्ण बदलावों को बढ़ावा देना तथा स्वास्थ्य प्रणाली तक आम लोगों की पहुँच सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) आयुष्मान भारत योजना का एक प्रमुख घटक हैजिसे 23 सितंबर, 2018 को रांची में लॉन्च किया गया था। यद्यपि योजनाओं के निर्माण के बावजूद ज़मीनी स्तर पर भारत की स्वास्थ्य अवसंरचना में कोई महत्त्वपूर्ण बदलाव नहीं आया है और महामारी ने इस तथ्य को भलीभाँति उज़ागर किया है। 

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