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मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान,म.प्र. के राष्ट्रीय उद्यान एवं अभ्यारण स्मरणीय तथ्य { National Park of MP, Project Tiger in MP, Fact of National Park and Sanctuaries }

मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान
मध्य प्रदेश मे कुल 11 राष्ट्रीय उद्यान हैं जिसमे से 6 प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल हैं।  
  1. कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान- मंडला
  2. पन्ना राष्ट्रीय राष्ट्रीय उद्यान- पन्ना
  3. सतपुड़ा- होशंगाबाद
  4. बांधवगढ़- उमरिया
  5. माधव राष्ट्रीय उद्यान- शिवपुरी
  6. पेंच राष्ट्रीय उद्यान- सिवनी, छिंदवाड़ा
  7. जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान- डिंडोरी
  8. संजय राष्ट्रीय उद्यान- सीधी
  9. वन विहार- भोपाल
  10. ओंकारेश्वर राष्ट्रीय उद्यान - खंडवा
  11. डायनासोर जीवाश्म उद्यान- धार
प्रोजेक्ट टाईगर के अंतर्गत म.प्र के राष्ट्रीय उद्यान
  1. कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान जिला मंडला (1973)
  2. बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान उमरिया (1993)
  3. पन्ना राष्ट्रीय उद्यान पन्ना/छतरपुर (1995)
  4. सतपुडा राष्ट्रीय उद्यान होशंगाबाद
  5. पेंच राष्ट्रीय उद्यान सिवनी, छिंदवाड़ा (1992)
  6. संजय राष्ट्रीय उद्यान
कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान-
  • यह मण्डला जिला में स्थित है।
  • 1933 में अभ्यारण, 1955 में  प्रदेश का पहला राष्ट्रीय उद्यान बना।
  • 1974 में  प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल किया गया।
  • यह राष्ट्रीय उद्यान  हालो और बंजर घाटी के बीच में है।
  • क्षेत्रफल 940 वर्ग किलोमीटर है।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान  है।
पन्ना राष्ट्रीय राष्ट्रीय उद्यान- 
  • यह राष्ट्रीय उद्यान पन्ना और छतरपुर जिले में आता है।
  • 1981 में राष्ट्रीय उद्यान बना।
  • क्षेत्रफल 543 वर्ग कि.मी. है।

सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान-
  • यह राष्ट्रीय उद्यान होशंगाबाद जिले में स्थित है।
  • क्षेत्रफल 525 वर्ग कि.मी. है।
  • इस राष्ट्रीय उद्यान म्रग कृष्ण मृगों की बहुतायत ै।

बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान-
  • मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित है।
  • इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना में स्थापना हुई।
  • 1993 में प्रोेजेक्ट टाइगर में 1993 में शमिल हुआ।
  • क्षेत्रफल 437 वर्ग कि.मी. है।
  • यह राष्ट्रीय उद्यान 32 पहाडि़यों से घिरा हुआ है।
  • बाघ की दृष्टि से सर्वाधिक घनत्व बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में है।

माधव राष्ट्रीय उद्यान-
  • यह राष्ट्रीय उद्यान शिवपुरी जिले मेें है।
  • 1958 में इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई।
  • क्षेत्रफल 337 वर्ग कि.मी. है।
  • आगरा मुम्बई एन.एच. 03 राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है।
  • जार्ज कैसल नामक भवन इसी राष्ट्रीय उद्यान में है।

पेंच राष्ट्रीय उद्यान (इंदिरा प्रियदर्शनी उद्यान)-
  • यह राष्ट्रीय उद्यान सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत आता है।
  • 1975 में  स्थापित 1992 में राष्ट्रीय उद्यान बना।
  • क्षेत्रफल 293 वर्ग कि.मी. है।
  • इसी राष्ट्रीय उद्यान में मोगली लैंड हैं।
जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान (काष्ठ जीवाश्म)-
  • यह राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के डिंडोरी  जिले में स्थित हैं
  • 1968  स्थापना वर्ष है।
  • क्षेत्रफल 0.27 वर्ग कि.मी. है। क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान है।
  • भारत में कुल 4 फॉसिल उद्यानों में  से यह एक है।

संजय राष्ट्रीय उद्यान (डुबरी)-
  • यह प्रदेश के सीधी जिले में स्थित हैं
  • क्षेत्रफल 466.7 वर्ग कि.मी. है।
  • इसका कुछ भाग छत्तीसगढ़ जिले में है।
  • इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1981 में हुई।

वन विहार-
  • यह राष्ट्रीय उद्यान भोापाल में है।
  • 1979 में राष्ट्रीय उद्यान बना।
  • क्षेत्रफल 4.49 वर्ग कि.मी. हे।

ओंकारेश्वर राष्ट्रीय उद्यान-

  • यह खंडवा जिले में स्थित है।
  • 2004 में स्थापना हुई।

बाग जीवाश्म उद्यान-
  • यह प्रदेश के धार जिले में स्थित हैं
  • 2010 में स्थापना हुई।
  • डायनासोर के जीवाश्म से संबंधित राष्ट्रीय उद्यान है।
म.प्र. के राष्ट्रीय उद्यान एवं अभ्यारण स्मरणीय तथ्य
  • म.प्र. को टाईगर स्टेट कहा जाता है।
  • मध्य प्रदेश में 11 राष्ट्रीय उद्याान तथा 31 से अधिक राष्ट्रीय अभ्यारण हैं। 
  • मध्य प्रदेश के 6 राष्ट्रीय उद्यान प्रोजेक्ट टाईगर के अंतर्गत शामिल हैं।
  • वन्य जीव अभ्यारण रातापानी प्रोजेक्ट टाईगर में शामिल है।
  • म.प्र. का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान कान्हा किसली क्षेत्रफल 940 वर्ग कि.मी. है।
  • म.प्र. का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान जीवाश्म राष्ट्रीय उद्याान है। जिसका क्षेत्रफल 0.27 वर्ग कि.मी. है।
  • देश में राष्ट्रीय उद्यानों एवं अभ्यारणों की दृष्टि से प्रथम स्थान है।
  • विश्व में प्रोजेक्ट टाइगर के जन्मदाता गेनी मेनफोर्ड है, जबकि भारत में इसके जन्मदाता कैलाश सांखिल्य है। 
  • म.प्र. का सबसे बडा  अभ्यारण नौरादेही सागर में जो 1194.670 वर्ग किमी. है।
  • सबसे छोटा अभ्यारण रालामण्डल है। 
  • खरमौर पक्षी के संरक्षण के लिए सरदारपुर (धार), सौलाना (रतलाम) अभयारय हैं।
  • लुप्तप्राय सोन चिडिया के संरक्षण के लिए करेरा (शिवपुरी) घटीगॉव (ग्वालियर) अभयारण्य है।घडियाल के संरक्षण के लिए चम्बल (मुरैना), केन (छतरपुर) सोन (शहडोल) अभयारण्य हैं।
  • पालनपुर कुनो (मुरैना) अभ्यारण में गिर राष्ट्र्ीय उद्यान (गुजरात) से एशियाई शेरों (बब्बर) को स्थानांतरण करने का प्रस्ताव है।
  • बांधवगढ राष्ट्रीय उद्यान सफेद शेरों के लिए प्रसिद्ध है।
  • पन्ना स्थित अभ्यारण जंगली भैसा के लिए राष्ट्र्ीय उद्यान हेतु प्रस्तावित है।
  • प्रदेश का एकमात्र सर्प उद्यान भोपाल में है।
  • प्रदेश में दुर्लभ प्रजाति ब्रेेडरी का बारहसिंग प्रदेश के एकमात्र राष्ट्र्ीय उद्यान कान्हा किसली में पाया जाता है।
  • बांधवगढ राष्ट्रीय उद्यान सर्वाधिक घनत्व वाला (शेरों की दृष्टि से) उद्यान है जिसमें प्रत्येक 8 वर्ग कि.मी. पर एक शेर पाया जाता है।
  • म.प्र. के पन्ना रेप्टाइल पार्क है जो प्रदेश में सर्वाधिक है।
  • म.प्र. के कान्हा किसी राष्ट्रीय उद्यान में ’हालोघाटी’ तथा बंजर घाटी स्थित है।
  •  रीवा जिले के मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी का निर्माण किया जा रहा है।
  • राजकीय पक्षी ’दूधराज’ के संरक्षण हेतु सरदारपुर अभ्यारण्य है।
  • केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा पंचमढी को ’बायो स्फेयर’ रिजर्व क्षेत्र घोषित किया गया है। यह म.प्र. का पहला तथा देश का दसवा बायोस्फेयर रिजर्व होगा।
  • सबसे अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने वाले कान्हा किसली राष्ट्र्ीय उद्यान हैं
  • वन्य प्राणी संरक्षण के लिए ’कान्हा किसली राष्ट्र्ीय उद्यान’ में प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। 
  • वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत् 1997 से प्रदेश के सभी टाइगर प्रोजेक्ट में टाइगर फाउण्डेशन सोसायटी की स्थापना की गयी है। 
  • म.प्र. सरकार ने 1 नवम्बर 1981 को बारहसिंगा हिरण को राज्य पशु तथा ’दूधराज’ या शाह बुलबुल (पैराडाइज फ्लाईकेचर) को राज्य पक्षी घोषित किया है।
  • म.प्र के कान्हा किसली तथा बांधवगढ राष्ट्रीय उद्यानों को जंगल गलियारा योजना के तहत् जोडने का प्रस्ताव है।
  • भोपाल का वन विहार राष्ट्रीय उद्यान एक अनोखा राष्ट्र्ीय उद्यान है, जिसे आधुनिक चिडियाघर के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।
  • गिद्ध प्रजाति के संरक्षण हेतु प्रोजेक्ट अस्तित्व गॉंधी सागर अभ्यारण्य में शुरू किया गया है।
  •  म.प्र. का पेंच राष्ट्रीय उद्यान-इंदिरा गॉधी प्रियदर्शनी राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना जाता है।
  • माधवगढ राष्ट्रीय उद्यान शिवपुरी में एक पहाडी के शिखर पर ’जार्ज कैसल’ नामक एक भव्य-भवन बना हुआ है।
  • म.प्र. के राष्ट्रीय उद्यानों में सर्वाधिक पाया जाने वाला पशु चीतल है
  • संजय अभ्यारण का पुराना नाम डुबरी अभयारण्य है।
  •  बांधवगढ राष्ट्रीय उद्यान 32 पहाडियों से घिरा है।
  •  सतपुडा राष्ट्रीय उद्यान में कृष्ण मृगों की बहुतायत है।
  • भारत का सबसे छोटे पक्षी फुलचुकी एवं सबसे ऊॅंचा पक्षी सारस दोनों म.प्र. में पाये जाते है।
  • कान्हा क्षेत्र 1933 में अभ्यारण व 1955 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया।
  • प्रोजेक्ट टाइगर का आरम्भ सर्वप्रथम म.प्र0 कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से हुआ।
  • रीवा जिला सफेद बाघ के लिए प्रसिद्ध है।
  • प्रदेश का प्रथम जीवाश्म उद्यान डिण्डौरी में स्थित है
  • प्रदेश में प्रोजेक्ट एलीफेंट व प्रोजेक्ट हगल भी चल रहे हैं।
  •  म.प्र के कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान में अमेरिका का नेशनल पार्क सर्विस  के सहयोग से पार्क इण्टरप्रिटेशन योजना लागू की गई है।
  • सिरपुर तालाब इन्दोैर को पक्षी विहार की मंजूरी 2012 में मिली है ।

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