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मध्यप्रदेश के प्राकृतिक अपवाह, मध्यप्रदेश की प्रमुख नहरें { Natural Runoff and Major Canal of Madhya Pradesh }

मध्यप्रदेश के प्राकृतिक अपवाह

  • भौगोलिक रचना के आधार पर मध्यप्रदेश को 6 नदी कछारों में बांटा गया है।
  • इन कछारों को अपवाह 305287 वर्ग किलोमीटर में विस्तारित हैं
गंगा यमुना कछार- 
  • गंगा और यमुना न तो मध्यप्रदेश से उद्गमित होती हैं और न यहां बहती है।
  • इसके बाद भी गंगा और यमुना का संयुक्त नदी तंत्र राज्य को सबसे बड़ा नदी तंत्र है।
  • गंगा यमुना नदी तंत्र राज्य में 202070 वर्ग किलोमीटर मे फैला है।
  • गंगा कछार में राज्य के 30 जिले पूर्ण या आंशिक रूप से आते हैं।
  • गंगा कछार की प्रमुख नदियां- चंबल, सिंध, बेतवा, धसान, कुंवारी, टोंस,बीहर, सोन और जामनी हैं।
नर्मदा कछार- 
  • नर्मदा कछार राज्य का दूसरा बड़ा नदी तंत्र है।
  • यह राज्य में 85930 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
  • इस नदी तंत्र को पोषित करने वाली नदियां- शक्कर, दूधी, तवा, माचक, कुंडी, गोई, हिरन बारना, कोलार, जामनेर, हथनी आदि हैं।
गोदावरी कछार तंत्र-
  • यह राज्य में 633 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है।
  • गोदावरी कछार की नदियां- कन्हान, पेंच, बैनगंगा वर्धा।
ताप्ती कछार-
  • यह राज्य के कुल 9800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है.
  • ताप्ती इस कछार की सबसे बड़ी नदी है।
  • ताप्ती बैतूल जिले के मुलताई से उद्गमित होती हैं
  • इस नदी तंत्र की महत्वपूर्ण नदिया- पूर्णा, अनेर, अम्बोरा और कन्हार आदि हैं।
माही कछार
  • माही कछार राज्य के 6700 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र मंे विस्तारित है।
  • माही नदी राज्य के धार जिले से उद्गमित होती है।
  • इस तंत्र की प्रमुख नदिया- लरकी, अनास, और जम्मार आदि हैं।
महानदी कछार- 
  • यह मध्यप्रदेश का सबसे छोटा कछार है।
  • इस कछार का अधिकांश भाग छत्तीसगढ़ मे आता है।
  • इस कछार का क्षेत्रफल 154 वर्ग किलोमीटर है। जो राज्य के अनुपूर जिले मेें आता है।
  • इस कछार की नदी हसदेव है।
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मध्यप्रदेश की प्रमुख नहरें
मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है। प्रदेश के जी.डी.पी. में कृषि का योगदान 24.99 है। 

 हलाली नहर
  • यह नहर बेतवा नदी पर विदिशा जिले मे निर्मित की गई है।
  •  इससे विदिशा एवं रायसेन जिले का 73.5 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है।
 चम्बल नहर- 
  • यह नहर चम्बल नदी पर निर्मित की गई है।
  •  इससे प्रदेश के भिण्ड, मुरैना, शिवपुरी, मंदसौर, नीमच आदि जिलों की कुल 2.50 लाख हेक्टेयर भूमि को सिचित किया जाता है।
 तवा नहर
  •  यह नहर तवा नदी पर होशंगाबाद जिले मे निर्मित की गई है।
  •  इससे होशंगाबाद जिले की लगभग 03 लाख हेक्टेयर भूमि सिचित की जाती है।
 बारना नहर
  • यह रायसेन जिले की प्रमुख नहर है जो बारना नदी पर निर्मित की गई है।
  •  इससे रायसेन एवं सिहारे जिले का 64,400 हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है।
 बेन गंगा नहर
  •  यह बालाघाट जिले की प्रमुख नहर है जो बेनगंगा नदी से निकाली गई है।
  •  यह बालाघाट जिले की 4000 हेक्टेयर भूमि सिंचित करती है।
 देजला देवड़ा नहर-
 यह नहर कुंदा नदी पर खरगोन जिले मे निर्मित की गई थी।
 साटक नहर
यह नहर साटक नदी पर खरगोन जिले में निर्मित की गई है।
माही नहर
यह नहर माही नदी पर धर जिलें में निकाली गई है। इससे धर एवं झाबुआ जिले लाभान्वित होते है।
नर्मदा नहर
 नर्मदा नदी पर इससे खण्डवा, खरगोन, बड़वानी जिले लाभान्वित होते है।

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