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मध्यप्रदेश के उद्योगों का विवरण, मध्य प्रदेश मे खनिज सम्पदा ( Industries and Mineral in Madhya Pradesh}

मध्यप्रदेश के उद्योगों का विवरण
  • मध्यप्रदेश में सर्वप्रथम उद्योग नीति 1 अप्रैल 2004 का घोषित की गई। यह नीति उद्योग मि. के नाम से जानी जाती है।
  • वर्तमान में उद्योग नीति 2014 प्रचलित है।
  • राज्य में सर्वाधिक हाइड्रेन जल पंप खरगौन जिले में हैं।
  • म.प्र. उद्योग निगम द्वारा राज्य  के भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, आदि जिलों में मृगनयनी एम्पोरियम चलाया जाता है।
  • म.प्र. में बॉक्साइट का खनन सर्वप्रािम कटनी में 1908 में हुआ।
  • एचवीजे गैस लाईन पर आधारित पेट्रोकेमिकल्स कॉम्पलेक्स तथा नाइट्रोजन उर्वरक संयत्र गुना जिले के विजयपुर में अमेरिका तथा इटली के सहयोग से स्थापित किया गया है।
  • म.प्र. में एकमात्र घड़ी (एमएमटी) कर कारखाना बैतूल जिले में है।
  • राज्य में दियासलाई के डिब्बे का कारखाना ग्वालियर में है।
  • वर्तमान समय में राज्य में चीनी मिलें बनलाई, डबरा, सीहोर, दालौदा, जावरा, कैलारस, महीदपुर, व उज्जैन में स्थित हैं।
  • प्रदेश में कृत्रिम रेशे बनाने का सबसे बड़ा केन्द्र नागदा (उज्जैन) में है।
  • वाहन कलपुर्जा उद्योग के कारण धार जिले के पीथमपुर को भारत का डेट्राइट कहा जाता है।
  • उमरिया में लाख बनाने का सरकारी कारखाना है।
  • सागर जिले के बीना में ओमान के सहयोग से तेलशोधन संयत्र स्थापित किया गया है।
  • राज्य में बीड़ी उद्योग का प्रमुख केन्द्र जबलपुर है।
  • निजी क्षेत्र का कागज कारखाना ओरिएण्ट पेपर मिल अमलाई शहड़ोल में है।
  • कास्टिक सोड़ा का कारखाना अमलाई, नेपानगर, व नागदा में है।
  • पीतल के बर्तनों का उद्योग ग्वालियर, इंदौर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, व बालाघाट में है।
  • टाटा समुह का चमड़ा काम्पलेक्स देवास में है।
  • इंडस फूड पार्क इंदौर में है।
  • मध्यप्रदेश का अधिकतम विकसित उद्योग क्षेत्र पश्चिमी मालवा इंदौर, देवास, उज्जैन, रतलाम, भोपाल है।
  • मध्यप्रदेश का पहला ड्रायपोर्ट मांगलिया इंदौर है।
  • एल्केलाइड फैक्ट्री नीमच में है यह वित्त मंत्रालय के अधीन है।
  • दतिया जिले के भांडेर में गैस आधारित पहला विद्युत गृह स्थापित किया गया है।
  • भारत सरकार द्वारा पीथमपुर (धार) में निर्यात संवर्धन औद्योगिक पार्क की स्थापना की गई है।
मध्य प्रदेश मे खनिज सम्पदा
  • खनिज सम्पदा की द्रष्टि  से मध्य प्रदेश राष्ट्र की आठ खनिज संपन्न राज्यों में से एक है।
  • प्रदेश में वर्तमान में 20 प्रकार के खनिजों को उत्पादन किया जा रहा है।
  • मध्य प्रदेश में खनिज नीति 1995 में घोषित की गई।
  • मध्य प्रदेश राज्य खनिज निगम 1962 में स्थापना की गई।
  • प्रदेश मेें  शहडोल जिले में स्थित सोहागपरु क्षेत्र कोयला क्षेत्र का सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र है।
  • प्रदेश के बालाटा की बैहर तहसील में मलाजखण्ड में 170 मीटर लम्बी 20 मीटर चौड़ी पट्टी है जो उच्च कोटि के तॉबे का भण्डार है।
  • मध्यप्रदेश को देश में कुल तॉबा उत्पादन का 22 प्रतिशत होता है।
  • म.प्र. हीरा का एकमात्र उत्पादक राज्य है। पन्ना जिले के मझगॉव मेें।
  • सिंगरौली जिे के पीपर परकोटा में कोरण्डम पाया जाता है जो एल्यूमिनियम का अयस्क है।
  • सोहागपुर कोयला क्षेत्र में शहड़ेाल में कोलवेड मीथेन के भंडार रिलायंस इंडस्ट्री को प्राप्त हुए हैं।
  • छतरपुर के अंगोर क्षेत्र में सोने के भंडार प्राप्त हुए हैं।
  • पन्ना में 10002 कि.मी. क्षेत्र में 1334.35 हजार कैरेट हीरे के संरक्षित भण्डार हैं।
  • स्लीमनाबाद कटनी में मार्बल हब में स्टोनपार्क प्रस्तावित है।
  • एबेस्टस खनिज झाबुआ में पाया जाता है।
  • ग्रेफाइट खनिज बैतूल में  पाया जाता है।
  • सिलेमेनाइट खनिज रीवा और सीधी में  पाया जाता है।
  • सुरमा खनिज जबलपुर में पाया जाता है।
  • स्लेट खनिज मंदसौर में पाया जाता है जो देश मेें शीर्ष स्थान पर है।
  • रॉक फास्फेट खनिज का उपयोग सुपर फास्फेट उर्वरक बनाने में किया जाता है। जो प्रदेश के झाबुआ, छतरपुर और सागर में उत्नखनित किया जा रहा है। 
  • भारत में सबसे बड़ी भूमिगत व यंत्रीकत कोयला खान कोरबा छत्तीसगढ़ में है।
  • संसाधन की दृश्टि से उड़ीसा की कोयला खदानों में सर्वाधिक कोयला है।
  • प्रदेष में चूना पत्थर का प्रमुख केन्द्र कटनी, मुड़वारा क्षेत्र , कैमूर हैै।
  • अभ्रक के उत्पादन में भारत का विश्व में प्रथम स्थान है। प्रदेष में ग्वालियर के कड़प्पा शैलों, छिंदवाड़ा व झाबुआ में अल्प मात्रा में होता है।

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