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एंटीटी रिलेशनशीप मॉडल {Entity Relationship Data Model }

परिचय डाटा मॉडलः- एंटीटी रिलेशनशीप मॉडल   रीयल वर्ल्ड (डाटा) के नियमों पर आधारित होता है जो बेसिक ऑब्जेक्ट्स के सेट जिन्हें एंटीटीज् कहते हैं और इन ऑब्जेक्ट के बीच संबंधों से निर्मित होता हैे।
एंटीटी रिलेशनशीप मॉडल मॉडल के घटक तत्वः-

एंटीटीः-

एंटीटी रीयल वर्ल्ड में कोड व्यक्ति, स्थान, वस्तु, घटना या अवधारणा होती है, जो अन्य सारे ऑब्जेक्ट् से भिन्न होती है। एंटीटी में प्रोपटीज का सेट होता है और प्रोपटीज के कुछ सेट की वेल्यू विशिष्ट तरीके से एंटीटी की पहचान कर सकती है। एटीटी, एट्र्ीब्यूट्स के सेट से दर्शाई जाती है। प्रत्येक एट्र्ीब्यूट के लिये स्वीकार्य वेल्यूज का सेट होता है, जिसे डोमेन या उस एट्र्ीब्यूट का वेल्यू सेट कहते हैं। इनमें से प्रत्येक प्रकार की एंटीटी के उदाहरण इस प्रकार है।
व्यक्तिः- शहर, राज्य, देश
स्थानः- मशीन, इमारत, ऑटोमोबाईल
घटनाः- विक्रय, पंजीयन, नवीनकरण
अवधारणाः- खाना, पाठ्यक्रम, वर्क सेंटर
एंटीटी सेटः-
एंटीटी सेट, एक ही प्रकार की एंटीटी का सेट होता है। इन एंटीटी की प्रापर्टी या Attribute समान होते हैं। एंटीटी सेट के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं-
किसी बैंक के ग्राहकों का सेट। इसे एंटीटी सेट कस्टमर के रूप में डिफाईन किया जा सकता है।
किसी बैंक विशेष द्वारा दिये गये सभी प्रकार के ऋण। इसे एंटीटी सेट लोन के रूप में डिफाईन किया जा सकता है।
स्ट्रांग एंटीटीः-
स्ट्रांग  एंटीटी सेट वह होता है, जिनका अस्तित्व अन्य सेट एंटीटी सेट्स से स्वतंत्र होता है। दूसरे शब्दों मे जिस एंटीटी सेट की प्रायमरी की होती है उसे स्ट्रांग एंटीटी सेट कहते हैं।
वीक एंटीटीः-
वीक एंटीटी वह होती है जिसका अस्तित्व किसी अन्य एंटीटी सेट पर निर्भर होता है। दूसरे शब्दों में ऐसा एंटीटी सेट जिसके पास प्रायमरी की बनाने के लिय पर्याप्त Attribute नहीं हो तो उसे वीक एंटीटी सेट कहते हैं।
AttributeAttribute को एंटीटी की प्रापर्टी या केरेक्टरस्टीक्स के रूप में डिफाईन किया जा सकता है। प्रत्येक एंटीटी सेट में इसके साथ जुडे एट्र्ीब्यूट का सेट होता हैं। नीचे कुछ आम एंटीटी सट इसके Attribute के साथ दिए गए हैं।

सिंगल और कंपोजिट एट्रीब्यूटसः-
एक सिंपल या एटॉमिक एट्रीब्यूटस वे होते हैं, जो छोटे सबपॉर्ट (उपहिस्सों) में नहीं तोडे जा सकते हैं। उदाहरण के लिए, एट्रीब्यूटस स्टूडेंट आई.डी को उपहिस्सों में नहीं विभाजित किया जा सकता है।
कंपाजिट एट्रीब्यूटस वे होते हैं, जिन्हे और छोटे हिस्सों में बॉंटा जा सकता है। उदाहरण के लिए एट्रीब्यूटस स्टूडेंट नेम को तीन उपभागों में विभाजित किया जा सकता है, प्रथम नाम, मध्य नाम, अंतिम नाम।
सिंगल वेल्यू और मल्टि वेल्यू एट्रीब्यूटस-
किसी एट्रीब्यूटस को सिंगल वेल्यू एट्रीब्यूटस कहते हैं, यदि इसमें केवल एक ही वेल्यू हो सकती है। उदाहरण एक अकाउंट बैलेंस में एक बार में एक ही वेल्यू हो सकती है। यह सिंगल वेल्यू एट्र्ीब्यूट का ही उदाहरण है।
किसी एट्रीब्यूटस को मल्टिवेल्यू एट्रीब्यूटस तब कहते हैं, जब इसमें एक से ज्यादा वेल्यू संभव है। उदाहरण के लिए, एक एंटीटी स्टूडेंट की कई मल्टी वेल्यू हॉबी एट्रीब्यूटस हो सकती है, जैसे पढना, संगीत सुनना, फिल्में देखना आदि।
स्टोर्ड एवं डिराईव एट्रीब्यूटसः-
  • एक एट्रीब्यूटस जो किसी एंटीटी के लिए एट्रीब्यूटस के रूप में पहले से मौजूद हो तो वह स्टोर्ड या बेस एट्रीब्यूटस कहलाता है।
  • ऐसा एट्रीब्यूटस जो किसी स्टोर्ड एट्र्ीब्यूट से लिया जाता है, जो पहले से एंटीटी के लिए मौजूद नहीं हो, तो इसे डिराईव एट्रीब्यूटस कहते हैं।
  • इस प्रकार के एट्रीब्यूटस की वेल्यू को अन्य संबंधित एट्रीब्यूटस या एंटीटी की वेल्यू से निकाला जा सकता है।

इसे निम्न उदाहरण से समझा जा सकता है- किसी कर्मचारी के कार्यकाल की गणना एंटीटी इम्प्लाई के एट्रीब्यूटस ज्वाईनिंग डेट से की जा सकती है। यहॉं ज्वाईनिंग डेट स्टोर्ड या बेस एट्र्ीब्यूट है। यह एंटीटी इम्प्लाई के एट्रीब्यूटस में से एक है और इम्प्लाईमेंट ड्यूरेशन (कार्यकाल) डिराईव्ड एट्र्ीब्यूट है, क्योंकि इसे कर्मचारी के ज्वाईनिंग डेट एट्र्ीब्यूट से निकाला गया है। इम्प्लायमेंट ड्यूरेशन एंटीटी इम्प्लाई का एट्र्ीब्यूट नहीं है।
नल एट्रीब्यूटसः
 एट्रीब्यूटस जिसमें नल वेल्यू हो सकती है, नल एट्र्ीब्यूट कहलाता हे। नल वेल्यू का उपयोग तब किया जाता है, जब एंटीटी के पास एट्रीब्यूटस के लिए नहीं होती है।
उदाहरण के लिए किसी एंटीटी इम्प्लाई के एट्रीब्यूटस फोन नंबर में वेल्यू हो भी सकती है और नहीं भी हो सकती है। सभी कर्मचारियों के पास फोन हो, यह जरूरी नहीं। यहॉं नंबर नल एट्रीब्यूटस है।
रिलेशन (या टेबल)
रिलेशन या टेबल इन शब्दावलियों का उपयोग अदल-बदलकर किया जा सकता है। प्रत्येक रिलेशन, नेम्ड कॉलम के सेट से बना होता है। एट्र्ीब्यूट रिलेशन का नेम्ड कॉलम है। रिलेशन की प्रत्येक रो उस रेकॉर्ड से संबंधित होती है, जिसमें सिंगल एंटीटी के लिए डाटा एट्र्ीब्यूट वेल्यूज होती है। अर्थात एक एन्टिटी टाइप के बीच एसोसिएशन को रिलेशनशीप कहा जाता है।
रिलेशनशीप सेटः-
रिलेशनशीप कई एंटीटीज के बीच साईदारी होती है। रिलेशनशीप वह गोंद है, जो म्त् मॉडल के विभिन्न तत्वों को जोडे रखती है।
रिलेशनशीप सेट एक ही प्रकार के रिलेशनशीप का सेट होता है।
उदाहरण के लिए कोई भी ग्राहक बैंक द्वारा दिया जाने वाला किसी प्रकार का लोन (बिजनेस लोन, पर्सनल लोन, होम लोन) ले सकता है। इसलिए ग्राहक और उनके द्वारा लिए लोन के बीच सारी रिलेशनशीप कुल मिलाकर रिलेशनशीप सेट कहलाएगी।
रिलेशनशीप की डिग्रीः-रिलेशनशीप की डिग्री, एंटीटी टाईप्स की वह संख्या है, जो रिलेशनशीप में भागीदार है। म्.त् मॉडल में तीन आम रिलेशनशीप हैं।
  • यूनरी रिलेशनशीप
  • बायनरी रिलेशनशीप
  • टर्नरी रिलेशनशीप

यूनरी रिलेशनशीपः- यूनरी रिलेशनशीप, सिंगल एंटीटी टाईप के इंस्टंस के बीच रिलेशनशीप होती है।

बायनरी रिलेशनशीपः- बायनरी रिलेशनशीप दो एंटीटी टाईप्स के इंस्टंसेस के बीच रिलेशनशीप हे और डाटा मॉडलिंग की यह सबसे आम प्रकार की रिलेश् है। निचे तीन उदाहरण दिए गए हैं। पहला वन-टू-वन यह दर्शाता है कि एक कर्मचारी को एक पार्किंग का स्थान असाईन किया गया है और प्रत्येक पार्किंग प्लेस एक कर्मचारी के नाम असाईड है। दूसरा वन-टू-मेनी यह बताता है कि प्रॉडक्ट लाईन में कई प्रॉडक्ट हो सकते हैं और प्रत्येक प्रॉडक्ट केवल एक प्रॉडक्ट लोईन से होता है। तीसरे मेनी-टू-मेनी उदाहरण में यह बताया गया है कि विद्यार्थी एक से अधिक पाठ्यक्रम में पंजयन करा सकते हैं और प्रत्येक पाठ्यक्रम में कई स्टूडेंट पंजयन कराने वाले हो सकते हैं। 
VuZjh fjys'ku'khi%& टर्नरी रिलेशनशीप तीन टाईप्स के इंस्टंसेस के बीच एक साथ रिलेशनशीप है। अर्थात तीन डिग्री वाले रिलेशनशीप को टर्नरी रिलेशनशीप कहा जाता है। 
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