MP Ke Khel Purashkar | Major Sports Awards of Madhya Pradesh|मध्यप्रदेश के प्रमुख खेल पुरस्कार

मध्यप्रदेश के प्रमुख खेल पुरस्कार
Major Sports Awards of MP

मध्यप्रदेश के प्रमुख खेल पुरस्कार Sports Awards of MP

राज्य में खिलाडि़यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार ने विभिन्न पुरस्कारों को देने की व्यवस्था की है। इस संबंध में खेल एवं युवा कल्याण विभाग दिशा निर्देश जारी करता है।

विक्रम पुरस्कार Vikram Award

  • यह राज्य का सर्वोच्च खेल पुरस्कार है। यह पुरस्कार राज्य के मूल निवासी उस खिलाड़ी को दिया जाता है जिसने पिछले पॉच वर्षों में न्यूनतम दो वर्षों तक राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा (सीनियर वर्ग) में भाग लिया हो। इसमें 2013 से 1 लाख  रूपये (पूर्व मेे 50 हजार रूपए), ब्लैजर, प्रतीक चिन्ह प्रमाण पत्र दिए जाते हैं।

एकलव्य पुरस्कार Eklaya Award

  • यह पुरस्कार राज्य के मूल निवासी उस खिलाड़ी को दिया जाता है जिसकी आयु 19 वर्ष से कम हो और जिसने पिछले पॉच वर्षों में न्यूनतम दो वर्षों तक किसी भी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लिया हो। इसमें  2013 से 50 हजार रूपऐ (पूर्व में 25 हजार) ब्लेजर, प्रतीक चिन्ह, प्रमाण पत्र दिये जाते हैं।

विश्वामित्र पुरस्कार Vishvamitra Award

  • ऐसे प्रशिक्षकों को यह पुरस्कार दिया जाता है, जिनके कम से कम दो खिलाडि़यों ने राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा में 2 स्वर्ण या 4 रजत या 6 कांस्य पदक जीते हो, पिछले पॉच वर्षों में न्यूनतम 2 बार। इसमें अब 1 लाख (पूर्व में 50 हजार) , ब्लेजर, टाई, प्रतीक चिन्ह प्रमाण पत्र दिये जाते हैं।
कैप्टन रूपसिंह लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
  • हॉकी के प्रसिद्ध खिलाड़ी कैप्टन रूपसिंह के नाम से 50 हजार रूपए का पुरस्कार दिया जाता है।

प्रभाष जोशी पुरस्कार Prabhash Josi Award

  • वर्ष 2013 में स्थापित मलखम्ब खेल में दिया जाने वाला प्रभाष जोशी पुरस्कार में एक लाख रूपये, ब्लेजर, प्रतीक चिन्ह, प्रमाण पत्र दिये जाते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता पुरस्कार

  • यह प्रदेश के उस खिलाड़ी को दिया जाता है, जिसने सीनियर या जूनियर वर्ग की अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लिया हो।
अन्य पुरस्कार और वृत्ति-
  • राज्य स्तरीय स्पर्धा में 19 वर्ष से कम आयु के खिलाडि़यों को स्वर्ण जीतने पर 2 हजार रूपये और दलीय स्पर्धा में स्वर्ण जीतेने पर प्रत्येक सदस्य को 500 रूपए दिए जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा में पदक विजेत राज्य खिलाड़ी को सम्मान निधि प्रदान की जाती है।
खेल संस्थानों को अनुदान
मान्यता प्राप्त खेल संस्थानों या विधिवत गठित खेल संस्थाओं को निम्नानुसार अनुदान की पात्रता होती है-
  • राज्य स्तर पर राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन हेतु 1 लाख।
  • राज्य स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन हेतु 2 लाख ।
  • जिला स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हेतु 50 हजार तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता पर 30 हजार रूपये।

आर्थिक सहायता, खेलवृत्ति पुरस्कार नियम 2000

  • खेल एवं युवा कल्याण विभाग, म.प्र. ने 2 फरवरी 2000 को खेल संघो और खिलाडि़यों को आर्थिक सहायता, खेलवृत्ति, संभाग निधि और पुरस्कार देने संबंधी नियम बनाये हैं।
  • खेल वृत्ति- अधिकृत्त राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान के खिलाडि़यों या अधिकृत्त  दल को दी जाएगी। खिलाडि़यों की उम्र 19 वर्ष से कम होना और यह खेल राष्ट्रीय खेलों में शामिल होना जरूरी है। इनके लिये राज्य का स्वर्ण विजतेता होना जरूरी है।
  • वृत्ति- व्यक्तिगत स्पर्धा के स्वर्ण विजेता को 2 हजार रूपये तथा दलीय स्वर्ण विजेता की स्थिति में प्रत्येक को 500 रूपये।
  • सम्मान निधि- राज्य के मूल निवासी खिलाड़ी को दी जाएगी जिसने अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पदक जीता हो। 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर प्रतिमाह 1500 रूपये सम्मान निधि।
नेहरू युवा केन्द्र Nehru Yuva Kendra
  • केन्द्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा पूरे देश में नेहरू युवा केन्द्रों की स्थापना की गई है। मध्य प्रदेश में भी 19 नेहरू युवा केन्द्र कार्यरत हैं।
मलखंभ
  • मलखंभ- मध्य प्रदेश की राजकीय खेल घोषित
  • मध्य प्रदेश सरकार ने मलखंभ को राजकीय खेल घोषित करने का निर्णय 10 अप्रैल 2013 को लिया।
  • मलखंभ खेल में दिया जाने वाला एक लाख रू. का प्रभाष जोशी अवार्ड 2013 में स्थापित किया गया।

मध्य प्रदेश और मिशन ओलंपिक 2020

  • मध्य प्रदेश ने मिशन ओलंपिक 2020 योजना की शुरूआत राज्य में करने का निर्णय 10 अप्रैल 2013 को लिया ।
  • मिशन ओलंपिक योजना में शािमल (3 खेल) मार्शल आर्ट, वाटर स्पोर्टस, शूटिंग हैं।

खेलकूद से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • 2008 में खेल पंचायत कार्य आयोजन भोपाल में किया गया।
  • राज्य का सर्वोच्च खेल पुरस्कार विक्रम है।
  • म.प्र. क्रिकेट ऐसोसिएशन के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं।
  • राज्य के लतीफ अनवर पाकिस्तान के हॉकी कप्तान बने थे।
  • राज्य का पहला क्लब क्रिकेट का था, जो पारसी क्लब के नाम से 1890 में इंदौर में बना था।
  • भोपाल का तात्या टोपे स्टेडियम में खेल संग्रहालय बनाया गया है।
  • मध्यप्रदेश टेबल टेनिस ऐसोसिएशन की स्थापना सन् 1957 में जबलपुर में हुई।
  • मध्यप्रदेश बैण्डमिंटन ऐसोसिएशन की स्थापना 1946 में हुई।
  • म.प्र. हॉकी ऐसोसिएशन और बेंडमिंटन ऐसोसिएशन का मुख्यालय जबलपुर में है।
  • म.प्र. की सर्वोच्च खेल संस्था: म.प्र. खेल प्राधिकरण है।
  • इंदौर के संजय जगदालय राष्ट्रीय क्रिकेट जयन समिति के सदस्य रहे हैं।
  • जाल गोदरेज को ग्रेट वाल आफ चाईना कहा जाता है।
  • असलम शेरखान हॉकी के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी थे, जो बैतूल से संसद बने। उनकी पुस्तक टू हेल विथ हॉकी
  • भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय केन्द्र की स्थापना गौरा गांव भोपाल में की गयी है।
  • मध्यप्रदेश क्रिकेट ऐसोसिएशन का मुख्यालय इंदौर में है।
  • भर्ती सूचना सह प्रशिक्षण केन्द्र- भोपाल ग्वालियर में है।
  • बाक्सर मैरीकाम को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 50 लाख का ईनाम 2013 को दिया गया है।

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