मध्यप्रदेश के प्रमुख जलप्रपात |Major waterfall of Madhya Pradesh

Major waterfall of Madhya Pradesh

पहाड़ों की चट्टानों से गिरने वाले नदी या नालों को जलप्रपात कहा जाता है. यदि गिरने वाला पानी एक बहुत बड़ी धरा के रूप में काफी ऊंचाई से गिरता है, तो उसे महा जलप्रपात (Catarc) कहते हैं l यदि गिरने वाले पानी कि धरा पतली होती है तो उसे जलप्रपात (Cascade) कहा जाता है. मध्य प्रदेश के प्रमुख जलप्रपात निम्न  हैं । 



जल-प्रपात  नदियाँ स्थान
ऊँचाई
भेड़ाघाट या धुआंधार नर्मदा जबलपुर
30 मीटर
दुग्धधारा नर्मदा अनूपुर
15 मी
मंधार नर्मदा खंडवा
12 मी
चचाई बीहड़ रीवा
130 मी.
पाण्डव केन पन्ना
38 मी.
चूलिया चंबल कोटा
18 मी
राहतगढ़ बेतवा
सागर
-
झाड़ीदाहा चंबल
इंदौर
-
भालकुण्ड - सागर
38 मी
डचेस -
पंचमढ़ी
-
कपिल धारा नर्मदा  अनूपपुर
15 मी.
सहस्त्रधारा नर्मदा महेश्वर
8 मी.
दर्दी नर्मदा
हण्डिया
-
क्योटी महाना नदी रीवा
130
पियावन
-
रीवा -
पातालपानी चंबल
इंदौर
-
शंकर खो  जामनेद
खवनी
-
बहुटी ओदा
रीवा
-
अप्सरा -
पचमढ़ी
-
रजत -
पचमढ़ी
-
जमुना बी-फॉल
पचमढ़ी
-
सतधारा,
भीमकुण्ड
अर्जुन कुण्ड 
नर्मदा
नरसिंहपुर
-
लिलाही
अनहोनी
कुकरी खापा
कन्हान
छिंदवाड़ा
-
गांगुलपारा बैनगंगा
बालाघाट
-
मलधर देव नदी 
बालाघाट
-
काकरा खोह -
माण्डू
-
भूराखोह, सुल्तानगढ़,
पावा 
सिन्ध 
शिवपुरी
-
बेलौही  -
रीवा
-
डगोना, सनकुआ  सिन्ध
दतिया
-
पुरवा तमसा  रीवा
70 मी.

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