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भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम से विगत वर्षों में सिविल सर्विसेज में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर

  • भारत के प्रथम अंतरिक्ष यान का नाम आर्यभट्ट था। जिसका सफल प्रक्षेपण तत्कालीन सोवियत संघ के बैकानूर अंतरिक्ष केन्द्र से 19 अप्रेल 1975 को इंटर कास्मॉस प्रक्षेपण यान द्वारा किया गया था।
  • जब कोई पदार्थ पृथ्वी के चारों और पृथ्वी की गति के समानुपाती उस गति से चलता है कि वह पृथ्वी पर स्थित किसी स्थान से निश्चित दूरी बनाए रखता है तो यह भूस्थैतिक स्थिति कहलाती है।
  • संचार उपग्रह इक्जोस्फियर अर्थात बहिर्मंडल मंे होते हैं।
  • भारत का प्रथम रिमोट सेंसिग सेैटेलाईट आई.आर.एस.-1 ए बैकानूर अंतरिक्ष केन्द्र से 17 मार्च 1988 को छोड़ा गया था।
  • इसरो का मास्टर कंट्रोल सेंटर हासन कर्नाटक में स्थित है।
  • चंद्रयान 8 नंवबर 2008 को चंद्र कक्ष में पहुंचा था।
  • केरल प्रांत की राजधानी तिरूवनंतपुरम मंे थुम्बा रॉकेट प्रक्षेपण केन्द्र स्थित है।
  • श्रीहरिकोटा आंध्रपेदश राज्य में पुलिकट झाील के निकट स्थित है।
  • क्रायोजेनिक ताप से आश्य बहुत कम ताप से है। यह ताप -150 डिग्री सेल्यिस से कम होता है।
  • निम्नतापी इंजनो का उपयोग रॉकेट पद्यौगिकी में किया जाता हैं
  • भारत द्वारा शैक्षिक सेवाओं के लिए एजुसैअ उपग्रह 29 सितंबर 2004 को इसरो से प्रक्षेपित किया था।
  • कृत्रिम उपग्रह में विद्युत उर्जा का स्त्रोत सौर सेल होता है।
  • इसरो का सौवा 100वां स्पेस मिशन सितंबर 2012 में श्रीहरिकोटा आंध्रपदेश से छोड़ा गया था।
  • अंतरिक्ष यात्री का आकाश काले रंग का वायुमंडल की अनुपस्थिति के कारण दिखाई देता है।
  • भारत के चंद्रमिशन को चंदयान-1 नाम दिया गया है।
  • अंतरिक्ष यान प्रचालन का एम.सी.एफ. मास्टर कंट्रोल फेसिलिटी का मुख्यालय हासन कर्नाटक में है।
  • भारत के पहले मौसम अनुसंधान उपग्रह मेटसेट को वर्ष 2003  में कल्पना-1 नाम दिया गया है।
  • चंद्रमा से आने जाने के दौरान अधिकतर्म इंधन पृथ्वी पर पुनः प्रवेश करने और हल्का-हल्का उतरने पर पृथ्वी के गृरूत्व को पार करने में लगता है।
  • इसरो की स्थापनाा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति को पुनर्गठित कर 1969 में की गई थी।

प्रमुख अंतरिक्ष मिशन

मिशन-कैसिनी होयगेन्स मिशन 1997
लॉच किया गया- नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और इतालवी अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा।
प्रयोजन- शनि के वायुमंडल का अध्ययन बकरने के लिए।
मिशन- न्यू होराइजन्स मिशन 2006
लॉच किया गया - नासा द्वारा
प्रयोजन- प्लूटो सिस्टम और अन्य काइपर बेल्ट के ऑब्जेक्टस का अध्ययन करने के लिए।
मिशन-केप्लर मिशन 2009
लॉच किया गया - नासा द्वारा
प्रयोजन- पृथ्वी के आकार के ग्रहों और उसकी परिक्रमा करने वाले सितारों का अध्ययन करने के लिए।
मिशन जूनों- 2011
लॉच किया गया - नासा द्वारा
प्रयोजन- बृहस्पति ग्रह का अध्ययन करने के लिए।
मिशन- क्यूरिओसिटी रोवर 2011
लॉच किया गया - नासा द्वारा
प्रयोजन-मंगल की जलवायु ओर वहां की आवास की संभावना का अध्ययन करने के लिए।
मिशन- मंगल आर्बिटर मिशन 2013
लॉच किया गया- इसरो द्वारा
प्रयोजन- मंगल ग्रह की परिक्रमा के लिए
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