मध्यप्रदेश के प्राचीन जनपद एवं वर्तमान क्षेत्र,मध्यपद्रेश के नगरों के नवीन नाम एवं प्राचीन नाम,मध्यप्रदेश के विभिन्न नगरों के संस्थापक ,मध्यप्रदेश के नगरों/ स्थलों की प्रसिद्धि के कारण,मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध नगर व स्थलों के उपनाम

मध्यप्रदेश के प्राचीन जनपद एवं वर्तमान क्षेत्र

  • अवन्तिका- उज्जैन क्षेत्र
  • वत्स- ग्वालियर एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्र
  • अनूप- निमाड़ क्षेत्र
  • तुडींकर- दमोह क्षेत्र
  • दशार्ण- विदिशा क्षेत्र
  • चेदी- खजुराहो क्षेत्र
  • नलपुर- नरवर क्षेत्र
  • पीतनगर- खरगोन

मध्यपद्रेश के नगरों के नवीन नाम एवं प्राचीन नाम 

  • इंदौर- इन्द्रपुर  इन्दूर
  • ग्वालियर- गोपांचल
  • भोपाल- भोजपाल, भूपाल
  • उज्जैन- आवन्तिका, उज्जयिनी
  • मंदसौर- दशपुर
  • दतिया- दिलीपनगर
  • धार- धारानगरी
  • विदिशा- भेलसा/बेसनगर
  • नरवर- नलपुर
  • महेश्वर- महिष्मती
  • आजाद नगर- भाबरा
  • डा. भीमराव अम्बेड़कर नगर- महू
  • माण्डू- शादियाबाद, माण्डवगढ़
  • सांची- काक नाद
  • जबलपुर- त्रिपुरी
  • बुरहानपुर- खानदेश
  • अनूप- निमाड़
  • ग्वालियर-वत्स
  • जेजाकभुक्ति- खजरुवाहक
  • मंडला- गोंडवाना
  • कटनी- मुड़वारा
  • सिरपुर-श्रीपुरी
  • दतिया-दिलीपनगर
  • नरवर-नलपुर
  • विदिशा- रेवा/भाथा
  • सोहागपुर- विश्वपुरी
  • पचमढ़ी- पंचालगढ़
  • खजुराहो- जेजाकभुक्ति
  • निमाड़- अनूप
  • दमोह- तुंडीकर
  • शाजपुर- शजहांपुर
  • सिहोर- निजामत ए मश्रीक

मध्यप्रदेश के विभिन्न नगरों के संस्थापक

  1. माण्डू राजपूत राजा माण्डव ने छठी शताब्दी में स्थापना की थी।
  2. ग्वालियर राजा सूरजसेन ने छठीं शताब्दी में स्थापना की थी।
  3. होशंगाबाद होशंगशाह ने 10वीं शताब्दी में स्थापना की थी।
  4. भोपाल राजा भोजपाल ने 11वीं शताब्दी में स्थापना की थी।
  5. खजुराहो चंदेल राजा ने ने 11वीं शताब्दी में स्थापना की थी।
  6. जबलपुर राजा मदनशाह ने 1116 ई. में स्थापना की थी।
  7. बुरहानपुर  फारूकी राजाओ ने 16वी शताब्दी में स्थापना की थी।
  8. सांची सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में स्थापना की थी।

मध्यप्रदेश के नगरों/ स्थलों की प्रसिद्धि के कारण

  • महेश्वर- साडि़यॉ, अहिल्या किला
  • माण्डू- खूबसूरत महलोें के कारण
  • उज्जैन- महाकाल का मंदिर, जंतर मंतर, सिंहस्थ मेंला, कालियादेह
  • भोपाल- राजधानी, झीलें
  • इंदौर- उद्योग नगरी
  • खजुराहो- कलात्मक मंदिरों के कारण
  • मलाजखंड- तॉबें की खदानों के कारण
  • पचमढ़ी- एकमात्र हिलस्टेशन
  • सॉची- बौद्ध स्तूप
  • मंदसौर- पशुपतिनाथ का मंदिर
  • नेपानगर- कागज कारखाना
  • इटारसी- रेलवे जंक्शन
  • रीवा- सफेद शेर
  • ग्वालियर- किला व मंदिर, जिब्राल्टर ऑफ इंडिया
  • चंदेरी- किला एवं साडि़यां
  • बावनगजा बड़वानी- आदिनाथ की 52 गज की मूर्ति
  • ओंकारेश्वर- ज्योतिर्लिंग
  • देवास- बैंक नोट प्रेस
  • अमलाई- पेपर मिल
  • खरगोन - सिंगाजी को मेला, कालुजी का मेला ( खरगोन के पिपल्या खुर्द मे)
  • खरगोन- सफेद सोना कपास के कारण
  • भीमबेटका- प्राचीन शैलचित्र
  • सिंगरौली- कोयला खदानें
  • पन्ना- हीरा की खदानें
  • भेड़ाघाट- संगमरमर की चट्टाने
  • सतना- भरहुत स्तुप
  • धार- बाघ की गुफाए

मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध नगर व स्थलों के उपनाम 

  • 1) ग्वालियर - तानसेन नगरी
  • 2) ग्वालियर - पूर्व का जिब्राल्टर
  • 3) भिंड-मुरैना - बागियों का गढ़
  • 4) भोपाल - झीलों की नगरी
  • 5) इन्दौर - मिनी मुम्बई
  • 6) इन्दौर - कपडों का शहर
  • 7) इन्दौर - अहिल्या नगरी
  • 8) उज्जैन - महाकाल की नगरी
  • 9) उज्जैन - मंगल ग्रह की जन्मभूमि
  • 10) उज्जैन - मन्दिरों का शहर
  • 11) उज्जैन - पवित्र नगरी
  • 12) जबलपुर - मार्वल सिटी
  • 13) माण्डू - आनन्द नगरी
  • 14) माण्डू - महलों की नगरी
  • 15) खजुराहो - शिल्पकला का तीर्थ 
  • 16)साँची - बौद्ध जगत की पवित्र नगरी
  • 17) बालाघाट - मैंगनीज नगरी
  • 18) कटनी - चूना नगरी
  • 19) मालवा - गेंहू का भण्डार
  • 20) मैहर - संगीत नगरी
  • 21) पचमढी - पर्यटकों का स्वर्ग
  • 22) पन्ना - डायमंड सिटी
  • 23) खण्डवा-खरगौन - सुनहरे जिले
  • 24) रीवा - सफेद शेरों की भूमि
  • 25) सिवनी - म. प्र. का लखनऊ
  • 26) पीथमपुर - भारत का डेट्राइट
  • 27) सागर - म.प्र. का स्विट्जरलैंड
  • 28) भोजपुर - म.प्र. का सोमनाथ
  • 29) धार - भोजनगरी 
  • 30) पेंच - म.प्र. का मोगलीलेंड
  • 31) बेतबा नदी - म.प्र. की गंगा
  • 32) क्षिप्रा - मालवा की गंगा

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