संस्कृति की संरचना |सांस्कृतिक तत्व, संकुल, प्रतिमान |संस्कृति के प्रकार्य |Structure of Culture in Hindi

संस्कृति की संरचना, सांस्कृतिक तत्व, संकुल.प्रतिमान 

संस्कृति की संरचना |सांस्कृतिक तत्व, संकुल, प्रतिमान |संस्कृति के प्रकार्य |Structure of Culture in Hindi



संस्कृति की संरचना ( The Structure of Culture)

 

  • 1. सांस्कृतिक तत्व (Culture Traits )
  •  2. सांस्कृतिक संकुल (Culture Complex) 
  • 3. सांस्कृतिक प्रतिमान (Culture Pattern or Culture Configuration )

 

1. सांस्कृतिक तत्व-

सांस्कृतिक तत्व संस्कृति की लघुतम इकाईयाँ अथवा अकेले तत्व होते हैं। इन इकाइयों को मिलाकर संस्कृति का निर्माण होता है।

हर्षकोविट्स ने सांस्कृतिक तत्व को एक संस्कृति विशेष में सबसे छोटी पहचानी जा सकने वाली इकाई कहा है। 

क्रोबर ने इसे "संस्कृति का न्यून्तम परिभाष्य" तत्व कहा। उदाहरण के लिए- हाथ मिलानाचरण स्पर्श करनाटोप उतारनागालों का चुम्बन लेनास्त्रियों को आवास स्थान प्रदान करनाझंड़े की सलामीशोक के समय श्वेत साड़ी पहननाशाकाहारी भोजन खानानंगे पाँव चलनामूर्तियों पर जल छिड़कना ।

 

सांस्कृतिक तत्व की तीन प्रमुख विशेषताएँ होती हैं

i. प्रत्येक सांस्कृतिक तत्व का उसकी उत्पत्ति विषयक इतिहास होता हैचाहे वह इतिहास छोटा हो या बड़ा । 

ii. सांस्कृतिक तत्व स्थिर नहीं होता। गतिशीलता उसकी विशेषता है। 

iii. सांस्कृतिक तत्वों में संयुक्तीकरण की प्रकृति होती है। वे फूलों के गुलदस्ते की भाँति घुल-मिलकर रहते है।

 

2. सांस्कृति संकुल

  • सांस्कृति संकुल सांस्कृतिक तत्वों से मिलकर बनते है। जब कुछ या अनेक तत्व मिलकर मानव अवश्यकता की पूर्ति करते हैं। इस प्रकारमूर्ति के सम्मुख नतमस्तक होनाउसपर पवित्र जल छिड़कनाउसके मुँह में कुछ भोजन रखनाहाथ जोड़नापुजारी से प्रसाद लेना तथा आरती गाना आदि सभी तत्व मिलकर धार्मिक सांस्कृतिक संकुल का निर्माण करते हैं ।

 

3. सांस्कृतिक प्रतिमान- 

  • जब सांस्कृतिक तत्व एवं संकुल मिलकर प्रकार्यात्मक भूमिकाओं में परस्पर संबंधित हो जाते हैं तो उनसे संस्कृति प्रतिमान का जन्म होता है। संस्कृति प्रतिमान के अध्ययन से किसी संस्कृति की प्रमुख विशेषताओं का ज्ञान होता है। उदाहरणार्थ- गाँधीवादअध्यात्मवादजाति-व्यवस्थासंयुक्त परिवारग्रामीण उसद भारतीय संस्कृति के संस्कृति संकुज हैं जो भारतीय संस्कृति की विशेषताओं का परिचय देते हैं ।

 

Clark Wissler ने 9 आधार-मूलक सांस्कृतिक तत्वों का उल्लेख किया है जो संस्कृति- प्रतिमान को जन्म देते हैं-

 

1. वाणी एवं भाषा 

2. भौतिक तत्व - i. भोजन की आदतें ii. निवास iii यातायात iv. बर्तन आदि v. शस्त्र vi व्यवसाय एवं उद्योग 

3. कला 

4. पुराण विद्या एवं वैज्ञानिक ज्ञान 

5. धार्मिक क्रियाएँ 

6. परिवारिक एवं सामाजिक प्रजातियाँ 

7. सम्पत्ति शासन 

8. युद्ध ।

 

संस्कृति के प्रकार्य (Function of Culture)

 

1. व्यक्ति के लिए 

2. समूह के लिए

 

1. व्यक्ति के लिए संस्कृति के प्रकार्य-

 

संस्कृति मनुष्य को मानव बनाती है। 

ii. जटिल स्थितियों का समाधान। 

iii. मानव आवश्यकताओं की पूर्ति 

iv. व्यक्तित्व निर्माण 

V. मानव को मूल्य एवं आदर्श प्रदान करती है। 

vi. मानव की आदतों का निर्धारण करती है 

vii. नैतिकता का निर्धारण करती है। 

viii. व्यवहारों में एकरूपता लाती है। 

ix. अनुभव एवं कार्यकुशलता बढ़ाती है। 

X. व्यक्ति की सुरक्षा प्रदान करती है । 

xi. समस्याओं का समाधान करती है। 

xii. समाजीकरण में योग देती है। 

xiii. प्रस्थिति एवं भूमिका का निर्धारण करती है।

xiv. सामाजिक नियन्त्रण में सहायक।

 

2. समूह के लिए संस्कृति के प्रकार्य

 

i. सामाजिक सम्बन्धों को स्थिर रखती है। 

ii. व्यक्ति के दृष्टिकोण को विस्तृत करती है। 

iii. नई आवश्यकताओं को उत्पन्न करती है।


विषय सूची 


संस्कृति का अर्थ एवं परिभाषा , मानव संस्कृति का निर्माण


संस्कृति की प्रकृति या विशेषताएँ 


संस्कृति के प्रकार, भौतिक संस्कृति ,अभौतिक संस्कृति, संस्कृति कितने प्रकार की होती है 


संस्कृति की संरचना ,सांस्कृतिक तत्व, संकुल, प्रतिमान, संस्कृति के प्रकार्य 


सांस्कृतिक विलम्बन (Cultural Lag) ,सभ्यता और संस्कृति में अन्तर


संस्कृति एवं व्यक्तित्व, |व्यक्तित्व  क्या  होता है , व्यक्तित्व के निर्माण के प्रमुख आधार 

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