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जीव विज्ञान- सामान्य ज्ञान 01, { Biology General Knowledge }

जीव विज्ञान- सामान्य ज्ञान 01
  • बायोलॉजी शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग लैमार्क और ट्रेविरेनस द्वारा सन् 1801 में किया गया था।
  • अरस्तू को जीव विज्ञान का जनक अथवा ‘ फादर ऑफ बायोलॉजी‘ कहा जाता है।
  • अरस्तू को जंतु विज्ञान का जनक  ‘फादर ऑफ जूलॉजी‘  भी कहा जाता है।
  • अरस्तू ने अपनी पुस्तक ‘हिस्टोरिका एनीमेलिया‘ में लगभग 500 जंतुओं का वर्णन किया है।
  • थियोफ्रास्टस को वनस्पति विज्ञान का जनक ‘फादर ऑफ बॉटनी‘ कहा जाता है।
सजीवों के गुणः-
  • उपपाचयन
  • वृद्धि
  • प्रजनन
  • गति
  • जीवों के आधुनिक वर्गीकरण की शुरूआत कैरोलस लिनियस द्वारा की गई।
  • कैरोलस लिनियस ने जीवों को जंतु जगत और पादप जगत में बॉटा है।
  • कैरोलस लिनियस को ‘वर्गिकी का पिता‘ भी कहा जाता है।
  • पांच जगत वर्गीकरण का सिद्धांत आर.एच. व्हीटेंकर द्वारा दिया गया ।

व्हीटेंकर के अनुसार जीवों को पांच बड़े वर्गों में बांटा गया है। ये जगत हैं-
  1. मोनेरा- इसके अंतर्गत एक कोशिकीय प्रोकैरियोटिक जीव आते हैं।
  2. प्रोटेस्टा-इस समूह के अंतर्गत एककोशिकीय यूकैरियोटिक जीव आते हैं।
  3. कवक-इस समूह में बहुकोशिकीय जीव यूकैरियोटिक जीव हैं। कवकों में कोशिका भित्ति काइटिन नामक जटिल शर्करा की बनी होती है।
  4. पादप-इस समूह के अंतर्गत सेल्यूलोज से बनी कोशिका भित्ति वाले बहुकोशिकीय यूकैरियोटिक जीव आते हैं।
  5. जंतु-इस समूह के अंतर्गत बहुकोशिकीय, विषमपोषी, यूकैरियोटिक जीव आते हैं।
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तथ्य 
  • ब्रायोफाइटा को पादप वर्ग का ‘उभयचर‘ कहा जाता है।
  • जिम्नोस्पर्म के पौधे नग्नबीजी होते हैं, इनके बीज फलों के अंदर नहीं होते हैं।
  • पोरीफेरा संघ के सदस्य सामान्यतः ‘स्पंज‘ के नाम से जाने जाते हैं।
  • टीनोफेरा के सदस्यों को सामान्यतः ‘कॉब जैली‘ कहा जाता है।
  • प्लेटीहेल्मिन्थीज संघ के प्राणी चपटे होते हैं, इस कारण इन्हें ‘ चपटे कृमि‘ कहा जाता है।
  • निमेटोड़ा प्राणियों का शरीर अनुप्रस्थ काट में  गोलाकार होता है, इस कारण इन्हें ‘गोलाकृमि‘ कहा जाता है।
  • आर्थोपोड़ा प्राणी जगत का सबसे बड़ा संघ है।
  • मोलस्का जंतु जगत का दूसरा सबसे बड़ा संघ है।
  • मगरमच्छ का हृदय चार प्रकोष्ठों से बना होता है।
  • डायफ्रांम की उपस्थिति स्तनधारियों का मूलभूत लक्षण होता है।
  • ब्लू व्हेल विशालतम स्तनधारी है।
  • कोशिका की खोज सर्वप्रथम राबर्ट हुक द्वारा सन् 1665 में की गई।
  • सर्वप्रथम जीवित कोशिका की खोज ल्यू वेनहांक द्वारा की गयी थी।
  • संसार की सबसे छोटी कोशिका ‘माइकोप्लाज्मा गैलिसेप्टिकम‘ है।
  • मानव शरीर में पाई जाने वाली सबसे बड़ी  कोशिका अंडाणु तथा सबसे लंबी कोशिका, तंत्रिका तंत्र की न्यूरान है।
  • माइटोकांड्रिया में गोलाकार डीएनए तथा 70 एस राइबोसोम पाया जाता हैं
  • टमाटर का लाल रंग लाइकोपेन के कारण होता हैं
  • राइबोसोम आर.एन.ए. तथा प्रोटीन से बना होता है, जिस पर कोई आवरण नहीं पाया जाता है।
  • राइबोसोम को पैलेड कण भी कहा जाता हैं
  • लाइसोसोम को ‘आत्महत्या की थैली‘ या पाचन थैली भी कहा जाता है।
  • गाल्जीकॉय को पौधों में डिक्टियोसोम कहा जाता हैं
  • केंद्रिका को आर.एन.ए. का भंडारगृह कहा जाता है।
  • ग्रेगर जॉन मेंडल को अनुवांशिकी का जनक कहा जाता है।
  • मनुष्य में 23 जोड़े अर्थात् 46 गुणसूत्र पाए जाते हैं।
  • जेम्स वाट्सन एवं फ्रांसिस क्रिक द्वारा सन् 1953 में डीएनए (DNA) की द्विकुंडलित संरचना प्रस्तुत की गयी।
  • जंतु कोशिका में लवक नहीं पाया जाता है।
  • समसूत्री विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या आधी रह जाती है, इस प्रकार का विभाजन प्रजनन अंगों की कोशिकाओं में पाया जाता है।
  • ऊतक शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग ‘ विचट‘ द्वारा किया गया था।
  • लिगामेंट के माध्यम से अस्थियों को अस्थियां जुड़ी होती हैं।
  • टेंडन के माध्यम से मासपेशियां अस्थियों से जुड़ी होती हैं।
  • पेशीय ऊतकों की गतिशीलता एवं संकुचनशीलता में एक्टिन तथा मायोसीन नामक प्रोटीन्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
  • ग्रासनली (इसोफेगस) में क्रमाकुंचन के द्वारा भोजन नीचे की ओर खिसकता है।
  • आंत्र रस- माल्टेज, सुक्रेज, लेक्टेज एंजाइम उपस्थित होते हैं।
  • पित्त रस यकृत द्वारा स्त्रावित किया जाता है जोकि पित्ताशय में संचित रहता है।
  • अग्नाशय रस, अग्नाशयी कोशिकाओं द्वारा स्त्रावित किया जाता है।
  • लार में टायलिन तथा लाइसोजाइम पाए जाते हैं।
  • यकृत ग्लूकोज को ग्लाइकोजन के रूप में संचित रखता है।
  • मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि यकृत है।
  • ऑक्सीजन की रक्त में कमी को हायपोक्सिया कहा जाता है।
  • रूधिर परिसंचरण  की खोज विलियम हार्वे द्वारा की गयी थी।
  • हृदय की दोहरी झिल्ली ‘ पेरीकार्डियम‘ से घिरा होता है।
  • एक वयस्क का सामान्य रक्तचाप लगभग 120/80 होता है।
  • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम हृदय की गतिविध को दर्शाता है।
  • आरबीसी(RBC) का जीवन काल लगभग 120 दिनों का होता है।
  • डब्ल्यू बी सी (WBC) का जीवन काल लगभग 10-13 दिन का होता है।
  • श्वेत रूधिर कणिकाएं (WBC) संक्रमण से शरीर की रक्षा करती हैं।
  • रूधिर वर्ग या ब्लड ग्रुप की खोज कार्ल लैंडस्टीनर द्वारा की गयी थी।
  • O  रूधिर वर्ग को सार्वत्रिक रक्त दाता कहा जाता है।
  • AB रूधिर वर्ग को सार्वात्रिक ग्राही कहा जाता है।
  • नेफ्रान, किडनी की संरचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई होती है।
  • वयस्क मनुष्य में 206 हड्डियां होती हैं।
  • विटामिन डी की कमी से रिकेट्स रोग होता है।
  • मानव शरीर की सबसे बड़ी अस्थी ‘फीमर‘ जांघ में होती है।
  • मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थी ‘ स्टेप्स‘ कान में होती है।
  • भोजन में आयोड़ीन की कमी से घेंघा रोग होता हैं
  • मलेरिया एक प्रोटोजोआ जनित रोग है जोकि प्लाज्मोडियम के कारण होता है, इसकी वाहक मादा एनाफिलिज मच्छर होती हैं
  • डेंगू वायरस के कारण होने वाली बीमारी है, इसकी वाहक मादा एडीज एजिप्टी मच्छर होती है।
  • मरास्मस प्रोटीन की कमी से होने वाला रोग है।
  • चेचक ‘वेरीओला‘ नामक विषाणु के कारण होता है।
  • छोटी माता ‘वैरीसेला‘ नामक विषाणु से होती है।
  • हैजा का कारण ‘विब्रयो कॉलेरी‘ नामक जीवाणु है।
  • टाइफाइड सालमोनेला टाइफी नामक जीवाणु के कारण होता है, इसमें पूरा शरीर धनुष के आकार में तन जाता है।
  • प्लेग का कारण  ‘ येर्सिनिया पेस्टिस‘ नामक जीवाणु होता है।
  • एंटअमीबा हिस्टोलिटिका के कारण पेचिस होता है।
  • फाइलेरिया का कारण वुचेरिया ब्रेन्कोफ्राई है।
  • वास्तविक अपराधी की पहचान हेतु एवं माता पिता के निर्धारण हेतु डीएनए फिंगर प्रिंटिग  तकनीक का प्रयोग किया जाता है।
  • भारत में डीएनए फिंगर प्रिटिंग का जनका  डॉ. लालजी सिंह थे।
  • गोल्डन राइस की किस्म में सर्वाधिक मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है।
  • ‘सुजाता‘ एवं कल्याण सोना गेहूं की प्रमुख किस्में हैं।
  • इमली में टार्टरिक अम्ल पाया जाता है।
  • सेब में मैलिक अम्ल पाया जाता है।
  • विश्व में सबसे ज्यादा दुग्ध उत्पादन ‘होलस्टीन फ्रीजियन‘ गायों द्वारा किया जाता है।
  • दूध का सफेद रंग कैसीन नामक प्रोटीन के कारण होता है।
  • खट्टे दूध में लैक्टिक एसिड पाया जाता है।
  • गुलाबी क्रांति  का संबंध  झींगा उत्पादन से है।
  • रजत क्रांति  का संबंध अंडा उत्पादन में वृद्धि से है।
  • नीली क्रांति का संबंध मछली उत्पादन में वृद्धि से है।
  • किण्वन की खोज लुई पाश्चर ने की थी।
  • कोशिका सिद्धांत का प्रतिपादन श्लाइडेन एवं श्वान ने किया था।
  • पेनिसिलिन की खोज को श्रेय अलेक्जेंडर फ्लेमिंग को जाता है।
  • चेचक का टीका एडवर्ड जेनर द्वारा खोजा गया ।

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