विधान परिषद Vidhan Parisad


Vidhan Parisad

विधान परिषद Vidhan Parisad

  • किसी भी राज्य का विधान मंडल राज्यपाल तथा राज्य विधान मंडल से मिलकर बनता है।
  • जम्मू-कश्मीर, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश मेँ द्विसदनात्मक व्यवस्था है और बाकी राज्योँ मेँ एकसदनात्मक व्यवस्था है।
  • विधान परिषद के कुल सदस्योँ की संख्या उस राज्य की विधानसभा के कुल सदस्योँ की संख्या की एक-तिहाई से अधिक नहीँ हो सकती है, किंतु किसी भी अवस्था मेँ विधान परिषद् के सदस्योँ की संख्या 40 से कम नहीँ हो सकती है
  • विधान परिषद् के प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है, किंतु प्रति दूसरे वर्ष 1/3 सदस्य अवकाश ग्रहण कर लेते हैं तथा उनके स्थान पर नए सदस्य निर्वाचित होते हैं।
  • विधान परिषद् के सदस्योँ का निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व की एकल संक्रमणीय मत पद्धति के द्वारा होता है।
  • विधान परिषद के कुल सदस्योँ मेँ एक-तिहाई सदस्य, राज्य की स्थानीय स्वशासी संस्थाओं के एक निर्वाचक मंडल द्वारा निर्वाचित होते हैं। एक-तिहाई सदस्य राज्य की विधान सभा के सदस्योँ द्वारा निर्वाचित होते हैं। 1/12 सदस्य उन निर्वाचकों द्वारा निर्वाचित होते हैं, जिन्होंने कम से कम 3 वर्ष पूर्व स्नातक की उपाधि प्राप्त कर ली हो। 1/12 सदस्य अध्यापको द्वारा निर्वाचित होते हैँ, जो कम से कम 3 वर्षोँ से माध्यमिक पाठशालाओं अथवा उनसे ऊँची कक्षाओं मेँ शिक्षण का कार्य कर रहै हों तथा 1/6 राज्यपाल उन सदस्योँ को मनोनीत करते हैं जिन्हें साहित्य, कला, व विज्ञान, सहकारिता आंदोलन या सामाजिक सेवा के संबंध मेँ विशेष ज्ञान हो।
  • अनुच्छेद 169 के साथ संसद किसी राज्य मेँ विधान परिषद का निर्माण एवं विघटन कर सकती है।
  • जिस भी राज्य मेँ विधान परिषद का निर्माण करना है तो राज्य की विधान सभा अपने कुल सदस्योँ के पूर्ण बहुमत से प्रस्ताव पारित करें तो संसद उस राज्य मेँ विधान परिषद की स्थापना कर सकती है अथवा उसका लोप कर सकती है।

विधान परिषद का सृजन 

  • विधान परिषद का सृजन या उत्पादन करने का अधिकार है।
  • जिस राज्य मेँ विधान परिषद का सृजन या उत्सादन किया जाना है, उस राज्य की विधान सभा द्वारा इस आशय के प्रस्ताव को उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्योँ के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित किया जाना आवश्यक है।
  • इसके बाद, विधेयक संसद की मंजूरी के लिए जाता है। संसद इसे पारित कर भी सकती है और नहीँ भी।
  • संसद मेँ एसा कोई प्रस्ताव साधारण बहुमत से पारित किया जाता है।

No comments

Powered by Blogger.